मानस गृहस्थ गीता पाठ संग श्री रामकथा ।
जनपत की खबर Aug 17, 2021 at 06:33 PM , 566लखनऊ 17 अगस्त मंगलवार।
मानस गृहस्थ गीता पाठ संग श्री रामकथा ।
बीरबल सहनी मार्ग स्थित पंचमुखी हनुमान मन्दिर परिसर में बाल व्यास आचार्य श्याम भूषण जी के मुखारबिंदु से
मानस गृहस्थ गीता पाठ के साथ श्री राम कथा का प्रारम्भ हुआ।
आचार्य श्याम भूषण जी ने
अयोध्या में मात्र बारह वर्ष की अल्पआयु में ही राम कथा का वाचन प्रारम्भ कर दिया था।आप अयोध्या के परिक्रमा मार्ग स्थित श्री कुंज आश्रम में श्री राम कथा का पाठ करने आ रहे है।
पंचमुखी मन्दिर के व्यवस्थापक श्री शर्मा जी ,पंडित जितेंद्र दीक्षित,पंडित पवन मिश्रा,पंडित जितेंद्र मिश्र और उपस्थित भक्तों के द्वारा
विधि पूर्वक व्यास पीठ की स्थापना की गई तत्पश्चात कथा का प्रारंभ हुआ ।
श्री राम के जन्म की कथा को सुनाते हुए आचार्य श्याम भूषण जी कह्ते है कि निसंतान होने का दुख राजा दशरथ और तीनों रानियों को प्रतिदिन दुख देता रहा ।लेकिन उनको श्रवण के माता-पिता के श्राप से आशा भी थी कि उनकी म्रत्यु पुत्र वियोग से होगी। अर्थात उनको पुत्र के पिता बनने का सौभाग्य अवश्य मिलेगा। श्री राम संग लक्ष्मन,भरत ,शत्रुघ्न को पाकर अयोध्या धन्य हो गई।
श्रावण मास के अधिपति भगवान शंकर पार्वती के विवाह का सुन्दर वर्णन करते हुए भक्तों शिव भवनों को सुना कर भक्तों को आह्लादित किया ।
आज कथा यजमान राम कथा लेखक प्रेम मेहरोत्रा जी सपत्नीक कथा का हिस्सा बने.































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