फर्जी एजेंसीयो के नाम पर पत्रकारों को प्रेस मान्यता देने के सम्बन्ध मे उदूॅ मीडिया ऐशोसिसंऐन उ प्र लखनऊ नें निदेशक सूचना एवं जनसंपर्क विभाग उत्तर प्रदेश को लिखा पत्र

जनपत की खबर , 633

लखनऊ। मान्यता प्राप्त उदूॅ मीडिया ऐशोसिसंऐन उ प्र लखनऊ  के अध्यक्ष एच,ए, इदरीसी नें निदेशक सूचना एवं जनसंपर्क विभाग उत्तर प्रदेश को पत्र लिखकर पूछा है कि आप से जनहित में यह जानना चाहता हूँ की सूचना एवं जनसंपर्क विभाग ने फर्जी एजेंसीयो के नाम पर पत्रकारों को राज्य मुखयालय की प्रेस मान्यता किस नियम केअनुसार दी गई है किया विभाग के पास एजेंसियों के नाम पर प्रेस मान्यता देने का कोई प्रावधान हैजबकि प्रेस नियमावली के अनुसार   एजेंसीयो के किसी भी व्यक्तिको प्रेस मान्यता देने का अधिकार नहीं है क्यो कि वह पत्रकार की पारिभाषा में नहीं आता है।और प्रेस एक्ट के अनुसार पत्रकार सिर्फ प्रिन्स मीडिया में होता है।और सूचना विभाग समाचार पत्रों के प्रतिनिधि को प्रेस मान्यता इस लिए देता है कि वह सरकारी सुविधाओं का लाभ उठा कर समाचार का संकल्न को सूचारूप से अपने समाचार पत्र के लिए   कार्य को बाखूबी अन्जाम दे साके।यह प्रेस नियमावली के अन्तर्गत यह अधिकार सिर्फ प्रिन्ट मीडिया को ही मिला है और ना किसी न्यूज चैनल को ना किसी एजेंसी के व्यक्तियो को पत्रकार कहने का अधिकार नहीं है। यह प्रेस एक्ट में साफ शब्दों में लिखा है इसमे कोई संकोच की बात  नहीं है।क्यों कि ना न्यूज चैनलों का ना ही एजेंसियों का  आर,एन,आई में  रजिस्टेशन का  कोई प्रावधान नहीं है। फिर सूचना एवं जनसंपर्क विभाग में बैठे  अधिकारियों व कर्मचारियों ने किस हैसियत से फर्जी एजेंसियों के व्यक्ति के नाम से राज्य मुखयालय की मान्यता देकर उन्हें भी पत्रकारों की श्रेणी में लाकर खड़ाकर के एक लम्बी दलालों की फौज खड़ी कर दी जिससे अब सही ईमानदारी से पत्रकारिता करने वाले खुद को पत्रकार कहने से संकोच करने लगे है।किया अब सूचना निदेशक महोदय सच्चाई को जानने के बाद विभागहित में प्रेस मान्यता को निरस्त् करने का आदेश करेगे यह तो आने वाला समय ही बताएगा।

अतः श्रीमान निदेशक से महोदय से जनहित में मांग करता हूँ कि ऐसे फर्जी पत्रकारों की राज्य मुखयालय प्रेस मान्यता को तत्काल निरस्त करने का आदेश करने की कृपा करें।

Related Articles

Comments

Back to Top