एलडीए की ‘पहले आओ-पहले पाओ’ योजना में 30 दिन में रिकाॅर्ड 166 फ्लैटों की बिक्री
जनपत की खबर Sep 20, 2023 at 08:00 PM , 489लखनऊ।
- लखनऊ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष डाॅ0 इन्द्रमणि त्रिपाठी द्वारा सम्पत्ति के आवंटन में सिंगल विन्डो सिस्टम लागू किये जाने से बढ़ा खरीदारों का रूझान
- गत वर्ष अगस्त माह से आॅनलाइन शुरू हुयी बुकिंग से कुल 816 फ्लैट बेचे गये, प्राधिकरण को लगभग 383 करोड़ 93 लाख रूपये की होगी आय
लखनऊ विकास प्राधिकरण ने अपनी “पहले आओ-पहले पाओ“ योजना से सफलता का नया कीर्तिमान बनाया है। प्राधिकरण ने इस योजना के अंतर्गत पिछले 30 दिनों में ही रिकाॅर्ड 166 फ्लैटों की बिक्री की है। इतनी कम अवधि में इतने बड़ी संख्या में फ्लैटों की बिक्री अभी तक कभी दर्ज नहीं की गयी थी। इससे प्राधिकरण को लगभग 61 करोड़ 50 लाख रूपये की आय होगी।
अपर सचिव ज्ञानेन्द्र वर्मा ने बताया कि प्राधिकरण के उपाध्यक्ष डाॅ0 इन्द्रमणि त्रिपाठी द्वारा 8 अगस्त, 2022 से “पहले आओ-पहले पाओ“ योजना के अंतर्गत रिक्त फ्लैटों के आवंटन के लिए आॅनलाइन बुकिंग की व्यवस्था शुरू की गयी है। उपाध्यक्ष द्वारा सम्पत्ति के आवंटन में सिंगल विन्डो सिस्टम लागू किये जाने से खरीदारों का काफी रूझान बढ़ा, जिससे बेहतर नतीजे प्राप्त हुये हैं। मंगलवार को “पहले आओ-पहले पाओ“ योजना की समीक्षा में पाया गया कि पिछले 30 दिनों में 166 फ्लैटों की बिक्री हुयी है, जिससे कि प्राधिकरण को लगभग 61 करोड़ 50 लाख रूपये की आय होगी। इस योजना के अंतर्गत इतनी कम अवधि में इतनी बड़ी संख्या में फ्लैटों के आवंटन का यह अब तक का सबसे बड़ा रिकाॅर्ड है।
अपर सचिव ने बताया कि गत वर्ष अगस्त माह से शुरू की गयी पहले आओ-पहले पाओ योजना में आॅनलाइन बुकिंग से अब तक कुल 816 फ्लैट बेचे गये हैं, जिससे प्राधिकरण को लगभग 383 करोड़ 93 लाख रूपये की आय होगी।
इन अपार्टमेंट में सर्वाधिक फ्लैट बिके
उपाध्यक्ष डाॅ0 इन्द्रमणि त्रिपाठी ने बताया कि “पहले आओ-पहले पाओ“ योजना के अंतर्गत सर्वाधिक जनेश्वर इन्क्लेव में 190, सी0जी0 सिटी में 94, देवपुर पारा योजना में 90, सरगम अपार्टमेंट में 70, सोपान इन्क्लेव में 65, दीपशिखा अपार्टमेंट में 55 व ऐशबाग हाईट्स में 48 फ्लैट बिके हैं। उन्होंने बताया कि इसमें से जनेश्वर इन्क्लेव में तो अब सिर्फ 06 फ्लैट ही शेष रह गये हैं।
25 से 35 प्रतिशत अग्रिम भुगतान पर लें फ्लैट का कब्जा
उपाध्यक्ष डाॅ0 इन्द्रमणि त्रिपाठी ने बताया कि लखनऊ में अपना फ्लैट खरीदने का सपना देख रहे लोगों के लिए पहले आओ-पहले पाओ योजना में हायर परचेज अनुबंध पद्धति के आधार पर फ्लैट प्राप्त करने का भी विकल्प है। इसके तहत कोई भी सामान्य व्यक्ति फ्लैट की कीमत का 35 प्रतिशत अग्रिम भुगतान करके अनुबंध के आधार पर तुरंत फ्लैट का कब्जा प्राप्त कर सकेंगे तथा शेष धनराशि आसान किश्तों में देनी होगी। वहीं, सरकारी/अर्द्ध सरकारी संस्थाओं में कार्यरत कर्मचारियों को महज 25 प्रतिशत के अग्रिम भुगतान पर यह सुविधा मिलेगी।
