टेण्डर दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले दो शातिर आशीष गुप्ता व अरविन्द त्रिपाठी उर्फ गुरूजी गिरफ्तार

अन्य खबरे , 583

लखनऊ।

 

मा0 मुख्यमंत्री उ0प्र0 का प्रोटोकाल अधिकारी एवं सचिव निवेश, उ0प्र0 सरकार बनकर विभिन्न विभागों में ट्रान्सफर पोस्टिंग एवं महत्वपूर्ण राजनैतिक पद/टेण्डर आदि दिलाने के नाम पर ठगी करने वाला रामशंकर गुप्ता उर्फ आशीष गुप्ता अपने साथी अरविन्द त्रिपाठी उर्फ गुरूजी के साथ गिरफ्तार।

 

दिनांकः 14-10-2023 को एस0टी0एफ0, उ0प्र0 को मा0 मुख्यमंत्री उ0प्र0 का प्रोटोकाल अधिकारी एवं सचिव निवेश, उ0प्र0 सरकार बनकर विभिन्न विभागों में ट्रान्सफर पोस्टिंग एवं महत्वपूर्ण राजनैतिक पद/टेण्डर आदि दिलाने के नाम पर ठगी करने वाला रामशंकर गुप्ता उर्फ आशीष गुप्ता व उसके साथी अरविन्द त्रिपाठी उर्फ गणेष त्रिपाठी उर्फ गुरूजी को गिरफ्तार करने में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त हुई।

गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरणः-

 

1. रामशंकर गुप्ता उर्फ आशीष कुमार गुप्ता पुत्र स्व0 बाबू राम गुप्ता, मूल पता मोहल्ला दूबे बीसलपुर, थाना कोतवाली बीसलपुर, पीलीभीत। हाल पता म0नं0 70, विष्णुपुरी कालोनी विस्तार, थाना अलीगंज, लखनऊ। 

2. अरविन्द त्रिपाठी उर्फ गणेष त्रिपाठी उर्फ गुरूजी पुत्र स्व0 अवध विहरी त्रिपाठी, नि0 म0नं0 4304 गली नं0-05, त्रिनगर, केषवपुरम, अषोक विहार, नई दिल्ली।

 

 

बरामदगीः-

 

1- 05 अदद मोबाइल फोन।

2- 10460/- रुपये नकद।

3- 14 अदद आई कार्ड। (मा0 मुख्यमंत्री जी का प्रोटोकाल अधिकारी, वाइस चान्सलर सुकरात वि0वि0, दिल्ली एवं मा0 उच्च न्यायालय दिल्ली बार एसोषिएषन) 

4- ताश के 52 पत्ते।

5- 01 अदद डी0एल0

6- 06 अदद एटीएम कार्ड।

7- 02 अदद पैन कार्ड।

8- 03 अदद चेकबुक।

9- 04 अदद खाता पासबुक।

10- 02 अदद लेटरपैड (विषेष सचिव निवेष, उ0प्र0 सरकार एवं वाइस चान्सलर सुकरात वि0वि0, दिल्ली)

11- 01 अदद यात्री कार्ड।

12- 18 अदद विजिटिंग कार्ड (वाइस चान्सलर सुकरात वि0वि0, दिल्ली)।

13- 02 अदद बैंक स्टेटमेन्ट।

14- 22 अदद प्रशिक्षण परीक्षा प्रश्न पत्र।

15- 11 अदद कम्पलीमेन्ट लेटर।

16- 165 अदद हिन्दुस्तान स्काउट एण्ड गाइड से सम्बन्धित कागजात।

17- 02 अदद अंक पत्र/प्रमाण पत्र।

18- 01 अदद खाकी वर्दी पीआरडी बैच व बेल्ट। 

19- 03 अदद मोहर।

20- 01 अदद प्रवेश पत्र-टीईटी।

21- 03 अदद प्रार्थना पत्र।

22- 01 अदद काल लेटर।

23- 01 अदद प्रमाण पत्र।

24- 01 अदद भरी चेक।

25- 01 अदद हाजिरी रजिस्टर।

26- 03 अदद कार (यूपी 26 एई 0708 बैगनार) इर्टिगा कार टी 0923 एचआर 6589, डीएल 10 सीके 9544 एसेन्ट कार।

