4 लाख घनफुट पत्थरों से बनेगा राम मंदिर,17 लाख घनफुट पत्थरों से होगी मंदिर की भव्यता

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अयोध्या। अयोध्या में भगवान श्री राम की भव्य मंदिर का निर्माण राजस्थान के पत्थरों से किया जा रहा है। वैसे तो मंदिर निर्माण में 4 लाख 8000 घनफुट पत्थर लगाए जाने हैं लेकिन मंदिर की भव्यता के लिए 17 लाख घनफुट पत्थरों तब उपयोग किया जाएगा। ट्रस्ट की माने तो भारत का यह पहला भव्य मंदिर होगा। तो वही इस मंदिर की दिव्यता भी मंदिर परिसर के अंदर से दिखाई देगा जब गर्भगृह से लेकर सभी सिंह द्वार तक के फर्श भी सफेद मार्बल और दूधिया लाइट से चमकता दिखाई देगा।अयोध्या में भगवान श्री राम के भव्य मंदिर का निर्माण हो रहा है मंदिर निर्माण के लिए गर्भ गृह के साथ मंडपो के निर्माण का कार्य शुरू कर दिया गया है। इस निर्माण कार्य में मंदिर के भव्यता और दिव्यता का पूरा ख्याल रखा जा रहा है। राम जन्मभूमि मंदिर का निर्माण राजस्थान के पिंक सैंड स्टोन से किया जा रहा है जो कि मध्य में लगभग 4 लाख 8000 फुट पत्थरों का प्रयोग किया जाएगा तो वही मंदिर परिसर के बाहर राजस्थान के ही पत्थरों से 800 मीटर की परिधि में भव्य परकोटे का निर्माण होगा जिसके चारों कोनों पर देवी देवता विराजमान होगें और यह परकोटा मंदिर की भव्यता बढ़ाएगी। परकोटा निर्माण की तैयारी को शुरू कर दिया गया है इस निर्माण कार्य के बीच आ रहे बने पुलिस कंट्रोल रूम मानस भवन को खाली कराए जाने के साथ तोड़े जाने का कार्य शुरू कर दिया गया है। और दिसंबर माह से परकोटे निर्माण का कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा।श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने जानकारी देते हुए बताया कि मकराना का सफेद रंग का पत्थर है। अवशेष पत्थर राजस्थान के भरतपुर जिला बंसी पहाड़पुर गांव हल्के गुलाबी रंग का बलुआ पत्थर लगभग चार लाख आठ हजार घनफुट पत्थर मंदिर में लगेगा जिसमें मकराना मार्बल अलग है मंदिर में जितने फर्श होंगे। उसमें भी मकराना मार्बल सफेद रंग के पत्थर लगाए जाएंगे वही कहा कि परकोटा बनेगा जो आयताकार होगा लगभग 800 मीटर की परिक्रमा होगी वह भी राजस्थान के पत्थरों से ही बनाया जाएगा। माना जाए तो राम जन्मभूमि मंदिर में 21 लाख घनफुट पत्थर लगने वाला है शायद इतनी बड़ी रचना शताब्दियों से उत्तर भारत में हुई ही नहीं होगी।राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य डॉ अनिल मिश्रा ने बताया कि गर्भ गृह में संगमरमर के पत्थर लगना शुरू हो गए हैं और गर्भ ग्रह के चारों तरफ 350 फिट यानी नित्य मंडप के आगे तक पत्थरों की लगभग 8 सताह लग कर के पूर्ण हो गई है। पत्थरों के आमद जो राजस्थान के कारण सालों में चल रही पत्थर तरासी के बाद तेजी से हो जाएगा। परकोटे का निर्माण भी बहुत ही शीघ्र से प्रारंभ होने वाला है और जैसे ही मानस भवन खाली होगा उसके बाद परकोटे का निर्माण शुरू हो जाएगा। इसके लिए मानस भवन के उस स्थान को खाली कराने के लिए तोड़ने का कार्य शुरू हो गया है।

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