यम द्वितीया पर श्रद्धालुओं ने सरयू में लगाई डुबकी,जमथरा घाट पर महिलाओं ने की यम पूजा,घरों में पूजे गए गोवर्धन

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अयोध्या। दीपावली पर्व के दूसरे दिन मनाया जाने वाला यम द्वितीया त्यौहार राम की नगरी अयोध्या में धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पवित्र सरयू नदी में स्नान किया। फैजाबाद के जमथरा घाट पर इस पर्व को लेकर विशेष उत्साह देखा गया। बड़ी संख्या में महिलाओं ने यहां आकर यम की पूजा की।भाई बहन के पर्व के रूप में जाना जाने वाला यम द्वितीया पर्व कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीय तिथि को मनाया जाता है। इस पर्व का संबंध सूर्य देव के पुत्र यम और पुत्री यमुना से जोड़ा जाता है। ऐसी पौराणिक मान्यता है कि इसी दिन स्वर्ग से पृथ्वी पर आ गई अपनी बहन यमुना से यमराज आकर मिले थे और उनका आतिथ्य स्वीकार किया था। यमुना को अपने भाई यम से अत्यधिक लगाव था। बहन के स्वागत से प्रसन्न भाई यम ने यमुना को यह वरदान दिया था कि आज के दिन जो भाई यमुना में स्नान कर अपनी बहन के घर जाकर भोजन ग्रहण करेगा उसको यमलोक जाने से मुक्ति मिल जाएगी। तभी से भाइयों के मंगल का यह पर्व लोक में प्रचलित है।लोक में इस पर्व को भैया दूज या भाई दूज के नाम से जाना जाता है। इस दिन बहनें यम की पूजा के बाद भाई को मंगल तिलक कर भोजन करती है। भाई इसके बदले बहन को द्रव्य व वस्त्र आदि उपहार भेंट करता है। परंपरा अनुसार अयोध्या फैजाबाद में महिलाओं ने बड़ी संख्या में विभिन्न स्थानों पर यम की पूजा की और भाइयों के सुखी दीर्घ जीवन की कामना की।यम द्वितीया के दिन ही गोवर्धन महाराज की भी पूजा की जाती है। माना जाता है कि इंद्र के कोप से ब्रज की रक्षा करने वाले गोवर्धन महाराज की भगवान कृष्ण ने गोपियों और वालों के साथ जा कर पूजा की थी। उन्होंने ब्रज वासियों से कहा था कि जब गोवर्धन महाराज उनकी रक्षा करते हैं तो उन्हें गोवर्धन महाराज की ही पूजा करनी चाहिए। इसी परंपरा के पालन में उत्तर भारत के अधिकांश हिस्सों में लोग गोबर से गोवर्धन महाराज की आकृति बनाकर उनकी पूजा करते हैं। अयोध्या में भी विभिन्न स्थानों पर स्थानीय लोगों ने गोवर्धन महाराज की पूजा का आयोजन किया ।इसमें परिवार सहित लोग शामिल होते हैं।

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