*21 सूत्रीय मांगो को लेकर 9 अक्तूबर को महानिदेशक के कार्यालय पर जुटेंगे शिक्षक*
जनपत की खबर Oct 07, 2023 at 07:14 PM , 400लखनऊ।
उत्तर प्रदेश शिक्षक महासंघ की एक आवश्यक बैठक शिक्षक भवन, रिसालदार पार्क, लाल कुआं, लखनऊ पर डाक्टर दिनेश चंद्र शर्मा की अध्यक्षता में संपन्न हुई। महासंघ के अध्यक्ष डॉक्टर दिनेश चंद्र शर्मा ने कहा कि उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ अपनी कई मांगों यथा पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने, राज्य कर्मचारियों की भांति उपार्जित अवकाश, द्वितीय शनिवार अवकाश, प्रतिकर अवकाश, अध्ययन अवकाश, कैशलेस चिकित्सा, प्रत्येक विद्यालय में प्रधानाध्यापक की पदोन्नति एवं तैनाती, सभी शिक्षकों को प्रोन्नत वेतनमान, 10 लाख रुपए का सामूहिक बीमा, अंतरर्जनपदीय एवं अंत: जनपदीय पारस्परिक स्थानांतरण के लिए न्यूनतम सेवा अवधि की समाप्ति एवं पूरे वर्ष पारस्परिक स्थानांतरण आदि को लेकर काफी समय से आंदोलनरत है। प्रदेश के बेसिक शिक्षकों ने अपने अपने क्षेत्र के विधायकों को ज्ञापन सौपा ब्लॉक व जिले पर धरना दिया। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री जी को ज्ञापन प्रेषित किया गया परंतु किसी भी अधिकारी द्वारा शिक्षकों की समस्याओं के निराकरण हेतु कोई भी प्रयास नहीं किया गया जिससे शिक्षक क्षुब्ध एवं आहत है। परंतु सरकार द्वारा इस संदर्भ में कोई पहल न होने के कारण संघ द्वारा अपनी 21 सूत्रीय मांगों के समर्थन में दिनांक 9 अक्टूबर को शिक्षा निदेशालय (बेसिक) निशातगंज लखनऊ पर धरना दिया जाएगा।
महासंघ के संयोजक श्री सुरेश कुमार त्रिपाठी ने कहा कि सरकार द्वारा माध्यमिक शिक्षकों को प्राप्त कई सेवा सुरक्षा संबंधी धारा 21, धारा 18 एवं धारा 12 को समाप्त करके शिक्षकों को बंधुआ एवं प्रबंध तंत्र का गुलाम बनाने की तैयारी चल रही है। शिक्षक इसको बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगा प्रदेश भर के शिक्षकों ने मोटरसाइकिल रैली जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पर धरना एवं संयुक्त शिक्षा निदेशक कार्यालय पर मंडल स्तरीय धरने देकर अनेक बार सरकार को जगाने का कार्य किया, लेकिन माध्यमिक शिक्षकों की समस्याओं के निराकरण हेतु सरकार संवेदन शून्य बनी हुई है। उनके द्वारा कहा गया है कि चयन बोर्ड अधिनियम की धारा 12, 18 व 21 की व्यवस्थाओं को यथावत अधिनियमित रूप से माध्यमिक शिक्षा अधिनियम 1921 में समाहित किया जाए, साथ ही विद्यालय व छात्र हित में उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग 2023 विधेयक की धारा 11(6) को विलुप्त किए जाने, वित्त विहीन विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को समान कार्य के लिए समान वेतन दिये जाने, राजकीय शिक्षकों की भांति माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों/ कर्मचारियों को निशुल्क चिकित्सा अनुमन्य कराए जाने, विनियतीकरण से वंचित तदर्थ शिक्षकों विनियमित करते हुए उन्हें नियमित वेतन भुगतान किए जाने सहित अपनी 18 सूत्रीय मांगों को लेकर उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ कई महीनो से लगातार आंदोलनरत है। परन्तु सरकार ने इन मांगों को पूरा करने की कोई ठोस पहल नहीं की है।
