बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यपाल को सौंप दिया इस्तीफा

राष्ट्रीय , 213

लखनऊ।

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यपाल को इस्तीफा सौंप दिया है नीतीश के इस्तीफे के बाद कांग्रेस की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है काग्रेस नेता जयराम रमेश ने ट्वीट किया, 'बार-बार राजनीतिक साझेदार बदलने वाले नीतीश कुमार रंग बदलने में गिरगिटों को कड़ी टक्कर दे रहे हैं इस विश्वासघात के विशेषज्ञ और उन्हें इशारों पर नचाने वालों को बिहार की जनता माफ़ नहीं करेगी बिलकुल साफ़ है की भारत जोड़ो न्याय यात्रा से प्रधानमंत्री और भाजपा घबराए हुए हैं और उससे ध्यान हटाने के लिए यह राजनीतिक ड्रामा रचा गया है....

[नेता एजाज अहमद ने कहा-

"नीतीश ने इस्तीफा देकर युवाओं के नेतृत्वकर्ता तेजस्वी यादव की सोच को धक्का पहुंचाने का काम किया"

  'आज ठग और लोभी का गठबंधन तैयार हो रहा है'

नीतीश कुमार ने राज्यपाल को भाजपा के समर्थन का पत्र सौंप दिया है राज्यपाल ने समर्थन पत्र स्वीकार कर लिया है इसके बाद साफ हो गया है कि बिहार में नीतीश कुमार एक बार फिर भाजपा के समर्थन में सरकार बनाएंगे विधानसभा में भाजपा के 78, जदयू के 45 और हम के 4 विधायक हैं 243 सदस्यीय विधानसभा में तीनों दलों को मिलाकर यह आंकड़ा 127 होता है, जो बहुमत के 122 के आंकड़े से पांच ज्यादा है
आठवीं बार मुख्यमंत्री पद छोड़ा, नौवीं बार दोबारा लेंगे शपथ
नीतीश....
नीतीश कुमार पहली बार 3 मार्च 2000 को सीएम बने थे हालांकि, बहुमत न जुटा पाने की वजह से उन्हें 10 मार्च 2000 को पद से इस्तीफा देना पड़ा था... बिहार में 2005 में हुए चुनाव में नीतीश भाजपा के समर्थन से दूसरी बार मुख्यमंत्री पद पर काबिज हुए...2010 में हुए विधानसभा चुनाव के बाद एक बार फिर नीतीश सीएम बने लोकसभा चुनाव में भाजपा के खिलाफ पार्टी के खराब प्रदर्शन की वजह से उन्होंने सीएम पद से इस्तीफा दे दिया इस दौरान उन्होंने जीतनराम मांझी को मुख्यमंत्री पद सौंपा हालांकि, 2015 में जब पार्टी में अंदरुनी कलह शुरू हुई तो नीतीश ने मांझी को हटाकर एक बार फिर खुद सीएम पद ग्रहण किया... 2015 के विधानसभा चुनाव में महागठबंधन (जदयू, राजद, कांग्रेस और लेफ्ट गठबंधन) की एनडीए के खिलाफ जीत के बाद नीतीश कुमार एक बार फिर बिहार के मुख्यमंत्री बने यह कुल पांचवीं बार रहा, जब नीतीश ने सीएम पद की शपथ ली डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव के खिलाफ लगे भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद नीतीश कुमार ने महागठबंधन से अलग होने का फैसला किया उन्होंने जुलाई 2017 में ही पद से इस्तीफा दिया और एक बार फिर एनडीए का दामन थाम कर सीएम पद संभाला...
2020 के विधानसभा चुनाव में एनडीए गठबंधन ने जीत हासिल की हालांकि, जदयू की सीटें भाजपा के मुकाबले काफी घट गईं इसके बावजूद नीतीश कुमार ने सीएम पद की शपथ ली 2022 में एनडीए से अलग होने के एलान के ठीक बाद नीतीश कुमार ने राजद के नेतृत्व वाले महागठबंधन से जुड़ने का एलान कर दिया इसी के साथ नीतीश कुमार ने आठवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली... 28 जनवरी 2024 को उन्होंने आठवीं बार मुख्यमंत्री पद छोड़ दिया...
तीसरी बार भाजपा के साथ
- 1996 में नीतीश ने भाजपा से पहली बार गठबंधन किया था 3 मार्च 2000 को सीएम बने, लेकिन बहुमत नहीं जुटा पाने की वजह से पद छोड़ा और अटलजी की सरकार में केंद्र में रेल मंत्री बने...1996 से 2013 तक नीतीश भाजपा के साथ रहे जब नरेंद्र मोदी को भाजपा ने प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाया तो वे एनडीए से अलग हो गए 2015 में महागठबंधन की सरकार में सीएम रहे...
- दूसरी बार वे 2017 में एनडीए में लौटे और भाजपा की मदद से सरकार बनाई....
- 2024 में अब वे तीसरी बार भाजपा की मदद से मुख्यमंत्री बनेंगे 28 साल में तीसरी बार वे भाजपा के साथ हैं....
 शाम 5 बजे सीएम पद की शपथ लेंगे नीतीश कुमार
दो डिप्टी सीएम के साथ सीएम पद की शपथ लेंगे.

बीजेपी ने इस बार बिहार में बड़ा बदलाव किया है. पिछली बार बीजेपी ने पिछड़ी जाति से आने वाले तारकेश्वर प्रसाद और रेणु देवी को डिप्टी बनाया था तो वहीं इस बार भूमिहार समुदाय से आने वाले विजय सिन्हा और पिछड़ी जाति  से आने वाले सम्राट चौधरी को डिप्टी सीएम बनाया जाएगा.

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