मुख्यमंत्री जनपद सिद्धार्थनगर में ‘सिद्धार्थनगर महोत्सव-2023’ के समापन कार्यक्रम में सम्मिलित हुए

जनपत की खबर , 228

जनपद सिद्धार्थनगर ने अपनी पुरातन पहचान फिर से वैश्विक मंच पर स्थापित की

 

जनपद सिद्धार्थनगर का काला नमक चावल ओ0डी0ओ0पी0 

में शामिल, काला नमक चावल की मांग देश व दुनिया में, 

विभिन्न आॅनलाइन प्लेटफाॅर्म पर काला नमक चावल उपलब्ध

 

जनपद सिद्धार्थनगर में मेडिकल काॅलेज बनकर तैयार

 

जनपद सिद्धार्थनगर में 08 हजार करोड़ रु0 से अधिक का निवेश जब धरातल 

पर दिखेगा तब यह आकांक्षात्मक जनपद नहीं, बल्कि विकास की प्रक्रिया 

के साथ विकसित जनपदों की तर्ज पर आगे बढ़ता हुआ दिखायी देगा

 

आकांक्षात्मक जनपद सिद्धार्थनगर नीति आयोग के तय पैरामीटर 

से ऊपर उठकर विकास की एक नयी गति के साथ आगे बढ़ रहा

 

मुख्यमंत्री जी ने काला नमक चावल के क्षेत्र में 

विशिष्ट कार्य करने वाले लोगों को सम्मानित किया

 

लखनऊ: 01 फरवरी, 2023

 

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी आज जनपद सिद्धार्थनगर में ‘सिद्धार्थनगर महोत्सव-2023’ के समापन कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। मुख्यमंत्री जी ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि सिद्धार्थनगर महोत्सव के माध्यम से जनपद को एक विशिष्ट पहचान मिली है। प्रदेश सरकार ने जनपद सिद्धार्थनगर के काला नमक चावल को ‘एक जनपद, एक उत्पाद’ (ओ0डी0ओ0पी0) योजना में शामिल किया है। यहां के काला नमक चावल की मांग देश व दुनिया में है। प्रदेश सरकार के प्रयासों से विभिन्न आॅनलाइन प्लेटफाॅर्म पर काला नमक चावल उपलब्ध है। आज जनपद सिद्धार्थनगर ने अपनी पुरातन पहचान को फिर से वैश्विक मंच पर स्थापित किया है।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वर्ष 2017 से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में राज्य सरकार ने जनपद सिद्धार्थनगर में अनेक विकास कार्य किये हैं। ‘एक जनपद, एक मेडिकल काॅलेज’ की तर्ज पर जनपद सिद्धार्थनगर में पं0 माधव प्रसाद त्रिपाठी के नाम पर मेडिकल काॅलेज बनकर तैयार है। यह मेडिकल काॅलेज उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाओं का केन्द्र बनेगा।  

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि करुणा और मैत्री के प्रतीक भगवान बुद्ध ने अपने शुरुआती 29 वर्ष यहीं व्यतीत किये। इस कारण जनपद का नामकरण सिद्धार्थनगर हुआ। जनपद सिद्धार्थनगर का गठन वर्ष 1988 में हुआ है। यह जनपद विगत 03 दशक तक लगातार उपेक्षा का दंश झेलता रहा। जनपद में विकास दूर था। इन्सेफेलाइटिस से यहां हजारों बच्चों की दुर्भाग्यपूर्ण मृत्यु होती थी। युवा पलायन करते थे। पलायन रोकने के लिए प्रदेश सरकार यू0पी0 ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन करने जा रही है। 

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जनपद सिद्धार्थनगर में भी एक नया मानक गढ़ने का कार्य प्रारम्भ हुआ है। 08 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश जब धरातल पर यहां दिखेगा, तब यह आकांक्षात्मक जनपद नहीं, बल्कि विकास की प्रक्रिया के साथ विकसित जनपदों की तर्ज पर आगे बढ़ता हुआ दिखायी देगा। यहां के नौजवान रोजगार की अनेक सम्भावनाओं से जुड़ेंगे। उद्यमियों, निवेशकों, जनप्रतिनिधियों, जिला प्रशासन के अधिकारियों ने रुचि लेकर जनपद सिद्धार्थनगर का कायाकल्प करने का कार्य किया है। सकारात्मक सोच के साथ प्रयास करने से सब कुछ सम्भव है। 

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि 05 वर्ष पूर्व पूर्वी उत्तर प्रदेश के जनपदों में लोग जुलाई से लेकर नवम्बर तक इन्सेफेलाइटिस बीमारी के भय व दहशत में जीते थे। डबल इंजन की सरकार के प्रयासों से आज इस क्षेत्र से इन्सेफेलाइटिस जैसी बीमारी को पूरी तरह समाप्त होने की ओर अग्रसर है। इन्सेफेलाइटिस से भय और दहशत का माहौल खत्म हो चुका है। दुनिया की सबसे बड़ी महामारी कोरोना पर प्रभावी नियंत्रण कैसे होना चाहिए यह जनपद सिद्धार्थनगर व उत्तर प्रदेश ने प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में करके दिखाया है। 

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में देश दुनिया में एक नयी ताकत के रूप में उभर रहा है। भारतीय अर्थव्यवस्था दुनिया की सबसे तेज गति से आगे बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था है। उत्तर प्रदेश ने देश में एक नयी पहचान बनायी है। जनपद सिद्धार्थनगर आकांक्षात्मक जनपद से ऊपर उठ रहा है। विगत 03-04 वर्षाें में जनपद ने विकास कार्याें में एक नयी गति प्राप्त की है। नीति आयोग के तय पैरामीटर से ऊपर उठकर जनपद सिद्धार्थनगर विकास की एक नयी गति के साथ आगे बढ़ रहा है।

इससे पूर्व, मुख्यमंत्री जी ने काला नमक चावल के क्षेत्र में विशिष्ट कार्य करने वाले लोगों को सम्मानित किया। उन्होंने सिद्धार्थनगर महोत्सव के ‘लोगो’ को बनाने वाले छात्र को भी सम्मानित किया। कार्यक्रम के प्रारम्भ में छात्राओं द्वारा स्वागत गीत तथा कपिलवस्तु गीत गाया गया। 

इस अवसर पर जनप्रतिनिधिगण, शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी व अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।

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