राज्यपाल कुँवर ग्लोबल स्कूल, लखनऊ के वार्षिक समारोह में सम्मिलित हुईं

जनपत की खबर , 257

शिक्षा, स्वास्थ्य व अन्य गतिविधियों से ही बच्चों का सर्वांगीण विकास संभव 
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बच्चों के विकास में विद्यालय और घर की भूमिका काफी महत्वपूर्ण 
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8 वर्ष की उम्र में बच्चे सम्पूर्ण जीवन का 80 प्रतिशत सीख लेते हैं
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बच्चों के मानसिक, शारीरिक व सामाजिक विकास तथा अन्य प्रवृत्तियां स्कूल के माध्यम से आगे बढ़ाये जाने चाहिए
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हर बच्चा हो राम, हर बेटियां हों सीता
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विद्यालय में शिक्षण के साथ-साथ शैक्षणिक भ्रमण व अन्य विविध गतिविधियां भी हों संचालित 
-राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल
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लखनऊः 24 जनवरी, 2024
उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल आज कुँवर ग्लोबल स्कूल, लखनऊ के वार्षिक समारोह में सम्मिलित हुईं। इस अवसर पर राज्यपाल जी ने उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस की बधाई देते हुए कहा कि छोटे-छोटे बच्चे ही अगले 25 वर्ष में देश की दिशा और दशा तय करेंगे तथा भारत को आगे बढ़ाना है तो हमें अभी से सोचना पड़ेगा कि बच्चों की दिशा किस तरफ हो। उन्होंने कहा कि भारत की सोच ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की है। 
राज्यपाल जी ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य व अन्य गतिविधियों से ही बच्चों का सर्वांगीण विकास संभव है। उन्होंने कहा कि बच्चों की रुचि को देखते हुए उनका विकास किया जाए तथा बच्चों को खेलने दें व खिलने दें।
उपस्थित शिक्षकगणों को संबोधित करते हुए राज्यपाल जी ने कहा कि आज बच्चों को एक अच्छा प्लेटफार्म दें तभी बच्चे आगे चलकर अपना स्वयं का प्लेटफार्म विकसित करेंगे। उन्होंने कहा कि बच्चों के विकास में स्कूल, परिवार और घर की भूमिका काफी महत्वपूर्ण होती है। 
 राज्यपाल जी ने कहा कि आज शिक्षा, जल, स्वास्थ्य आदि पर सरकार द्वारा ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। प्रदेश में नए-नए अस्पताल खुल रहे हैं, डॉक्टर की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है, नर्सिंग कॉलेज खोले जा रहे हैं, सफाई अभियान जारी है। उन्होंने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने उज्ज्वला योजना के तहत महिलाओं को गैस कनेक्शन उपलब्ध करवाया, जिससे महिलाओं में धुंआजनित बीमारियों को कम करने में मदद मिली। बीमारियों के पीछे की वजह जानकर उस पर कार्य करने की जरूरत है।
राज्यपाल जी ने कहा कि एक रिसर्च के अनुसार 8 वर्ष की उम्र में बच्चे पूरे जीवन का 80 प्रतिशत सीख लेते हैं। इसलिए इस उम्र में बच्चों में अच्छे संस्कार, अच्छी आदतें विकसित की जाए। राज्यपाल जी ने गर्भ में पल रहे शिशु हेतु गर्भ संस्कार की आवश्यकता बताई। इस क्रम में उन्होंने जर्मनी देश के प्राथमिक विद्यालयों के भ्रमण के अनुभव साझा किये एवं महाभारत काल के अभिमन्यु के प्रसंग का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ एवं संस्कारी बच्चों को जन्म देना है तो गर्भ से ही बच्चों को अच्छे संस्कार दिये जाने चाहिए। इस क्रम में गर्भवती माताओं को अच्छा परिवेश प्रदान किया जाना चाहिए। राज्यपाल जी ने कहा कि बच्चों के मानसिक, शारीरिक व सामाजिक विकास तथा संवेदनाएं एवं अन्य प्रवृत्तियां स्कूल के माध्यम से आगे बढ़ाये जाने चाहिए।
राज्यपाल जी ने बेटों को राम तथा बेटियों को सीता बनाने की सलाह दी। उन्होनें भगवान राम का भाई व समाज के प्रति प्रेम और सहयोग की भावना से सीख लेने को कहा। राज्यपाल जी ने कहा कि सिर्फ तिलक लगाने की मर्यादा ही ना हो, बल्कि प्रभु श्री राम के जीवन आदर्शों से सीख लेने की जरूरत है।
 राज्यपाल जी ने कहा कि बच्चे अपने माता-पिता के गुण व व्यवहार को देखते हैं और उससे सीखते हैं। उन्होंने शिक्षक के भी आदर्श होने की बात की। उन्होंने कहा कि एक अच्छे गुरु से शिष्य की जिंदगी बदल जाती है। उन्होंने कहा कि गुरु की सोच अच्छी हो तो विद्यालय ज्ञान का मंदिर बन जाता है। राज्यपाल जी ने कहा कि विद्यालय द्वारा बच्चों को शैक्षणिक भ्रमण कराये जाएं व बच्चों की रुचि अनुसार पढ़ाई के साथ-साथ अन्य गतिविधियों व प्रवृत्तियां को प्रेरित किया जाना चाहिए।
राज्यपाल जी ने पुस्तकालय को संस्कार का तीर्थ बताते हुए विद्यालय, लैब, कक्षा, खेल मैदान को बच्चों के सर्वांगीण विकास हेतु आवश्यक बताया।
इस अवसर पर विद्यालय की पुस्तिका का अनावरण भी राज्यपाल जी द्वारा किया गया तथा स्कूल के बच्चों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की मनोहारी प्रस्तुति भी की गयी।
 इस अवसर पर स्कूल के डायरेक्टर श्री राजेश सिंह दयाल ने विद्यालय को मंदिर तथा सफलता को लक्ष्य नहीं जीवन यात्रा बताया। 
इस अवसर पर समाजसेवी श्रीमती अनार पटेल, जूनागढ़ के डिप्टी मेयर गिरीश कोटेचा, दार्शनिक व प्रेरक वक्ता श्री रघुनाथ येमुल गुरुजी, पूर्व केंद्रीय मंत्री भारत सरकार डॉक्टर संजय सिंह, पूर्व कैबिनेट मंत्री उत्तर प्रदेश डॉ0 महेंद्र सिंह व विद्यालय के बच्चे अभिभावकगण आदि उपस्थित रहे।

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