पेपर लीक आम होता जा रहा मेहनत करके भी सफल होने की कोई उम्मीद नहीं ...

जनपत की खबर , 1047

सरकार भले ही पेपर लीक की बात स्वीकार न करे लेकिन सारे बच्चे जिन्होंने NEET की परीक्षा में भाग लिया है, वह यह मानने को मजबूर हैं कि परीक्षा में जमकर धांधली हुई है आईएएस बनने के लिए होने वाली परीक्षा यूपीएससी सिविल सेवा का पेपर आउट नही होता है, तो फिर दूसरी परीक्षाओं का क्यों होता है ? क्या इसमें वह सिस्टम शामिल है, जो सरकार के समानांतर काम कर रहा है  ? क्या नकल माफिया शामिल है ? या सरकार खुद शामिल है या इसके लिए बच्चे स्वयं दोषी हैं, जिन्होंने अच्छे भविष्य का सपना देखा सवाल बहुत सारे हैं लेकिन किसी का कोई जवाब नही क्या सरकार सभी युवाओं को खाद्य सुरक्षा की गारंटी देने जा रही है वैसे अच्छा ही होता कम से कम पढ़ाई और भविष्य की चिंता से तो निजात मिल जाती  जब भी कोई पेपर आउट होता है तो पुलिस साल्वर टाइप के छोटे लोगो को गिरफ्तार करके अपनी पीठ थपथपा लेती है, लेकिन नकल का सिंडिकेट चलाने वालों पर कोई कार्रवाई नही होती है लगातार हो रही नवयुवकों की आत्म हत्या के लिए जिम्मेदार कौन है ? अब तो ऐसा लग रहा है कि बच्चों को परीक्षा की तैयारी करने के साथ धरना-प्रदर्शन की भी ट्रेनिंग लेनी चाहिए जिससे वे पेपर आउट होने के बाद अहंकारी सरकार के ध्यानाकर्षण हेतु प्रोटेस्ट कर सकें  सरकार से भरोसा उठना हताशा व निराशा के साथ-साथ व्यवस्था के खिलाफ विद्रोह के भाव आना भी खतरनाक संकेत हैं...

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