स्वास्थ्य सेवा हुई बेहतर, प्रसव के दौरान महिलाओं की मृत्यु घटी
जनपत की खबर Dec 01, 2022 at 06:03 PM , 204उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक बोले स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार से बेहतर नतीजे आ रहे सामने
अस्पतालों में संसाधन बढ़ाने के लिए सरकार लगातार उठा रही कदम
लखनऊ। 1 दिसंबर
स्वास्थ्य सेवाओं में लगातार सुधार के सकरात्मक परिणाम नजर आने लगे हैं। महिला अस्पतालों में संसाधन बढ़ाये जा रहे हैं। परिणाम स्वरूप प्रसव के दौरान महिलाओं की मृत्यु रोकने में बड़ी कामयाबी मिली है। बीते तीन वर्षों में प्रसव के दौरान महिलाओं की मृत्यु में कमी दर्ज की गई है। यह तथ्य भारत सरकार की तरफ से जारी रिपोर्ट में हुआ है।
यूपी में हर साल करीब 56 लाख प्रसव हो रहे हैं। मातृ एवं शिशु मृत्युदर के आंकड़ों में कमी लाने के लिए संस्थागत प्रसव को बढ़ावा दिया जा रहा है। अस्पतालों में संसाधन बढ़ाए जा रहे हैं। इसके परिणाम भी सामने आने लगे हैं। लगातार प्रसव के दौरान महिलाओं की मृत्यु के आंकड़ों में कमी दर्ज की जा रही है।
बयान
मातृ एवं शिशु मृत्युदर में कमी लाने के दिशा में लगातार कदम उठाये जा रहे हैं। इसके लिए महिला अस्पतालों में सुधार किये जा रहे हैं। प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी संसाधन बढ़ाये गये हैं। यह क्रम लगातार जारी है। इसका नतीजे अब नजर आने लगे हैं। योगी सरकार केंद्र की योजनाएं पूरी ईमानदारी से लागू की जा रही हैं।
बृजेश पाठक, उपमुख्यमंत्री
ये कदम उठाये गये
-संस्थागत प्रसव को बढ़ावा
-102 एम्बुलेंस की सेवा में सुधार
-एंटी नेटल चेकअप पर जोर
-गर्भावस्था के दौरान समय-समय पर खून की जांचें
-गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण
-मुफ्त गुणवत्तापरक कैल्शियम, आयरन, फोलिक एसिड दवाये गर्भवती महिलाओं को उपलब्ध कराना
-आशा व एएनएम गर्भवती महिलाओं को सरकारी अस्पताल में इलाज के लिए प्रेरित कर रही हैं
-सरकारी अस्पतालों में 24 घंटे ऑपरेशन व सामान्य प्रसव की सुविधा मुहैया कराई जा रही है
-रेडियोलॉजिस्ट व एनस्थीसिया विशेषज्ञ संविदा पर रखे जा रहे हैं
-पीपीपी मॉडल पर पैथोलॉजी व रेडियोलॉजी की सुविधा दूर-दराज से अस्पतालों में 24 घंटे मुहैया कराए जाने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। महिलाओं की प्रसव के दौरान मृत्यु के आंकड़ों में और कमी लाने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। इसको हर हाल में शून्य पर लाना है।
वर्ष डिलीवरी के समय महिलाओं की मृत्यु
2014-15 130
2015-16 122
2016-17 113
2017-18 103
2019-20 97
(नोट-महिलाओं की डिलवरी के दौरान मृत्यु प्रति लाख शिशुओं के जन्म पर है।)































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