कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए185 से ज्यादा बुद्धिजीवियों ने विपक्षी पार्टियों को खुला पत्र
राष्ट्रीय Jun 04, 2021 at 11:21 AM , 257नयी दिल्ली। इतिहासकार रोमिला थापर और इरफान हबीब तथा अर्थशास्त्री कौशिक बसु समेत 185 से ज्यादा बुद्धिजीवियों ने विपक्षी पार्टियों को खुला पत्र लिखा है और उनसे अपील की है कि वे अपने प्रभाव का इस्तेमाल यह सुनिश्चित करने में करें कि केंद्र सरकार और राज्य सरकार महामारी की तीसरे लहर से निपटने के लिए तैयारी रखे। पत्र में दूसरी लहर के दौरान सड़क पर मृतकों और नदियों में शवों के तैरने का जिक्र करते हुए कहा गया है कि इन घटनाओं की तस्वीरों ने दुनिया के मन को झकझोर दिया है। उन्होंने कहा कि यह देखना सुखद है कि महामारी के बीच ‘ज्यादातर पार्टियां लोगों के ‘हित’ में दल की सीमा से परे जाकर काम करने को इच्छुक हैं।’
बयान में कहा गया कि केंद्र सरकार के साथ सहयोग करने और मिलकर काम करने की पेशकश के बाद भी भारत सरकार ने न तो सलाहों का स्वागत किया और न ही वास्तव में एक ऐसा कार्य बल तैयार किया, जिसमें सभी पार्टियों, राज्य सरकारों, विशेषज्ञों और सिविल सोसाइटी के लोग साथ होकर इस संकट से निपटें।
इस पत्र पर हस्ताक्षर करनेवालों में मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित और कार्यकर्ता विजवाड़ा विल्सन, एमनेस्टी इंटरनेशनल के पूर्वमहासचिव सलिल शेट्टी, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के पूर्व अध्यक्ष सुखदेव थोराट, यूपीएससी के पूर्व सदस्य पुरुषोत्तम अग्रवाल और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी, यूनिवर्सिटी ऑफ सियेना (इटली), यूनिवर्सिटी ऑफ साउ पाउलो, यूनिवर्सिटी ऑफ पेनसिल्वेनिया और प्रिंसटन यूनिवर्सिटी के शिक्षक हैं।



























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