राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री ने राज भवन प्रांगण में 54वीं प्रादेशिक

जनपत की खबर , 332

फल, शाकभाजी एवं पुष्प प्रदर्शनी-2023 का शुभारम्भ किया

प्रदर्शनी 17 से 20 फरवरी, 2023 तक आयोजित की जा रही

यह प्रदर्शनी किसानों के लिए अपनी प्रतिभा और मेहनत
को सर्वाेच्च मंच पर प्रस्तुत करने का अवसर: मुख्यमंत्री

औद्यानिक फसल कई गुना आमदनी प्राप्त करने का माध्यम

औद्यानिक फसलों के माध्यम से बागवानों और
प्रगतिशील किसानों ने एक नया मानक प्रस्तुत किया

उ0प्र0 की कृषि जी0डी0पी0 में अन्नदाता किसानों का बड़ा योगदान,
कृषि जी0डी0पी0 में औद्यानिक फसलों का 25 प्रतिशत योगदान

राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री द्वारा 12 प्रगतिशील किसान सम्मानित

राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री द्वारा प्रादेशिक फल,
शाकभाजी एवं पुष्प प्रदर्शनी-2023 स्मारिका का विमोचन

राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी में
फल, शाकभाजी एवं पुष्प स्टाॅलों का अवलोकन किया

लखनऊ।

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल जी एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने आज यहां राज भवन प्रांगण में आयोजित, चार दिवसीय 54वीं प्रादेशिक फल, शाकभाजी एवं पुष्प प्रदर्शनी-2023 का शुभारम्भ किया। यह प्रदर्शनी 17 से 20 फरवरी, 2023 तक आयोजित की गयी है।
मुख्यमंत्री जी ने राजभवन में प्रादेशिक फल, शाकभाजी एवं पुष्प प्रदर्शनी के आयोजन के लिए राज्यपाल जी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदर्शनी द्वारा अन्नदाता किसानों को एक नया मंच मिलता है। यह प्रदर्शनी किसानों को प्रदेश व देश के सामने अपनी प्रतिभा को उजागर करने, अपनी मेहनत को सर्वाेच्च मंच पर प्रस्तुत करने का अवसर देती है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जब प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी अन्नदाता किसानों की आमदनी को कई गुना बढ़ाए जाने पर बल देते हैं, तब उनके द्वारा खेती व बाड़ी दोनों की चर्चा की जाती है। हम अपनी परम्परागत खेती में जितना उत्पादन करते हैं, उससे कई गुना फल, शाकभाजी व पुष्प की खेती में कर सकते हैं। औद्यानिक फसल कई गुना आमदनी प्राप्त करने का माध्यम है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि यहां पर आये एक प्रगतिशील किसान ने बताया कि उन्होंने एक हेक्टेयर खेती में 29 लाख रुपये का नेट प्राॅफिट कमाया। ऐसे ही अलग-अलग क्षेत्रों के किसानों को जिन्हें यहां सम्मानित किया गया है, उन सभी की एक सफल कहानी है। औद्यानिक फसलों के माध्यम से बागवानों और प्रगतिशील किसानों ने खेती-किसानी से जुड़े सभी अन्नदाता किसानों के सामने एक नया मानक प्रस्तुत किया है। राज भवन में आयोजित की जा रही प्रादेशिक फल, शाकभाजी एवं पुष्प प्रदर्शनी के 54 वर्षाें के इतिहास के पीछे भी यही मंशा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश एक कृषि प्रधान राज्य है। हमारा अन्नदाता किसान कड़ी मेहनत करता है। प्रकृति ने प्रदेश में उर्वरा भूमि व पर्याप्त जल संसाधन दिये हैं। देश की 11 प्रतिशत कृषि योग्य भूमि होने के बावजूद उत्तर प्रदेश देश के कुल खाद्यान्न उत्पादन में 20 प्रतिशत योगदान करता है। देश में जो बात उत्तर प्रदेश के अन्नदाता किसानों के लिए फिट बैठती है, वही स्थिति प्रदेश की औद्यानिक फसलों के किसानों के बारे में देखने को मिलती है। उत्तर प्रदेश की कृषि जी0डी0पी0 में अन्नदाता किसानों का बड़ा योगदान है। उसी प्रकार औद्यानिक फसलों से ही कृषि जी0डी0पी0 में 25 प्रतिशत योगदान प्रदेश का किसान करता है।
इस अवसर पर राज्यपाल जी एवं मुख्यमंत्री जी द्वारा प्रादेशिक फल, शाकभाजी एवं पुष्प प्रदर्शनी-2023 स्मारिका का विमोचन किया गया। उन्होंने प्रदर्शनी में लगाए गए फल, शाकभाजी एवं पुष्प स्टाॅलों का अवलोकन भी किया।
राज्यपाल जी एवं मुख्यमंत्री जी द्वारा 12 प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया गया। इनमें श्री मदन पाण्डेय, श्री पुष्पेन्द्र सिंह, श्री सुरेन्द्र प्रसाद पाठक, श्री रमन सिंह, श्री जय देव सिंह, श्री अमरेन्द्र प्रताप सिंह, श्रीमती सुमन देवी, श्री सुधीर कुमार, कु0 ईशा, श्री भगवत किशोर, श्री लोक राज मौर्य, श्री विश्वनाथ यादव शामिल हैं।
राज्यपाल जी एवं मुख्यमंत्री जी को प्रतीक चिन्ह भेंट कर स्वागत किया गया। राज्यपाल जी एवं मुख्यमंत्री जी को जनपद बागपत के प्रगतिशील किसान श्री जय देव सिंह ने स्वयं उत्पादित शहद तथा जनपद बाराबंकी के किसान श्री अमरेन्द्र प्रताप सिंह ने स्वयं उत्पादित स्ट्राॅबेरी भेंट की। स्कूल के दो विद्यार्थियों ने राज्यपाल जी एवं मुख्यमंत्री जी को उनकी पेंटिंग भेंट की।
कार्यक्रम के दौरान उद्यान, कृषि विपणन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री दिनेश प्रताप सिंह, कृषि उत्पादन आयुक्त श्री मनोज कुमार सिंह, प्रमुख सचिव राज्यपाल श्रीमती कल्पना अवस्थी, विशेष सचिव राज्यपाल श्री बी0एन0 सिंह, जिलाधिकारी लखनऊ श्री सूर्यपाल गंगवार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
ज्ञातव्य है कि बागवानी फसलों की विविधता को एक स्थान पर जनसाधारण को दिखाए जाने के उद्देश्य से प्रतिवर्ष यह प्रदर्शनी आयोजित की जाती है। यह प्रदर्शनी उत्तर भारत की सबसे पुरानी, समृद्ध एवं अनूठी प्रदर्शनी है। इस प्रदर्शनी में मुख्य रूप से उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा विभिन्न संस्थाओं के पण्डाल, शाकभाजी, फल एवं पुष्प के पण्डाल, कलात्मक सज्जा से युक्त पण्डाल तथा व्यक्तिगत वर्ग के तहत गमलों में उगायी गयी सब्जियों तथा सजीव फूलों से बनी आकृतियों का प्रदर्शन, इस आयोजन के प्रमुख आकर्षणों में सम्मिलित है।

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