वर्ष 2022-23 में अब तक 368340 हे0 रबी फसलों का आच्छादन बढ़ा

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अब तक कुल 12796309 हे0 भूमि का रबी फसलों से हुआ आच्छादन

-श्री सूर्य प्रताप शाही

 

लखनऊः ।

 

  प्रदेश के कृषि मंत्री श्री सूर्य प्रताप शाही ने बताया कि प्रदेश सरकार के बेहतर प्रयासों से राज्य में गत वर्ष की तुलना में 368340 हे0 रबी फसलों का आच्छादन बढ़ा है। इसमें से 239000 हे0 हरी मटर की खेती होती है जो बाजार में सीजनल मटर के रूप में बिक रही है। उन्होंने बताया कि जौ, मक्का, चना, मसूर, तोरिया, अलसी के रकबे में भी बेहतर वृद्धि हुई है। जो विगत वर्ष की तुलना में 03 प्रतिशत अधिक है। श्री शाही आज लोकभवन के मीडिया सेंटर में पत्रकार वार्ता को सम्बोधित कर रहे थे। 

श्री शाही ने बताया कि इस वर्ष अब तक 592034 राई, सरसों के मिनी किट और 441563 मिनी किट चने और मसूर के मिनी किट भी वितरित किये गये हैं। इसके फलस्वरूप इस वर्ष राज्य में तिलहन और दलहन के उत्पादन में वृद्धि हुई। 

श्री शाही ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा कृषि में किये जा रहे यन्त्रीकरण के कारण कृषि कार्य में मशीन और तकनीकियों का प्रयोग बढ़ा है। जिसके फलस्वरूप 40 से 50 प्रतिशत तक के किसानों ने पक्तिबंद्ध कृषि करना शुरू कर दिया है। पंक्तिबद्ध कृषि से लागत घटती है और उत्पादकता बढ़ती है। इस प्रकार सरकार के प्रयासों एवं किसानों के परिश्रम से अब तक कुल 12796309 हे0 भूमि का रबी फसलों से आच्छादन हो चुका है। वहीं विगत वर्ष 12427969 हे0 पर रबी फसलों का आच्छादन था। कृषि में बेहतर तकनीक के प्रयोग से यह संभव हो पाया है, इसके लिए किसान बधाई के पात्र हैं। 

उन्होंने कहा कि राज्य मंे बड़े पैमाने पर कृषि के यन्त्रीकरण को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से यन्त्रों की खरीद के लिए 650 करोड़ रूपये का अनुदान दिया जायेगा तथा 50 हजार से ज्यादा कृषि उपकरण किसानों को उपलब्ध कराये जायेंगे।

उन्होंने बताया कि राज्य में कुसुम योजना के अंतर्गत 15 हजार सोलर पम्प विज्ञापित किये गये थे, जिसके सापेक्ष 29 हजार आवेदन प्राप्त हुए हैं। इसमें 13183 किसानों ने अपना कृषक अंश जमा करा दिया। जिन किसानों ने अपना कृषक अंश जमा करा दिया था उनमें 8778 को पम्प प्राप्त हो गया है। शेष को भी शीघ्र उपलब्ध करा दिया जायेगा।

श्री शाही ने बताया कि राज्य के भीतर बेहतर कृषि व्यवस्था के लिए प्रदेश सरकार ने उर्वरक की आपूर्ति भी निरन्तर बनाये रखी है। धान का उत्पादन भी इस वर्ष बेहतर हुआ है और सरकार ने इस वर्ष 70 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद का लक्ष्य रखा है। धान की खरीद के लिए वर्तमान में 4384 क्रय केन्द्र कार्यरत हैं तथा अब तक 3791479 मीट्रिक टन धान की खरीद हो चुकी है। जो लक्ष्य के सापेक्ष 34.16 प्रतिशत है। प्रदेश सरकार ने 18 जनपदों में 97 बाजरे के क्रय केन्द्रों द्वारा 42957 मीट्रिक टन बाजरे की खरीद भी की है। प्रदेश सरकार किसानों को अधिक से अधिक लाभ पहुचाने के उद्देश्य से राज्य के 70 जनपदों में 110000 हे0 से अधिक क्षेत्रफलों में प्राकृतिक खेती का कार्य प्रारम्भ करने जा रही है। 2023 को अन्तर्राष्ट्रीय मिलेट्स वर्ष घोषित किया गया है। राज्य सरकार द्वारा मिलेट्स के लिए जरूरी कार्ययोजना बनाकर अभियान शीघ्र चलाया जायेगा। 

उन्होंने कहा कि सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को किसानों तक पहंुचाने के लिए सभी अधिकारी/कर्मचारी ईमानदारी से कार्य करें। उन्हांेने यह भी कहा कि हाल ही में कार्य में लापरवाही एवं कदाचार के कारण बुलन्दशहर के उपनिदेशक कृषि व महोबा के जिला कृषि अधिकारी को निलम्बित किया गया है। 

इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव कृषि श्री देवेश चतुर्वेदी और कृषि निदेशक सहित अन्य गणमान्य अधिकारी उपस्थित थे।

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