सीधे नहीं की जाएगी आयुष किशोर की गिरफ्तारी

हेडलाइंस , 547

लखनऊ। हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच के समक्ष राज्य सरकार ने आश्वासन दिया है कि आयुष किशोर के मामले में दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 41 ए तथा सर्वोच्च न्यायालय के दिशानिर्देशों का अनुपालन करते हुए, उसकी सीधे तौर पर गिरफ्तारी नहीं की जाएगी। सरकार के इस आश्वासन को रिकॉर्ड पर लेते हुए इस सम्बंध में दाखिल याचिका को निस्तारित कर दिया।
 
यह आदेश न्यायमूर्ति एआर मसूदी और न्यायमूर्ति आलोक माथुर की खंडपीठ ने भाजपा सांसद कौशल किशोर के पुत्र आयुष किशोर की याचिका पर दिया। याचिका में आयुष के खिलाफ मड़ियांव थाने में आईपीसी की धारा 120बी, 420 और 505(1)(बी) के तहत दर्ज एफआईआर को चुनौती दी गई थी। साथ ही अंतरिम राहत के तौर पर याची को फिलहाल गिरफ्तार न करने का आदेश देने की भी मांग की गई थी।

याचिका पर राज्य सरकार के अधिवक्ता का कहना था कि याची के खिलाफ लगी धाराओं के तहत सजा सात साल तक की ही है।लिहाजा उसकी सीधे गिरफ्तारी नहीं की जाएगी, बल्कि दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 41 ए व सर्वोच्च न्यायालय के दिशानिर्देशों का पालन किया जाएगा। कहा गया कि विवेचना में सहयोग के लिए याची को विवेचनाधिकारी नोटिस भेजेंगे।

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