27- भारी मात्रा में विभिन्न विभागों में ट्रान्सफर पोस्टिंग हेतु प्रार्थना पत्र।

 

गिरफ्तारी का स्थान, दिनांक व समय

दिनांक 14-10-2023 को समय 17.05 बजे समाज कल्याण कार्यालय तिराहे के पास, बांसमण्डी रोड, थाना क्षेत्र विभूतिखण्ड, लखनऊ।  

 

एसटीएफ उ0प्र0 को काफी समय से सूचना प्राप्त हो रही थी कि मा0 मुख्यमंत्री उ0प्र0 शासन का सुरक्षा अधिकारी एवं विषेष सचिव निवेष, उ0प्र0 सरकार बताकर विभिन्न विभाग में फर्जी टेण्डर/ठेका दिलाने एवं ट्रासंफर/पोस्टिंग कराने तथा उ0प्र0 शासन द्वारा मनोनीत विभिन्न बोर्डाे के चेयरमैन/मंत्री का दर्जा दिलाने के नाम पर अवैध रुप से कुछ लोगों द्वारा फर्जीवाड़ा कर ठगी किया जा रहा है। इस सम्बन्ध में श्री विषाल विक्रम सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक, एस0टी0एफ0 उ0प्र0 लखनऊ के पर्यवेक्षण में अभिसूचना संकलन की कार्यवाही की जा रही थी। 

 

अभिसूचना संकलन के दौरान दिनांक 14-10-2023 को ज्ञात हुआ कि रामशंकर नाम का व्यक्ति जो अपना नाम बदलकर आशीष गुप्ता रखा है और अपने को मा0 मुख्यमंत्री उ0प्र0 शासन के कार्यालय मे बतौर आई0ए0एस0/पी0सी0एस0/मुख्यमंत्री का सुऱक्षा अधिकारी बताकर विभिन्न विभागों एवं राजनीतिक महत्वपूर्ण पदों/टेण्डर/ट्रान्सफर पोस्टिंग/सरकारी नौकरी दिलाने आदि के नाम पर ठगी करने वाला व्यक्ति समाज कल्याण कार्यालय के पास अपने साथी अरविन्द त्रिपाठी के साथ किसी व्यक्ति से मिलने के लिए आने वाला है। इस सूचना पर निरीक्षक श्री षिवनेत्र सिंह के नेतृत्व मे उ0नि0 श्री विनय कुमार सिंह, उ0नि0 श्री मनोज सिंह, मुख्य आरक्षी सुधीर कुमार सिंह, मुख्य आरक्षी रमेश चन्द्र उपाध्याय, मुख्य आरक्षी राम नरेश दास, मुख्य आरक्षी सत्यप्रकाश वर्मा, आरक्षी अमित कुमार की टीम द्वारा उक्त स्थान पर पहॅुचकर आवष्यक बल प्रयोग करते हुए उपरोक्त दोनों व्यक्तियों को गिरफ्तार कर लिया, जिनके कब्जे से उपरोक्त बरामदगी हुई।

 

 

