बहराइच पुलिस जिसके लिए मा. उच्च न्यायालय एवं पुलिस मुख्यालय के आदेशों को कोई मायने नहीं

जनपत की खबर , 295

लखनऊ।
*मा. उच्च न्यायालय की लखनऊ खण्डपीठ के आदेश की अवहेलना को लेकर मुख्यमंत्री / गृह मंत्री और विधायी एवं न्याय मंत्री को अपनी अक्षमता के लिए वृद्ध एवं बीमार  महिला सोनापति सिंह से तत्काल क्षमा मांगनी चाहिए 

प्रकरण :85 वर्षीय वृद्ध एवं बीमार  महिला सोनापति सिंह पत्नी स्वर्गीय इन्द्र बहादुर सिंह , पूर्व पुलिस उप निरीक्षक का मा. उच्च न्यायालय की लखनऊ खण्डपीठ और पुलिस मुख्यालय के आदेशों के बावज़ूद पिछले 04 वर्षो से अवशेष देयों का भुगतान न होना. पुलिस मुख्यालय के आदेशों की प्रतिलिपि पुलिस उप महानिरीक्षक , देवीपाटन परिक्षेत्र को भी इसका अनुपालन कराने के लिए प्रेषित थी.     

अब : 
* फरवरी 2017 के बाद से अब तक पुलिस अधीक्षक : बहराइच और पुलिस उप महानिरीक्षक : देवीपाटन परिक्षेत्र , गोंडा के पद पर रहे सभी अधिकारियों की जबाबदेही तय करते हुए इनको बर्खास्त किया जाय. इनकी चल - अचल संपत्तियों की सीबीआई से जांच कराई जाय. 

* फरवरी 2017 के बाद से अब तक अपर पुलिस महानिदेशक : गोरखपुर जोन , पुलिस महानिदेशक , अपर मुख्य सचिव ( गृह )  के पद पर रहे सभी अधिकारियों की जबाबदेही तय करते हुए इनको निलम्बित किया जाय. इनकी चल - अचल संपत्तियों की सीबीआई से जांच कराई जाय.

 *  मा. उच्च न्यायालय की लखनऊ खण्डपीठ और पुलिस मुख्यालय के आदेशों के बावज़ूद पिछले 04 वर्षो से स्वर्गीय इन्द्र बहादुर सिंह , पूर्व पुलिस उप निरीक्षक के अवशेष देयों का भुगतान न होने को लेकर मुख्यमंत्री / गृह मंत्री और विधायी एवं न्याय मंत्री की जबाबदेही तय होनी चाहिए। मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ,गृह मंत्री होने के नाते विभागीय मंत्री है इसलिए इस मामले में उनकी दोहरी जिम्मेदारी बनती है . विधायी एवं न्याय मंत्री होने के नाते बृजेश पाठक की यह जिम्मेदारी है कि वे यह देखें कि कम से कम मा. उच्च न्यायालय के आदेशों का तो अनुपालन हो। अब इन दोनों - मुख्यमंत्री / गृह मंत्री और विधायी एवं न्याय मंत्री को अपनी अक्षमता के लिए वृद्ध एवं बीमार  महिला सोनापति सिंह से तत्काल क्षमा मांगनी चाहिए। इसके अलावा पुलिस / गृह विभाग  - उत्तर प्रदेश और राज्य सरकार को अपना दायित्व ना निभा पाने के लिए सोनापति सिंह की जो हानि हुई उसके बदले उनकी समुचित क्षतिपूर्ति करनी चाहिए ताकि वे बेहतर से बेहतर चिकित्सा करा सकें। 

...नैमिष प्रताप सिंह ...

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