शिक्षक एसोसिएशन उत्तर प्रदेश ने , शिक्षकों की लंबित मांगो को लेकर , निदेशक को सौंपा ज्ञापन ।

जनपत की खबर , 1066

उत्तर प्रदेश विशेष शिक्षक एसोसिएशन ने शिक्षकों की लंबित मांगों को लेकर निदेशक को ज्ञापन सौंपा।

शिक्षकों को समयानुसार मानदेय, भत्ता, पीएफ, आदि समय अनुसार भुगतान न वृद्धि न होने से शिक्षकों में रोष व्याप्त है।

अखिलेश दुबे 
लखनऊ संवाददाता 
उत्तर प्रदेश शिक्षक संगठन ने कई वर्षों से शिक्षकों की अत्यंत गंभीर समस्याओं के संबंध में लंबित मांगों के निस्तारण के लिए उत्तर प्रदेश निदेशक को ज्ञापन सौंपा व संगठन संरक्षक अभिमन्यु प्रसाद तिवारी ने पत्रकारों से बातचीत कर बताया। कि जिले व प्रदेश में कार्यरत शिक्षकों को पिछले कई वर्षों से मानदेय वृद्धि, यात्रा, भत्ता वृद्धि नवीनीकरण पीएफ कटौती आदि के निस्तारण हेतु निर्देशित किया जाए। परंतु कई बार निदेशक महोदय को अवगत कराने के बावजूद भी बड़े दुख की बात है कि शिक्षकों की गम्भीर समस्याओं का निस्तारण अभी तक नहीं किया गया। वहीं संगठन अध्यक्ष ने शिक्षकों की गंभीर समस्याओं को लेकर यह भी आरोप लगाया कि जनपदों में अभी विशेष शिक्षकों का नवीनीकरण नहीं किया गया जब कि उनसे निरंतर कार्य कराने के उपरांत भी उनके मानदेय का भुगतान नहीं किया जा रहा है। साथ ही मोबिलिटी भत्ता भी नहीं उपलब्ध कराया जा रहा है। और ना ही उस संबंध में किसी प्रकार की कोई कार्यवाही की जा रही है। जिससे प्रदेश व जनपद स्तर पर विशेष शिक्षकों के शोषण की प्रक्रिया गम्भीर होने के साथ गहरी होती जा रही है। जिससे विशेष शिक्षकों के साथ हो रहे दुर्व्यवहार से काफी निराशा व्याप्त है।  जबकि शिक्षकों मे कई शिक्षक विशेष दुर्घटना का शिकार भी हो गए है। और उन्हें अपनी जान भी गंवानी पड़ गई। फिर भी उन्हें भी किसी प्रकार की सहायता विभाग द्वारा उपलब्ध नहीं कराई गई। यहां तक की मांग की गयी मई-जून मे आदेश के अनुसार बिना मानदेय व मोबिलिटी भत्ते के भी कार्य कर रहे शिक्षकों का कोई भुगतान अभी तक नहीं किया गया। इन शिक्षकों को अपने पास से ही धन व्यय करना पड़ रहा है। यहां तक कि परियोजना द्वारा आई टी/ आर टी के मानदेय वृद्धि बजट का पत्र दिनांक 16 अक्टूबर 2020 को सभी जनपदों को प्रेषित किया जा चुका है। जिसमे उसी दिन निरस्तीकरण का पत्र पर आदेश भी है। कि उसी दिन निस्तारण कर विशेष शिक्षकों के साथ इन्हें भक्ता उपलब्ध कराया जाए लेकिन अभी तक इस आदेश का विभाग द्वारा कोई भी अनुपालन नहीं किया गया इससे भददा मजाक शिक्षकों के साथ और क्या होगा इस तरीके से समाज को शिक्षित करने की दिशा में कार्य कर रहे शिक्षक अपने आप को असहाय और बेसहारा महसूस कर रहे है। वही शिक्षकों को ऐसा लग रहा है कि उनकी उपेक्षा की जा रही है और वह अपने आप को असुरक्षित व असहाय भी महसूस कर रहे हैं। ऐसी स्थिति में शिक्षकों का कहना है कि आंदोलन जैसी परिस्थितियां उत्पन्न करने के लिए शिक्षा विभाग मजबूर कर रहा है। वहीं शिक्षकों के संगठन नेता और शिक्षकों ने एक साथ हुंकार भरते हुये कहा कि यदि हमारी लंबित मांगों का निस्तारण समयानुसार नहीं हुआ तो हम पूरे प्रदेश में एकत्र होकर सरकार व प्रशासन के खिलाफ भीषण आंदोलन करेंगे।

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