अदभुत देश : जहाँ76 दिन सूरज नहीं डूबता 

परिवेश , 1314

अमरेन्द्र सहाय अमर 
यह दुनिया बहुत अजीब और आश्चर्य करने वाली है. कही24 घंटों की रात होती है तो कहीं दिन काफी लंबा होताहै.कहीं छ: महीने सूरज नहीं निकलता और छ: महीने रात होती है.दुनिया में ऐसे कईस्थान मौजूद है जो रोचक तथ्यों से भरे पड़े हैं. यह तो सर्वविदित है कि पृथ्वी सूर्य के चक्करलगाती है. इसी चक्कर लगाने की प्रक्रिया में दिन और रात अलग अलग समय होते हैं.पृथ्वी का जो हिस्सा सूर्य के सामने पड़ता है वहां पर दिन होता है और जो हिस्सा सूर्य के विपरीत पड़ता है वहां राह होती है.
आज हम जिस देश की बात आपसे करने जा रहे हैं वहां 76 दिनों तक सूरज नहीं डूबता है. यह देश है नार्वे.नार्वे के दक्षिण पश्चिम में है उत्तरी सागर, दक्षिण में है स्केगरैकजलडमरू मध्य, पश्चिम में है नार्वेजियन सागर और उत्तर में है बैरेंट्स सागर यानी अटलांटिक महासागर. इसके उत्तर पूर्व में है फिन्लैंड और रूस के साथ की सीमायें . यहडेनमार्क, आइसलैंड, यूंनाईटेड किंगडम, ग्रीनलैंडऔर फरो द्वीप समूह के साथ समुद्री सीमायें साझा करता है.                                     वर्ष 1905मेंस्वतंत्र हुआनार्वे, स्केंडेनेवियाप्रायद्वीप का एक देश है जो कि उत्तरी यूरोपमें स्थित है. नार्वे की अधिकतर धरतीपहाड़ीऔरइसकी तटरेखालम्बी और असमान है. यह देश तेल, खनिज और प्राकृतिक संसाधनों से परिपूर्ण है.
नार्वे आर्कटिक सर्कल के अन्दर आता है जिसके वजह से यहाँ पर मई से जुलाई के मध्य लगभग 76 दिनों तक सूरत अस्त नही होता है . इस वजह से इस देश को कंट्री आफ मिड नाइट सन के नाम से भी जाना जाता है. वैज्ञानिको के अनुसार यह एक एस्ट्रोनोमिकल  फेनामिनन यानि खगोलीय घटना है.दरअसल इस समय पृथ्वी66 डिग्री का कोण बनाते हुए घूमती है. इसके कारण पृथ्वी काएक्सिस सीधा न होकर 23 डिग्री तक झुका होता है. पृथ्वी के झुकाव के कारण ही दुनिया के अलग अलग देशों में दिन और रात के समय में अंतर होता है. नार्वे में मिड नाइट सन वाली घटना इसी स्थिति के कारण होती है.
अब आप सोच रहे होंगे कि जब यहाँ 76 दिनों तक सूरज उगा रहता है तो यहाँ गर्मी भी बहुत अधिक पड़ती होगी. नहीं ऐसा बिलकुल भी नहीं है. उत्तरी ध्रुव पर होने के कारण दूसरे देशों की अपेक्षा यहाँ ठण्ड अधिक पड़ती है.नार्वे में एक समय 40 मिनट की भी रात होती है. जी हाँ,40 मिनट की रात 21 जून वाली स्थिति के कारण होती है.इस समय 66 डिग्री उत्तरीअक्षांश से 90 डिग्री उत्तरी अक्षांश तक का धरती का पूरा हिस्सासूरज की रोशनी में रहता है. इस वजह से सूरज सिर्फ 40 मिनट के लिए ही डूबता है.
नार्वे में आधी रात को भी ना डूबने वाले सूरज को देखने के लिए दुनिया भर से पर्यटक खिंचे चले आते हैं. इसके अलावा बर्फ से भरी हुईपहाड़ियाँ, ग्लेशियर और खूसूरत वादियाँ भी पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है.नार्वेकी गिनती संपन्न देश में होती है. यहाँ की अधिकतर कमाई पर्यटन से ही होती है.
नार्वे ही नहीं कुछ और भी देश है जहाँ कुछ दिनों तक सूरज नहीं डूबता है. यह देश है स्वीडन, फिन्लैंड,आइसलैंड और कनाडाके कुछ उत्तर पश्चिमी इलाके में भी सूरज कई दिनों तक लगातार चमकता रहता है .

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