श्री जय नारायण मिश्र स्नातकोत्तर महाविद्यालय के सभागार में विकासोन्मुखी व्याख्यान का किया गया आयोजन

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लखनऊ 16 नवम्बर 2022(सूचना विभाग),      श्री जय नारायण मिश्र स्नातकोत्तर महाविद्यालय के सभागार में शिक्षा शास्त्र विभाग के द्वारा 'शिक्षाशास्त्र: एक विकासोन्मुखी अनुशासन एवम विषय के रूप में' विषय पर अतिथि व्याख्यान का आयोजन किया गया ।
       इस अवसर पर विभागाध्यक्ष, शिक्षाशास्त्र प्रो० रश्मि सोनी द्वारा कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो० रजनी रंजन सिंह, संकायाध्यक्ष एवम डीन, शिक्षा संकाय, शकुन्तला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय, लखनऊ को स्मृति चिन्ह एवम पुष्प  द्वारा सम्मान एवम उनका स्वागत किया गया।
 कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एवं मुख्य अतिथि प्रो० रजनी रंजन सिंह ने कहा कि विद्यार्थियों को शिक्षाशास्त्र एक विषय या अनुशासन के रुप में नही अपितु जीवन जीने के एक शैली के रुप में पढ़ना चाहिए । अनुशासन का अर्थ केवल समय पर कार्य करना अथवा निश्चित पोशाक को धारण करना ही नहीं होता है, बल्कि अनुशासन को विषय के रुप में आत्मसात करने के पश्चात् व्यवहार में होने वाले परिवर्तन के रूप में उसकी पहचान की जानी चाहिए । उन्होंने अपने वक्तव्य में कहा कि शिक्षाशास्त्र विषय को तीन वर्ष तक अध्ययन करने के पश्चात छात्र बहुविषयक ज्ञान प्राप्त करता है और वह समस्या को बहुआयामी दृष्टिकोण से समझने लगता है,जिसके पश्चात् शिक्षक के रुप में वह छात्र की प्रतिभा का आकलन और भी बेहतर ढंग से करता है। उन्होंने केंद्रीय सरकार द्धारा वाराणसी में खुलने वाले मल्टीडिसिप्लिनरी पेडोगोगिकल सेंटर की बात की जहां शिक्षाशास्त्र विषय के अध्यापक की नियुक्ति एवम उसकी महत्त्वपूर्ण उपयोगिता पर प्रकाश डाला। प्रो० सिंह ने शिक्षाशास्त्र विषय में अपना करियर बनाने हेतु भविष्य के अवसरों की उपलब्धता पर प्रकाश डाला।
             कार्यक्रम में महविद्यालय के उपप्राचार्य प्रो० विनोद चंद्रा ने छात्रों को व्याख्यान के समय पर महत्त्वपूर्ण गतिविधियों को अपनाने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि सदैव एक शिक्षार्थी को विशिष्ट अवसरों पर होने वाले व्याख्यान को अपने नोट बुक में अंकित करते रहना चाहिए ताकि उन्हें भविष्य में कभी भी अच्छी बातों का पुनरावलोकन एवम मनन करने का अवसर मिलता रहे। उन्होंने शिक्षाशास्त्र विषय के विभिन्न तकनीकि पहलुओं पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम के अंत में शिक्षाशास्त्र की अध्यक्ष प्रो० रश्मि सोनी ने सभी का धन्यवाद ज्ञापन किया गया। कार्यक्रम का संचालन डॉ मनीष मिश्रा ने किया । अतिथि व्याख्यान में 200 से अधिक छात्र छात्राओं ने सहभगिता प्रदान की।
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