सरल एवं सुलभ तकनीकों को विकसित करने की आवश्यकता है- डॉ राय

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कृषि विश्वविद्यालय में 498 को डिग्री व 25 को मिलें स्वर्ण पदक

अयोध्या। उत्तर प्रदेश देश के कुल अनाज उत्पादन का 20 प्रतिशत से अधिक उत्पादन कर देश की पोषक आवश्यकताओं को पूरा करता है। बढ़ती हुई जनसंख्या छीण होता मृदा स्वास्थ्य असामयिक छिटपुट वर्षा बाढ़ जलवायु परिवर्तन ग्रीन हाउस गैसों की बढ़ती सांद्रता घटता हुआ जलस्तर प्राकृतिक संसाधनों का क्षरण सिमटती जोत कम कृषि आय तथा भोजन के लिए उपभोक्ताओं की बदलती पसंद आदि किसानों के हितों को सीधा प्रभावित कर रहे हैं। इन समस्याओं पर हम सबको गंभीरता से विचार कर इनके निराकरण पर शोध कार्य करना होगा।नई खाद्य प्रसंस्करण सुविधा ऊर्जा की अनियमित आपूर्ति बाजारों तक कृषकों की सीधी पहुंच उन्नत प्रजातियों के बीजों की उपलब्धता एवं कृषि आय में वृद्धि के साथ-साथ निरंतर खाद्य पदार्थों की बढ़ती आवश्यकता को पूरा करने के लिए विशेष प्रयासों को गति देनी होगी। एकीकृत रोग कीट प्रबंधन पोषक तत्व प्रबंधन वर्षा जल के संचयन एवं उपयोग करने की सरल एवं सुलभ तकनीकों को विकसित करने की आवश्यकता है। फसल अवशेषों को जलाने के कारण समूचे उत्तर भारत में बढ़ते हुए वायु प्रदूषण को कम करने के लिए हमें फसल अवशेषों के वैकल्पिक उपयोग के नवीन आयामों पर और अधिक कार्य करना होगा। मिट्टी की जांच के उपरांत उर्वरकों के अनावश्यक प्रयोग को कम किया जा सकता है। ‌ कृषि फसलों में विविधीकरण फसल चक्र एक जिला एक उत्पाद मूल वर्जित उत्पाद जैविक एवं प्राकृतिक कृषि पारंपरिक ज्ञान एवं विज्ञान में संबंध स्थापित कर हमें आगे बढ़ना होगा।
उक्त उद्गार सोमवार को आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कुमारगंज के 23 वें दीक्षांत समारोह के बतौर मुख्य अतिथि पूर्व सचिव कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान भारत सरकार व पूर्व महानिदेशक भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद डॉ मंगला राय ने व्यक्त किया। विशिष्ट अतिथि राज मंत्री कृषि कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग उत्तर प्रदेश सरकार लाखन सिंह राजपूत ने अपने संबोधन में कहा कि ग्रामीणों की आय में वृद्धि के लिए राज्य सरकार द्वारा कृषि के साथ-साथ डेयरी एवं उत्पादन का विकास प्राथमिकता पर किया जाना चाहिए। इस क्षेत्र की उन्नत के लिए अनुभवी शोधकर्ताओं शिक्षकों वैज्ञानिकों कृषकों कृषि संस्थानों एवं विश्वविद्यालयों को निरंतर कार्य करना होगा। जिससे ग्रामीण व कमजोर वर्ग के किसानों को आवश्यकतानुसार तकनीकी ज्ञान एवं सेवाएं प्राप्त हो सके। कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ विजेंद्र सिंह ने कुलाधिपति के समक्ष अपने प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए कहा कि शिक्षा शोध एवं प्रसार के क्षेत्र में शॉप पर गए दांतो का पारदर्शी एवं नियमन पुल निर्माण करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं तथा भविष्य के लिए प्राथमिकताएं तय की गई हैं। जिसमें विश्वविद्यालय में उपलब्ध संसाधनों से ग्रामीण व बेरोजगार युवाओं को प्रशिक्षित कर उनका कौशल विकास उद्यान एवं वानिकी पशुपालन मात्स्यिकी एवं कृषि व्यवसाय प्रबंधन महाविद्यालयों में कृषक आधारित शोध को बढ़ावा बदलती हुई जलवायु की परिस्थितियों में उपयोगी फसल चक्र का निर्धारण करते हुए कृषि विज्ञान केंद्रों के माध्यम से विकसित तकनीकी एवं विभिन्न फसलों की नई प्रजातियों को किसको के प्रश्नों तक प्रसारित करना है। दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता कर रही प्रदेश की राज्यपाल व कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने अपने उद्बोधन में कहा कि कृषि विश्वविद्यालय का योगदान अतुलनीय है। राजपाल ने कहा कि गौरव की बात है कि आज महिलाएं सभी क्षेत्रों में आगे है। महिलाएं सोच समझ कर पढ़ाई कर रही हैं। किसानों को भी सही मार्गदर्शन देने का कार्य कृषि विश्वविद्यालय का है। उन्होंने कहा कि किसानों को आत्मनिर्भर होना पड़ेगा।शिक्षा के माध्यम से गरीबी दूर हो सकती है। कृषि विद्यालय परिसर में ही कृषि शोध कार्य सीमित नहीं होना चाहिए बल्कि किसानों तक पहुंचाना होगा। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने किसान नीलम सिंह राकेश दुबे शकुंतला यादव रामदेव कैलाश नारायण सिंह अमरेंद्र प्रताप सिंह अतुल कुमार सिंह खड़ा सन सिंह रामप्रकाश मौर्य रिजवान अली रामप्रवेश आज किसानों को अंग वस्त्र और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इसके साथ ही करीब 20 प्राथमिक विद्यालयों के छात्र छात्राओं को पौष्टिक आहार और पाठ्य पुस्तक वितरित किए। छात्र छात्राओं को पौष्टिक आहार और पाठ पुस्तक वितरण के दौरान उन्होंने कहा कि अध्यापकों की जिम्मेदारी है कि पाठ्य पुस्तकों को लाइब्रेरी में सुरक्षित रखी जाएं और उन्हें समय-समय पर छात्र छात्रों को उपलब्ध कराई जाएं। इससे पूर्व कुलाधिपति ने आचार्य नरेंद्र देव के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रचलित कर दीक्षांत समारोह का शुभारंभ किया।इस दौरान 498 विद्यार्थियों को डिग्री व 25 को स्वर्ण पदक दिया जाएगा। डिग्री प्राप्त करने वालों में 60 फीसदी छात्राएं व 40 फीसदी छात्र हैं। कुलाधिपति से पदक प्राप्त करते ही छात्र छात्राओं के चेहरे खिल उठे। समारोह का आयोजन मुख्य प्रशासनिक भवन के बगल कृषि प्रबंधन महाविद्यालय के सभागार में हुआ। कुलसचिव डॉ डीके द्विवेदी ने दीक्षांत समारोह में आए अतिथियों को धन्यवाद ज्ञापित किया। इस दौरान प्रसार निदेशक डॉ ए पी राव, अधिष्ठाता डॉ वेद प्रकाश, डॉ ओ पी राव, डॉ आर के जोशी, डॉ नमिता जोशी, डॉ जसवंत सिंह डॉ अखिलेश प्रताप सिंह डॉ प्रमाणिक, डॉ सुशांत श्रीवास्तव आदि शामिल रहे।

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