खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विकास भवन सभागार में बैठक आहूत की गयी

राष्ट्रीय , 262

*लखनऊ । परियोजना अधिकारी यूपीनेडा- लखनऊ ने बताया कि उत्तर प्रदेश राज्य जैव ऊर्जा नीति-2022 के अन्तर्गत जनपद में कम्प्रेस्ड बायोगैस के उत्पादन हेतु फीड स्टाक के रूप में नेपियर घास की खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कृषकों को प्रेरित किये जाने हेतु मुख्य विकास अधिकारी महोदय की अध्यक्षता में एक बैठक विकास भवन सभागार में आहूत की गयी है। मुख्य विकास अधिकारी द्वारा बायोगैस उत्पादन हेतु नेपियर घास को उत्तम विकल्प बताते हुए कहा गया कि प्रति वर्ष प्रति एकड़ 150 से 200 टन नेपियर घास की उपज प्राप्त की जा सकती है। जहाँ पर सिंचाई की सुविधा न हो वहाँ भी नेपियर घास की खेती की जा सकती है। एक बार नेपियर घास लगाने के बाद 04 से 05 वर्ष तक फसल देती है। बुआई के पश्चात् पहली फसल 50 से 60 दिनों में तैयार हो जाती है जिसकी कटाई 40 से 45 दिनों के अन्तर पर की जा सकती है। इसकी खेती से किसानों की आय में काफी बढ़ोत्तरी होगी। मुख्य विकास अधिकारी द्वारा निर्देशित किया गया कि कार्यकम का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। परियोजना अधिकारी द्वारा कम्प्रेस्ड बायोगैस संयन्त्रों की स्थापना एवं ए०पी०ओ० को दिये जाने वाले अनुदान के बारे में विस्तार पूर्वक बताया गया। बैठक में उप कृषि निदेशक, डिप्टी आर०एम०ओ०. उपायुक्त (श्रम रोजगार), जिला पंचायत राज्य अधिकारी, जिला विकास अधिकारी, एफ०पी०ओ० संगठन / एग्रीगेटर एवं जैव ऊर्जा उद्यमी आदि उपस्थित हुए।*

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