कला कक्ष संग्रहालय का निर्माण निर्धारित डिजाइन के अनुसार पूर्ण गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ पूर्ण किया जाए -राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल

जनपत की खबर , 199

राज्यपाल के समक्ष कलाकक्ष संग्रहालय में रखे जाने वाले आजादी के बाद के सिक्कों तथा पोस्टल स्टाम्प के संबंध में प्रस्तुतीकरण
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राजभवन कलाकक्ष में प्रदर्शित होंगे प्राचीन सिक्के एवं डाक

 लखनऊ : 06 जून, 2024
उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आंनदीबेन पटेल की अध्यक्षता में आज राजभवन में स्थित कलाकक्ष संग्रहालय में रखे जाने वाले आजादी के बाद के सिक्कों तथा पोस्टल स्टाम्प के संबंध में प्रस्तुतीकरण किया गया।
 इस अवसर पर राज्यपाल जी ने कहा कि राजभवन आज पिकनिक प्लेस बन चुका है। आज विभिन्न स्कूलों के बच्चों सहित बड़ी संख्या में जन सामान्य राजभवन भ्रमण पर आते हैं। इसलिए कला कक्षा में जो भी सिक्के अथवा डाक टिकट प्रदर्शित किया जाए उसके बारे में स्पष्ट रूप से लिखा जाना चाहिए, ताकि दर्शक उसकी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि से परिचित हो सकें। उन्होंने कहा कि हम सभी को अपने बच्चों को इस प्रकार के संग्रहालय का भ्रमण कराना चाहिए, इससे उनके मनोरंजन के साथ-साथ ज्ञानवर्धन भी होता है।
इस अवसर पर राज्यपाल जी ने निर्देश दिया कि कला कक्ष संग्रहालय का निर्माण निर्धारित डिजाइन के अनुसार पूर्ण गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ पूर्ण किया जाए।
राज्य संग्रहालय के अधिकारी श्री विनय कुमार ने सिक्कों के निर्माण उनके इतिहास तथा विविधता पर अपना प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने सिक्कों की क्रमिक प्रगति, समयानुसार बदलाव तथा आवश्यकता, मांग एवं लागत के अनुसार सिक्कों के निर्माण में प्रयुक्त धातुओं के संबंध में भी प्रकाश डाला। उन्होंने सिक्कों की विविधता के संबंध में बताया और विभिन्न महानुभावों, खेलो विभिन्न इवेंट आदि पर बनाए गए सिक्कों का ब्यौरा भी प्रस्तुत किया।
प्रस्तुतीकरण में पोस्ट मास्टर जनरल सुशील तिवारी ने 1853 से अब तक विभिन्न अवसरों पर जारी स्मारक डाक टिकटों की जानकारी प्रदान की। उन्होंने बताया कि अब तक ऐतिहासिक, साहित्यिक, स्वतंत्रता आंदोलन, ऐतिहासिक इमारतें आदि पर स्मारक डाक टिकट जारी किए गए हैं, जिनका प्रदर्शन राजभवन कला कक्षा संग्रहालय में किया जाएगा।
 बैठक में अपर मुख्य सचिव श्री राज्यपाल, डॉक्टर सुधीर महादेव बोबडे, निदेशक राज्य संग्रहालय श्रीमती सृष्टि धवन, श्री नितिन कोहली सहित राजभवन के अन्य अधिकारीगण मौजूद थे।

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