1. उ०प्र० बेसिक शिक्षा परिषद के नियंत्रणाधीन विद्यालयों में 01 अप्रैल 2005 व उसके पश्चात नियुक्त शिक्षकों को पुरानी पेंशन व्यवस्था (ओ०पी०एस०) से आच्छादित किया जाये।
2. उ०प्र०बेसिक शिक्षा परिषद के नियंत्रणाधीन विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को राज्य कर्मचारियों की नीति उपार्जित अवकाश द्वितीय शनिवार अवकाश, प्रतिकर अवकाश एवं अध्ययन अवकाश (स्टडी लीग) अनुमन्य किया जाये।
3. उ०प्र० बेसिक शिक्षा परिषद के नियंत्रणाधीन विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को भी राज्य कर्मचारियों की भाँति कैशलेस चिकित्सा सुविधा प्रदान की जाये। 4. उ0प्र0बेसिक शिक्षा परिषद के नियंत्रणाधीन प्रत्येक प्राथमिक विद्यालय एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापक की पदोन्नति एवं तैनाती की जाये। 5. उ०प्र० बेसिक शिक्षा परिषद के नियंत्रणाधीन विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को भी उ०प्र०माध्यमिक शिक्षा परिषद के शिक्षकों की भाँति चयन वेतनमान के अन्तर्गत 12 वर्ष की
6.सेवा पूर्ण करने वाले सभी शिक्षकों को प्रोन्नत वेतनमान अनुमन्य किया जाये। उ0प्र0 बेसिक शिक्षा परिषद के नियंत्रणाधीन विद्यालयों में कार्यरत सभी शिक्षकों को 10 लाख रूपये का सामूहिक बीना अनुमन्य कराया जाये तथा वर्ष 2014 व उसके पश्चात नियुक्त शिक्षकों को भी सामूहिक बीना का लाभ अनुमन्य किया जाये।
7. बेसिक शिक्षकों के अन्तर्जनपदीय एवं अन्तजनपदीय पारस्परिक स्थानान्तरण के लिए न्यूनतम सेवा अवधि की शर्त समाप्त की जाये एवं सत्र भर में कभी भी पारस्परिक स्थानान्तरण का आवेदन प्राप्त होने पर स्थानान्तरण किये जाये।
8. उ0प्र0बेसिक शिक्षा परिषद के नियंत्रणाधीन विद्यालयों में कार्यरत ऐसे शिक्षकों को जिनकी पदोन्नति दिनांक 01-12-2008 के पश्चात ग्रेड वेतन 4500 में हुई है उनको पदोन्नति की तिथि से न्यूनतम मूल वेतन रुपये 17140 /- अनुमन्य किया जाये।
9. उ०प्र० बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में 01 अप्रैल, 2005 से पूर्व चयनित ऐसे शिक्षक जिनकी नियुक्ति अथवा कार्यभार ग्रहण तिथि 01 अप्रैल, 2005 के पश्चात है, को भारत सरकार की भाँति पुरानी पेंशन योजना से लाभान्वित किया जाये।
10. उ०प्र० बेसिक शिक्षा अधिनियम के अनुसार बेसिक शिक्षकों की पदोन्नति एवं अन्त जनपदीय स्थानान्तरण की सम्पूर्ण प्रक्रिया नियुक्ति प्राधिकारी / जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के माध्यम से करवायी जाये।
11. उत्तर प्रदेश के माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा संचालित सभी इण्टरमीडिएट कालेज में ग्रीष्मकालीन अवधि में विद्यालय संचालन की अवधि प्रतिदिन 05 घंटे है तथा उच्च शिक्षा विभाग द्वारा संचालित सभी महाविद्यालय में एक सप्ताह (छ. कार्यदिवस) में 24 पीरियड (एक पीरियड 40 मिनट) अर्थात प्रतिदिन 2 घंटे 40 मिनट निर्धारित है जबकि उ०प्र० बेसिक शिक्षा परिषदीय विद्यालय जिसमें 6 से 14 वर्ष की आयु के बालक/बालिका अध्ययनरत है