*ईसाई समुदाय क्रिसमस मनाने की तैयारी में*

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लखनऊ।
*क्रिसमस का उत्सव हर्षित और भक्तिमय हो* 

लखनऊ और आसपास का ईसाई समुदाय 25 दिसंबर  2022 को क्रिसमस के महान त्योहार को खुशी और हर्ष के साथ मनाने की तैयारी कर रहा है।

 क्रिसमस का काल, रविवार, 27 नवंबर 2022 को एडवेंट काल की शुरुआत के साथ शुरू हुआ। *'एडवेंट'* लैटिन के 'एडवेंटस' से आया है, जिसका अर्थ है 'आगमन', क्रिसमस की तैयारी में चार सप्ताह की प्रार्थनापूर्ण तैयारी, बेथलहम में प्रभु यीशु मसीह के जन्म का उत्सव की तैयारी है।

 समारोह की शीघ्र तैयारी भी शुरू हो गई है। कई क्रिसमस गतिविधियाँ हैं जो इस अवसर के खुश और आनंदमय स्वभाव को प्रदर्शित करेंगी। शहर के मुख्य चर्च सेंट जोसेफ कैथेड्रल, हजरतगंज में  24 दिसंबर 2022 को रात करीब 10.30 बजे क्रिसमस कैरल गायन के साथ पवित्र मिस्सा होगा, और इसकी अगुवाई करेगें लखनऊ के बिशप जेराल्ड जॉन मथियस और अन्य पुरोहित। इस वर्ष, मुख्य रूप से पल्ली सदस्य 25 दिसंबर 2022 को मध्यरात्रि पवित्र मिस्सा और दिन के दौरान आयोजित पूजा सेवाओं में भाग लेंगे। वहीं कैथेड्रल कंपाउंड को क्रिसमस लाइट्स, क्रिसमस क्रिब और क्रिसमस स्टार्स से सजाया जाएगा, जो क्रिसमस के खुशनुमा माहौल को दर्शाएगा! हर साल, क्रिसमस के दिन, सुबह लगभग 10.00 बजे से रात 10.00 बजे तक 80,000 से अधिक लोग चर्च और मेरियन ग्रोटो (माता मरियम का Grotto) में मन्नत की मोमबत्तियाँ जलाने और प्रार्थना करने आते हैं।

आयोजित होने वाले अन्य कार्यक्रमों में 26 दिसंबर 2022 को शाम 4.30 बजे शहर के प्रमुख नागरिक और धार्मिक नेताओं के लिए  'क्रिसमस गेट-टूगेदर' है।

 अपने क्रिसमस संदेश में, लखनऊ के बिशप जेराल्ड मथियस ने कहा, *“क्रिसमस में हम शांति के राजकुमार, ईसा मसीह के जन्म का जश्न मनाते हैं! यह क्रिसमस हमारे लिए प्रभु यीशु मसीह द्वारा प्रदान की गई वास्तविक शांति और आनंद लाए जिसकी आज की दुनिया में बहुत आवश्यकता है”*। उन्होंने समुदाय से अपील की कि वे क्रिसमस के आध्यात्मिक संदेश की ओर लौटें और इस महत्वपूर्ण पवित्र पर्व का व्यावसायीकरण न करें।

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