गिरफ्तार अभियुक्त रामषंकर गुप्ता उर्फ आषीष गुप्ता ने पूछताछ में बताया कि वह किसी भी सरकारी विभाग मे कार्यरत नहीं है एवं व सुकरात विष्वविद्यालय दिल्ली का वीसी भी नही है। उसने अपने नाम के 02 अलग-अलग आधार कार्ड बनवा रखा है। उसका वास्तविक नाम रामशंकर गुप्ता है, फर्जीवाडा करने के लिये उसने अपना नाम आशीष गुप्ता रख लिया है। आम जनता से अपना नाम डा0 आशीष गुप्ता एवं अपना परिचय बतौर आई0ए0एस0/पी0सी0एस0 अधिकारी/विषेष सचिव, निवेष, उ0प्र0 शासन/मुख्यमंत्री का सुऱक्षा अधिकारी एवं सुकरात विश्वविद्यालय दिल्ली का वाइस चांसलर बताता है। इस नाम से आम जनता को अपनी तरफ आकर्षित करता है एवं नौकरी दिलाने के जाल में फसाये हुए नवयुवको में से किसी युवक को पीआरडी की वर्दी पहनाकर अपनी गाड़ी में आगे बैठाकर चलता है तथा अपनी कार पर उ0प्र0 का लोगो/उ0प्र0 सरकार लिखवाया है। ताकि लोगों को यह विष्वास हो जाय की वह वास्तविक अधिकारी है। बड़ी-बड़ी कम्पनियों के मालिको एवं ठेकेदारों को विभिन्न विभागो मे टेण्डर (ठेका) दिलाने तथा प्रशासनिक/पुलिस अधिकारियो के ट्रांसफर/पोस्टिंग कराने के नाम पर उनसे अवैध धन अर्जित करता है। यह ज्यादातर पैसा नगद के रुप मे एवं अपने कूटरचित आशीष गुप्ता के नाम से खोले गये बैंक खाते में मंगाता है। इस काम में इसके साथ दिल्ली निवासी अरविन्द त्रिपाठी उर्फ योग गुरुजी एवं इनके अन्य साथी भी सम्मिलित रहते है। अरविन्द त्रिपाठी योग गुरु है जो बडे़-बडे़ राजनेताओ एवं अधिकारियो से सम्पर्क रखता है तथा आध्यात्म से सम्बन्धित योग शिविर कराता है। जिसमे भारी संख्या मे बडे-बडे ठेकेदार तथा प्रशासनिक अधिकारी एवं प्रतिष्ठित लोग/राजनेता सम्मलित होते है। अरविन्द त्रिपाठी (गुरुजी) द्वारा उनको अपने योग विद्या से अपने प्रभाव मे लेकर उ0प्र0 मे शासन के बडे-बडे टैण्डर दिलाने की बात की जाती है, जिस कारण उन ठेकेदारो द्वारा उसके प्रभाव मे आकर टैण्डर प्राप्त करने हेतु उनसे आग्रह करते है, तब अरविन्द त्रिपाठी उर्फ गुरुजी उनके सामने ही मेरा परिचय वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकरी के रुप मे बताकर ठेका दिलाने की बात कर उनसे अवैध धन अर्जित करता है। इसी प्रकार हमारे अन्य सहयोगी है, जिनको मेरे एवं अरविन्द त्रिपाठी गुरूजी द्वारा पीएमओ कार्यालय (प्रधानमंत्री कार्यालय भारत सरकार) का भारतीय प्रशासनीय सेवा (सचिव मा0 प्रधानमंत्री जी) का अधिकारी बताया जाता है। उ0प्र0 शासन का कार्य आषीष गुप्ता उर्फ रामषंकर गुप्ता तथा केन्द्र सरकार/दिल्ली का कार्य इसके सहयोगियों द्वारा कराया जाता है। फर्जीवाडा से अर्जित धन यह लोग आपस मे बांट लेते है। सुकरात सोशल रिसर्च विश्वविद्यालय, दिलशाद गार्डन नई दिल्ली के चेयरमैन से मिलकर काफी लोगो को पी0एच0डी0 (आनरेरी डाक्ट्रेट) की डिग्री अवैध रुप से पैसा लेकर दिलाता है। हिन्दुस्तान स्काउट एण्ड गाइड एसोसिएशन की ट्रेनिंग कराने व नौकरी दिलाने के नाम पर लगभग 100 बच्चो से साढे सात हजार रूपये प्रति बच्चे के हिसाब से पैसा लिया है एवं विभिन्न विभागों में निर्माण कार्य कराने व ठेका दिलाने के नाम पर अब तक करोड़ों रूपये की ठगी कर चुका है। 

 

अरविन्द त्रिपाठी ने रामषंकर गुप्ता उर्फ आषीष के बयानों का समर्थन करते हुए बताया कि वह 12वीं कक्षा तक पढ़ा है तथा योग गुरू के नाम से जाना जाता है एवं कही-कही अपने को दिल्ली उच्च न्यायालय का वकील बताता है। लोगों को मोटीवेट कर अपने जाल में फसाकर, राजनेता एवं शासन-प्रषासन के उच्चाधिकारियों में अपनी अच्छी जान-पहचान होना बताकर लोगों को अपनी जालसाजी का षिकार बनाता हैं।

 

गिरफ्तार अभियुक्तों के विरूद्ध थाना विभूतिखण्ड, लखनऊ में मु0अ0सं0 531/2023 धारा 170, 419, 420, 467, 468, 471, 120बी भादवि में दाखिल किया गया है, अग्रिम विधिक कार्यवाही स्थानीय पुलिस द्वारा की जा रही है।

Related Articles

Comments

Back to Top