*नोटिस के बाद जवाब दाखिल नहीं करने पर 96 दावे निरस्त*

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लखनऊ।

उत्तर प्रदेश सरकार ने औद्योगिक इकाईयों के रुके हुए भुगतान को वापस कराने के लिए फैसिलिटेशन काउंसिल का गठन किया था, लेकिन यह कारगर साबित नहीं हो रहा है। बुधवार को मंडलायुक्त की समीक्षा बैठक में प्रगति खराब मिली। इकाईयों की ओर से पोर्टल पर आवेदन कर दिए गए, लेकिन उनकी पैरवी नहीं की गई। नोटिस का जवाब व शुल्क भी जमा नहीं किया गया, जिस पर 96 प्रकरण निरस्त कर दिए गए। सूक्ष्म व लघुश्रेणी की औद्योगिक इकाइयों के अन्य औद्योगिक इकाइयों व सरकारी विभागों में बकाया भुगतान के लिए मंडल स्तर पर फैसिलिटेशन काउंसिल का गठन किया गया है। खरीद बिक्री के बाद पैसा नहीं मिलने पर यहां से आरसी व आपसी समझौते के माध्यम से भुगतान कराए जाने की व्यवस्था है। लेकिन शर्तहै कि ट्रेडिंग व जो भी खरीद बिक्री की गई हैउसके दस्तावेज होने चाहिए। बुधवार को मंडलायुक्त नवदीप रिणवा ने समीक्षा की, जिसमें केंद्र के समाधान पोर्टल पर अलीगढ़ मंडल के 126 इकाइयों नेऑनलाइन आवेदन किया। 96 दावों से संबंधित इकाइयों को पोर्टल एवं संयुक्त आयुक्त उद्योग ने पंजीकृत नोटिस जारी किए। बावजूद इकाइयों न तो अभिलेख जमा कराए गए और न ही काउंसिल का निर्धारित प्रारंभिक शुल्क जमा कराया गया। जिसके कारण उक्त 96 प्रकरणों को निरस्त किए जानेका निर्णय मंडलायुक्त की अध्यक्षता वाली समिति काउंसिल द्वारा लिया गया।

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