पहले आओ-पहले पाओ योजना में यहां फ्लैट्स उपलब्ध
गोमती नगर योजना - पारिजात अपार्टमेंट एवं पंचशील अपार्टमेंट
कानपुर रोड योजना एवं रायबरेली रोड योजना - रश्मि लोक, रतन लोक, आद्रा, अश्लेषा, भरणी, दीपशिखा, फाल्गुनी, मृगशिरा, मद्या, पूर्वा, श्रवण, सनराईज अपार्टमेंट
सीतापुर रोड योजना एवं जानकीपुरम योजना - जनेश्वर इन्क्लेव, सरगम, सृष्टि, सृजन, पंचशील आश्रय-3, सोपान-प्रथम एवं द्वितीय, अनुभूति अपार्टमेंट
ऐशबाग योजना - ऐशबाग हाईट्स
सुल्तानपुर रोड योजना - सी0जी0 सिटी
देवपुर पारा योजना - समाजवादी लोहिया इन्क्लेव
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शहर में जलभराव की समस्या से निजात दिलाने को बनेगा
इंटीग्रेटेड स्टाॅर्म वाॅटर ड्रेनेज प्लान
- लखनऊ विकास प्राधिकरण, नगर निगम, सिंचाई विभाग, पी0डब्ल्य0ूडी0 व राजकीय निर्माण निगम की टीम के साथ आई0आई0टी0 के प्रोफेसरों ने शुरू किया सर्वे
- हाईकोर्ट से किसान बाजार, हुसड़िया चैराहा, जनेश्वर मिश्र पार्क होते हुये जी-20 रोड पर स्थित गोमती नदी के बैरल नंबर-एक तक टीम ने किया निरीक्षण
- आई0आई0टी0 रुड़की की टीम जल्द सौंपेंगी प्रारंभिक रिपोर्ट, इसके आधार पर कराया जाएगा टोपो व ड्रोन सर्वे
लखनऊ में भारी बरसात के कारण होने वाले जलभराव की समस्या से हमेशा के लिए निजात दिलाने के लिए शहर का इंटीग्रेटेड स्टाॅर्म वाॅटर ड्रेनेज प्लान बनेगा। मंगलवार को लखनऊ विकास प्राधिकरण, नगर निगम, सिंचाई विभाग, पी0डब्ल्य0ूडी0 व राजकीय निर्माण निगम की टीम के साथ आई0आई0टी0 के प्रोफेसरों ने सर्वे का कार्य शुरू किया।
प्राधिकरण के उपाध्यक्ष डाॅ0 इन्द्रमणि त्रिपाठी ने बताया कि संयुक्त टीम द्वारा हाईकोर्ट के गेट नंबर-एक से लेकर किसान बाजार, हुसड़िया चैराहा, जनेश्वर मिश्र पार्क होते हुये जी-20 रोड पर बने गोमती नदी के बैरल नंबर-एक तक के रूट का निरीक्षण किया गया। इस दौरान कुछ जगहों पर खामियां पायी गयीं, जिसे आई0आई0टी0 की टीम ने अपने रिकाॅर्ड में अंकित किया है। स्थल निरीक्षण में कुछ जगहों पर नाले के संरेखण व उसके आसपास के क्षेत्र में अवैध अतिक्रमण पाये गये, जिसे आई0आई0टी0 की टीम ने ड्रेनेज व्यवस्था में बाधा बताया है। वहीं, कई जगहों पर भवनों के रैम्प से नाले ब्लाॅक मिले। इसके अलावा कुछ जगहों पर नाले की स्लैब ढही मिली तथा काफी मात्रा में कूड़ा-कचरा डम्प मिला, जिससे कि जल निकासी बाधित हो रही थी। इसी तरह कुछ स्थानों पर मुख्य ड्रेन से जुड़ने वाले नाले 90 डिग्री एंगल पर कनेक्ट हो रहे थे, जिससे कि पानी के बहाव में रूकावट पायी गयी। प्रोफेसरों ने बताया कि बरसात में नदी का जलस्तर बढ़ने से नालों में पानी का बैक फ्लो होना जलभराव का मुख्य कारण है।
