गायत्री मंत्र का एक-एक अक्षर देव स्वरूप
राष्ट्रीय Feb 10, 2025 at 09:15 PM , 309लखीमपुर खीरी। जहां गायत्री यज्ञ होता है वहां गुरुदेव पं श्री राम शर्मा आचार्य स्वयं आते हैं। गायत्री मंत्र का एक एक अक्षर साक्षात देव स्वरूप होता है। इस लिए उसकी आराधना से उपासक का कल्याण ही होता है। गुरुदेव कहते हैं कि गायत्री यज्ञ को विश्व के घर घर में पहुंचा दो। नित्य गायत्री यज्ञ करने से प्रेम सेवा की भावना पैदा होती है। और सामाजिक पारिवारिक सुख शांति में वृद्धि होती है। उक्त विचार हैं श्री वेदमाता गायत्री प्रचार समिति के संस्थापक अध्यक्ष पं राजेश दीक्षित के जिन्होंने श्री वेदमाता गायत्री शक्तिपीठ नवीन प्रयाग मेंला शारदानगर वैराज पर हो रहे नौ कुंडीय गायत्री महायज्ञ कराते हुए कहे। महायज्ञ में पं बृजेन्द्र त्रिपाठी ने यज्ञ के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संस्कारों से बालक बालिकाओं के जीवन में प्रगति होती है और जीवन सुखमय बनता है।यज्ञ में मूंडन एवं दीक्षा संस्कार संपन्न हुए। महायज्ञ में सैकड़ों महिला पुरुष परिजनों ने यज्ञ भगवान को राष्ट कल्याण हेतु आहुतियां समर्पित किया। महायज्ञ में पं उपेंद्र मिश्रा ने यज्ञ की व्यवस्था के वारे में विस्तार से जानकारी दी। महायज्ञ में प्रज्ञा गीत संगीत दिया बाबू राम शाक्य व चन्नू दास की टोली ने। प्रज्ञा गीतों को सुनकर श्रोता भावविभोर हो गये। महायज्ञ का समापन माघी पूर्णिमा 12 फरवरी को भंडारे के साथ किया जाएगा।






























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