सूर्य ग्रहण* *************** 4 दिसम्बर
जोत्यिश Dec 04, 2021 at 05:50 AM , 2708*************** *सूर्य ग्रहण* ***************
4 दिसंबर के दिन यानी शनिवार को सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है. इस दिन शनि अमावस्या भी है. एक ही दिन दोनों का होना अद्भुत संयोग माना जा रहा है.ज्योतिषाचार्यों के अनुसार देशके किसी भी हिस्से से सूर्य ग्रहण नहीं दिखने के कारण इसका कोई कुप्रभाव देशमें नहीं पड़ेगा.इसलिए सूतक भी नहीं माना जाएगा.
सूतक काल को धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अशुभ समय माना जाता है. कहा जाता है कि इस विशेष समय कुछ विशेष काम करने से ग्रहण की निगेटिव ऊर्जा और प्रभाव दोनों को समाप्त किया जा सकता है. मार्गशीर्ष महीने के कृष्ण पक्ष की अमावस्या में लगने वाले सूर्य ग्रहण का बहुत महत्व होता है.सूतक न होने के चलते मंदिर खुले रहेंगे. घर और मंदिरों में पूजा पाठ चलते रहेंगे.
यह ग्रहण भारतीय समयानुसार ये ग्रहण 4 दिसम्बर को प्रातः 10 बजकर 59 मिनट से आरम्भ होकर दोपहर 3 बजकर 7 मिनट तक रहेगा यानी पूरा ग्रहण 4 घंटे 8 मिनट का होगा. यह ग्रहण वृश्चिक राशि में होगा.ग्रहण के समय वृश्चिक राशि में सूर्य,केतु,चंद्रमा और बुध ग्रह साथ में रहेगा और इस पर राहु की दृष्टि बनी रहेगी. यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा.
ज्योतिष गणना के मुताबिक इस तरह से वृश्चिक और अनुराधा नक्षत्र वाले जातकों पर इस सूर्य ग्रहण का प्रभाव सब से अधिक रहने वाला बताया जा रहा है. ऐसे में इस राशि के जातकों को सूर्य ग्रहण के दौरान सावधानी बरतने की आवश्यकता है.
इसग्रहण को अंटार्कटिका,दक्षिणअफ़्रीका, अटलांटिक का दक्षिणी भाग, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अमेरिका में देखा जाएगा। भारत में ये ग्रहण नहीं लग रहा है। इसलिए यहां सूतक काल भी मान्य नहीं होगा।
सूर्य ग्रहण व शनि अमावश्या के समय दान का फल
अनाज: समृद्धि में वृद्धि
काला तिल: शत्रुओं का अंत
छाता: विपत्ति से रक्षा
उड़द की दाल: पितरों की मुक्ति
सरसों का तेल: शनि का प्रभाव समाप्त
सनातन धर्म के अनुसार चार सूतक माने गए हैं जिनमें ग्रहण का सूतक भयंकर परिणाम देता है हिंदू संस्कृति में ग्रहण को अशुभ माना गया है सूर्य और चंद्र के ग्रहण लगने से चर-अचर सभी पर इसका सीधा असर होता है दिसम्बर की चार तारीख़ को इस साल का आखिरी सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है सूर्य ग्रहण का असर बहुत अधिक अशुभ परिणाम देता है इसलिए सभी को इस समय सूर्य देव को प्रसन्न करने हेतु विशेष दान व पूजन करना चाहिए।
यह सूर्य ग्रहण शनि अमावस्या के दिन होने जा रहा है शनि ग्रह सूर्य के पुत्र हैं शनि के प्रभाव से ग्रसित जातकों के लिए यह अमावस्या अत्यधिक महत्वपूर्ण है यदि, हम दोनों ग्रहों को एक साथ मना लें तो यह सर्वोत्तम होगा। इसीलिए, शनि और सूर्य दोनों हेतु दान करना आवश्यक है जिससे हमारे पितरों को त्रप्ति मिलती है और हमारे सभी मनोरथ पूर्ण होते हैं।































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