बैंकों के निजीकरण के विरोध में आर्यावर्त बैंक के कर्मचारी भी हड़ताल पर

जनपत की खबर , 1333

लखनऊ। बैंकों के निजीकरण के विरोध में सरकारी बैंकों के लाखों कर्मचारी सोमवार और मंगलवार को दो दिनों की हड़ताल पर चले गए हैं। अब 15 एवं 16 मार्च को दो दिन की हड़ताल का ऐलान किया है.। बैंक कर्मचारियों नें बैंकों के बाहर आकर  प्रदर्शन शुरू कर दिया है। कई बैंकों की ब्रांचों को बंद कर‍ दिया गया। इससे लेन देन का काम प्रभावित हो गया है। इस हड़ताल में ग्रामीण बैंक भी शामिल हो गए हैं। उन्होंने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर  सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।  सरकार हर दिन बैंकों के निजीकरण करने में जुटी है। इसके विरोध में फोरम ने 15 व 16 मार्च को दो दिन लगातार हड़ताल करने का फैसला किया है। वहीं हड़ताल कर रहे आर्यावर्त बैंक के कर्मचारियों ने बताया सरकारी बैंकों के निजीकरण की योजना तलक तत्काल वापस ली जाए ग्रामीण बैंकों में 11 वां वेतन समझौता आठवां जॉइंट नोट बिना किसी काट छांट के पूरी तरह लागू किया जाए। ग्रामीण बैंकों की सभी दीर्घ अवधि से लंबित मांगों को तत्काल निराकरण किया जाए । उन्होंने बताया देश की ग्रामीण निरक्षर और निर्धन जनता को सर्व सुलभ बैंकिंग सुविधा उपलब्ध कराने तथा उनकी आर्थिक स्थिति के उत्थान के लिए सरकारी बैंक समर्पित भाव से लगातार कार्य कर रही है जबकि प्राइवेट बैंक का हाल किसी से छुपा नहीं है जहां केवल पैसे वालों का ही स्वागत होता है इसलिए सभी संगठन निजीकरण के विरोध में आंदोलित है यूनाइटेड फोरम आफ आरआरबी यूिनयन के बैनर तले आर्यव्रत बैंक के हड़ताल कर रहे कर्मचारियों ने बताया कि 11 द्विपक्षीय वेतन समझौता आठवां जॉइंट नोट सभी सार्वजनिक बैंकों में तो लागू हो चुका है पर ग्रामीण बैंक अभी तक इससे वंचित है ..जबकि एनआईटी अवार्ड और सर्वोच्च न्यायालय के आदेश अनुसार यह ग्रामीण बैंकों में भी लागू हो जाना चाहिए.. इसके अलावा ग्रामीण बैंकों में प्रोन्नत नीति अनुकंपा नियुक्ति या मानव कार्यबल की आवश्यकता के अनुसार भारतीय दैनिक वेतन भोगियों का नियमितीकरण आदि लम्बे अरसे से अधर में लटका है .. केंद्र सरकार की उपेक्षा के कारण हर आपत्ति काल में मजबूती के साथ लगे रहने के बावजूद ध्यान न देने से ग्रामीण बैंक कर्मियों में जबरदस्त आक्रोश है इसी आक्रोश की चलते ग्रामीण बैंक कर्मी अपने संगठनों के आवाहन पर दिनांक पंद्रह और सोलह मार्च 2021 को हड़ताल पर रहने के लिए विवश हैं । आर्यव्रत बैंक की 26 जिलों में 1367 ब्रांच एवं 22 क्षेत्रीय कार्यालयों में पूर्ण रूप  तालाबंदी रही । इस अवसर पर धरना स्थान पर उपस्थित रहे चयन सिंह , रावत आनंद कुमार,  मुकेश गुप्ता , ओ एन टंडन , भोलेंद्र प्रताप सिंह, यश श्रीवास्तव, बिंदा प्रसाद , विमल शुक्ला , लोकेश लखरा,  रविंद्र कुमार,  प्रतीक श्रीवास्तव,  निश्चित निगम,  अभिषेक गुप्ता , अरुणा अरुणेश, नीतीश श्रीवास्तव, रवि श्रीवास्तव, शैलजा सिंह , लक्ष्मी शर्मा। गोरतलब हो कि मंगलवार को भी बैंक कर्मियों की हड़ताल जारी रहेगी। हड़ताल का सबसे अधिक प्रभाव सरकारी कामकाज पर होगा। क्योंकि अधिकतर सरकारी लेनदेन स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से ही होता है। शनिवार को और रविवार को अवकाश होने के कारण पहले ही बैंक बंद थे, इसलिये लोगों को बैंक संबंधी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्टेट बैंकों के माध्यम से अपने कारोबार के लिए लेन देन करने वाले व्यापारियों को भी दिक्कतें आ सकती हैं।

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