में भीषण गर्मी में विद्यालय संचालन की अवधि प्रातः 08 बजे से अपराहून 02 बजे तक अर्थात प्रतिदिन 06 घंटे निर्धारित की गयी है। उत्तर प्रदेश में सी०बी०एस०ई० आई०सी०एस०ई० या किसी अन्य बोर्ड के द्वारा भी कक्षा 01 से कक्षा 08 तक के विद्यालय के संचालन का समय प्रतिदिन 05 घंटे से अधिक निर्धारित नहीं किया गया है। अत: उ०प्र० बेसिक शिक्षा परिषदीय विद्यालयों का ग्रीष्मकाल में संचालन का समय उ०प्र०माध्यमिक शिक्षा परिषद की भाँति 01 अप्रैल से 30 सितम्बर तक प्रातः 07.30 बजे से 12.30 बजे तक किया जाये।
12. बेसिक शिक्षकों को संसाधन एवं प्रशिक्षण दिये बिना ऑनलाईन कार्य करने को बाध्य किया जा रहा है शिक्षक वेतन आहरण पर रोक से बचने के लिए देर रात तक साइबर कैफे पर बैठकर ऑनलाईन कार्य कराने को बाध्य है जिससे शिक्षकों का शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है। अतः इस प्रकार के कार्य गैर शिक्षणेत्तर कर्मचारियों द्वारा करवाया जाये।
13. उ०प्र० बेसिक शिक्षा परिषद के अधिकांश विद्यालय दूर-दराज एवं दुर्गम मार्गों पर स्थित हैं शिक्षकों को अपने घर से विद्यालय की दूरी तय करने में काफी समय लगता है परन्तु फिर भी शिक्षकों को विद्यालय समय के पश्चात संकुल अथवा ब्लॉक संसाधन केन्द्र पर बैठक में उपस्थित रहने हेतु बाध्य किया जा रहा है जिससे शिक्षकों, विशेषकर महिला शिक्षकों को परेशानी उठानी पड़ रही है। अतः विद्यालय समय के पश्चात होने वाली बैठकों पर रोक लगायी जाये।
14. प्रायः प्रत्येक वर्ष के अन्त में फरवरी व मार्च के माह में उ0प्र0 माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित परीक्षाओं में भी बेसिक शिक्षा परिषदीय शिक्षकों की ड्यूटी लगायी जाती है। इसी अवधि में विभाग द्वारा भी ब्लॉक संसाधन केन्द्र अथवा जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान पर शिक्षकों के प्रशिक्षण कराये जाते हैं। बेसिक शिक्षा परिषदीय विद्यालयों में •अध्ययनरत बच्चों की वार्षिक परीक्षा की तैयारी भी इसी अवधि में करवानी होती है परन्तु बेसिक शिक्षकों को प्रशिक्षण एवं माध्यमिक शिक्षा परिषद की बोर्ड परीक्षाओं में ड्यूटी लगा दिये जाने से बेसिक शिक्षा परिषदीय विद्यालयों के छात्रों का हित प्रभावित होता है। अतः प्रत्येक वर्ष माह फरवरी एवं मार्च में शिक्षकों को किसी भी अन्य कार्य में न लगाया जाये।
15. उ०प्र०बेसिक शिक्षा परिषदीय प्राथमिक विद्यालय के सहायक अध्यापकों का प्रोन्नत वेतनमान ग्रेड वेतन 4000 रुपये/ वेतन मैट्रिक्स लेवल है, जबकि पदोन्नति के समय चयन वेतनमान के समक्ष ग्रेड वेतन 4000 रुपये वेतन मैट्रिक्स लेवल 7 दिया जाता है इसी प्रकार प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक/ उच्च प्राथमिक विद्यालय के सहायक अध्यापक का प्रोन्नत वेतनमान ग्रेड वेतन 5400 रूपये वेतन मैट्रिक्स लेवल है, जबकि पदोन्नति के समय चयन वेतनमान के समवाया ग्रेड वेतन 4800 रूपये वेतन मैट्रिक्स लेवल दिया जाता है जो कि शिक्षकों के साथ पूर्णतयः अन्याय है। अतः प्राथमिक विद्यालय के सहायक अध्यापक को प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक/ उच्च प्राथमिक विद्यालय के सहायक अध्यापक के पद पर पदोन्नति के समय प्रोन्नत वेतनमान के समका ग्रेड वेतन 4800 रूपये वेतन मैट्रिक्स लेवल उच्च प्राथमिक विद्यालय के सहायक अध्यापक / प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक को उच्च प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक के पद पर पदोन्नति के समय प्रोन्नत वेतनमान के समकक्ष ग्रेड वेतन 5400 रूपये वेतन मैट्रिक्स लेवल 9 अनुमन्य किया जाये।