रूट सर्वे के बाद आई0आई0टी0 के प्रोफेसर जुल्फिकार अहमद एवं रिटायर प्रोफेसर एम0के0 मित्तल ने टीम में शामिल अधिकारियों के साथ प्राधिकरण कार्यालय में बैठक करके जलभराव के कारणों पर चर्चा की। इसमें उपाध्यक्ष डाॅ0 इन्द्रमणि त्रिपाठी ने निर्देशित किया कि जलभराव की समस्या का स्थायी निस्तारण तलाशना होगा। इसके लिए उन्होंने आई0आई0टी0 की टीम से हाईड्रोलाॅजिकल स्टडी, टोपो तथा ड्रोन सर्वे कराकर शहर का इंटीग्रेटेड स्टाॅर्म वाॅटर ड्रेनेज प्लान तैयार करने के लिए कहा है। आई0आई0टी0 की टीम ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट तैयार करने के लिए सिंचाई विभाग से गोमती नदी में गिरने वाले नालों तथा अन्य सम्बंधित विभागों से शहर के ड्रेन नेटवर्क का विवरण मांगा है। इस पर उपाध्यक्ष ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि समस्त सम्बंधित विभागों से सामंजस्य स्थापित करके टीम को जल्द से जल्द इसका विवरण उपलब्ध करायें।
बैठक में सचिव पवन कुमार गंगवार, मुख्य अभियंता ए0के0 सिंह, अधिशासी अभियंता अजीत कुमार व पी0आई0यू0 के प्रभारी ए0के0 सिंह सेंगर समेत सम्बंधित विभागों के अधिकारी व अभियंता उपस्थित रहे।
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एलडीए ने ष्णानगर व पारा क्षेत्र में चलाया अभियान, मैरिज लाॅन समेत पांच अवैध निर्माणों को सील किया
लखनऊ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष डाॅ0 इन्द्रमणि त्रिपाठी द्वारा शहर में अवैध निर्माण/प्लाटिंग के खिलाफ प्रभावी कार्यवाही किये जाने के निर्देशों के क्रम में मंगलवार को प्रवर्तन जोन-3 की टीम ने बिना स्वीत मानचित्र के किये जा रहे पांच अवैध निर्माणों को सील किया।
प्रवर्तन जोन-2 के जोनल अधिकारी देवांश त्रिवेदी ने बताया कि अनिल श्रीवास्तव व अन्य द्वारा ष्णानगर के सिन्धु नगर में लगभग 3000 वर्गफिट क्षेत्रफल के भूखण्ड पर अवैध निर्माण कराया जा रहा था। वहीं, साईं इन्फ्राटेक के मनीष यादव द्वारा अलीनगर सुनहरा के पंडित खेड़ा में लगभग 3000 वर्गफिट क्षेत्रफल के भूखण्ड पर अवैध निर्माण किया जा रहा था। इसी तरह भीम चन्द्र द्वारा पारा में सदरौना रोड पर लगभग 500 वर्गमीटर क्षेत्रफल में अवैध रूप से निर्माण कार्य किया जा रहा था।
इसके अलावा राहुल कुमार व अन्य द्वारा पुराना देवपुर पारा के चैधरी नगर में लगभग 5000 वर्गमीटर क्षेत्रफल में के-सन लाॅन बारात घर के गेट नंबर-1 के बगल में अवैध रूप से निर्माण कराया जा रहा था। जबकि, इसी बारात घर के गेट-2 के बगल में धीरेन्द्र बलखण्डी व अन्य द्वारा अवैध निर्माण कार्य किया जा रहा था। प्राधिकरण से मानचित्र स्वीत कराये बिना किये जा रहे इन अवैध निर्माणों के विरूद्ध विहित न्यायालय द्वारा वाद योजित करते हुए सीलिंग के आदेश पारित किये गये थे।
उक्त आदेशों के अनुपालन में आज सहायक अभियंता वाई0पी0 सिंह के नेतृत्व में अवर अभियंता भरत पाण्डेय, भानु प्रताप वर्मा व प्रमोद कुमार पाण्डेय द्वारा प्राधिकरण पुलिस व स्थानीय थाने के पुलिस बल के सहयोग से इन अवैध निर्माणों को सील कर दिया गया।































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