उप मुख्यमंत्री, श्री केशव प्रसाद मौर्य ने ऑनलाइन माध्यम से सत्र मे जुड़कर सभी प्रतिभागियों को संबोधित किया।

जनपत की खबर , 181

लखनऊ:।

वाराणसी में आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय आजीविका समागम के अंतिम सत्र मे शनिवार को उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री, श्री केशव प्रसाद मौर्य  ने ऑनलाइन माध्यम से सत्र मे जुड़कर  सभी प्रतिभागियों को संबोधित किया। उन्होंने सर्वप्रथम ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार को धन्यवाद ज्ञापित किया कि राष्ट्रीय स्तर के इस महत्वपूर्ण आयोजन की ज़िम्मेदारी उत्तर प्रदेश को दी गयी तथा इसके लिए बाबा काशी विश्वनाथ की नगरी वाराणसी को यह अवसर दिया गया, जो माननीय प्रधानमंत्री जी का संसदीय क्षेत्र भी है। इसके उपरांत उन्होने, उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के सभी वर्गों के कर्मचारियों, एसएमएमयू,डीएमएमयू,बीएमएमयू को कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए बधाई दी और साथ ही एनआरएलएम के सभी प्रबन्धक, आयोजकों, कर्मचारियों एवं विभिन्न विभागों से आए हुए प्रतिभागियो के लगन की प्रशंसा की।
उप मुख्यमंत्री ने कहा,कि माननीय प्रधानमंत्री के नेतृत्व मे महिला सशक्तिकरण को एक नई दिशा मिली है, और साथ ही समूह की दीदियों द्वारा बनाए गए उत्पादों की उन्होंने प्रशंसा करते हुए उत्पादों की गुणवत्ता को एक नया मुक़ाम देने की बात कही। उन्होने 2047 तक भारत को विकसित भारत बनाने के लिए आजीविका मिशन को  और अधिक  मजबूत बनाने का सुझाव दिया ,जिसका केन्द्र बिन्दु ग्रामीण क्षेत्र एवं वहाँ की दीदीयों को बताया। उन्होने प्रदेश के किसानों द्वारा की जा रही खेती एवं समूहों द्वारा बनाए गए उत्पादों पर ध्यान केन्द्रित करने के लिए कहा ताकि हमे अन्य किसी पर निर्भर न होना पड़े। उन्होने उत्तर प्रदेश के मथुरा, अयोध्या,काशी व अन्य नगरों मे धार्मिक पर्यटन की प्रबल संभावनाओं के  दृष्टिगत इसमे  समूह की दीदीयों को जोड़े जाने पर बल दिया।
उन्होने दीदियों को और मजबूत बनाने एवं उनके द्वारा बनाए गए उत्पादों की गुणवत्ता पर और ध्यान केन्द्रित करने के लिए कहा ताकि पूरे देश की दीदियाँ 2025 के कुम्भ मेले के लिए तैयार हो सके और उनके उत्पादों को एक वृहद मार्केट मिल सके। 
इन्ही सुझावों के साथ उप मुख्यमंत्री ने सभी को हिन्दी दिवस की बधाई देते हुए मा0प्रधानमंत्री जी द्वारा भारत को न ई ऊंचाइयों पर ले जाने के लक्ष्यों की प्राप्ति की कामना के साथ सभी आयोजकों, प्रतिभागियों एवं समस्त संबन्धित को सफल भविष्य की शुभकामनाएं भी दी ।
इससे पूर्व समूहों के उत्पादों की ऑनलाइन बिक्री के लिए बनाए  गये पोर्टल ग्रीन क्राफ्ट का शुभारंभ किया गया । इसी क्रम मे अपर सचिव, श्री चरणजीत सिंह, ग्रामीण विकास मंत्रालय, ने ई-सरस पोर्टल के माध्यम से राज्यों द्वारा बनाये गए उत्पादों को हर राज्य मे उपलब्ध कराने पर जोर देते हुए यह सुझाव दिया कि आजीविका समागम को वर्ष मे दो बार आयोजित किया जाए l
उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के संयुक्त मिशन निदेशक जन्मेजय शुक्ला ने राष्ट्रीय मिशन प्रबंधन इकाई की सम्पूर्ण टीम एवं विभिन्न प्रदेशों के प्रतिभागियो को धन्यवाद दिया।

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