16. चप्र०बेसिक शिक्षा परिषद के नियंत्रणाधीन विद्यालयों में कार्यरत दिव्यांग शिक्षकों को शासनादेश संख्या-0-2019/ बी-2-631/ दस-2019 के अनुसार वाहन भत्ता की
नई बढ़ी दर से भुगतान नही किया जा रहा है। इसके भुगतान के लिए आवश्यक आदेश जारी किया जाये।
17. मृतक बेसिक शिक्षकों के ऐसे आश्रित जो बी०ए० एवं टी०ई०टी० की योग्यता रखते हैं उनको शिक्षक के पद पर नियुक्ति हेतु स्पष्ट निर्देश जारी किये जायें।
18. उ0प्र0 बेसिक शिक्षा परिषद के नियंत्रणाधीन प्रत्येक विद्यालय में एक चतुर्थ श्रेणी / सफाई कर्मचारी / चौकीदार की नियुक्ति की जाये।
19. बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में नियुक्त ऐसे शिक्षक जिनको ब्रिज कोर्स कराया जाना प्रस्तावित है उनको सोच ही ब्रिज कोर्स कराया जाए।
20. वर्तमान जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी बदायूँ जनपद में तानाशाही एवं अनियमितताएं करते हुए शिक्षको का उत्पीड़न कर रही है शिक्षक दिवस के अवसर पर संघ के जिलाध्यक्ष को अकारण निलम्बित करके संपूर्ण शिक्षक समाज को अपमानित करने का कार्य किया गया है। जिससे प्रदेश भर के शिक्षकों में रोष है। वर्तमान जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी बदायूँ को पद से हटाकर उनके द्वारा की गई अनियमितताओं की जांच कराकर दंडित किया जाए।
21. बेसिक शिक्षा परिषदीय शिक्षको को अभी तक वर्ष में एक उपार्जित अवकाश देय है जिसके अनुसार प्रत्येक सेवा वर्ष के आधार पर कुल उपार्जित अवकाश मानव संपदा पोर्टल पर शिक्षक के अवकाश लेखा में अंकित होना चाहिए जो की नहीं हो रहा है इसी प्रकार मान्यता प्राप्त सेवा संघों के पदाधिकारियों को देय अवकाश का विवरण भी मानव संपदा पोर्टल पर प्रदर्शित नहीं हो रहा है दोनो अवकाश का विवरण अपडेट कराया जाये। उनहोने कहा सरकार के इस उपेक्षा पूर्ण रवैया के कारण उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ उत्तर प्रदेश शिक्षक महासंघ के बैनर तले शिक्षा निदेशालय (बेसिक) निशातगंज लखनऊ पर धरना करेगा। बैठक में उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ महामंत्री श्री संजय सिंह, कोषाध्यक्ष शिव शंकर पांडे, वरिष्ठ उपाध्यक्ष राधे रमण त्रिपाठी, उपाध्यक्ष श्री कृष्णानंद राय, संगठन मंत्री श्री सुधांशु मोहन माध्यमिक शिक्षक संघ के महामंत्री नरेंद्र कुमार वर्मा, प्रदेशीय उपाध्यक्ष एवं प्रवक्ता आर पी मिश्रा, प्रदेशीय मन्त्री डॉ आर के त्रिवेदी जिला अध्यक्ष अनिल शर्मा, जिला मन्त्री महेश चंद्र, कोषाध्यक्ष विश्वजीत सिंह आदि पदाधिकारी उपस्थित रहे।































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