जतन भाटी घरबरा का निधन

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नोयडा।

जानकारी मिलते ही गौतमबुद्ध नगर के सामाजिक और राजनीतिक लोगों में शोक की लहर

समाजवादी पार्टी और किसान राजनीति में लंबे अरसे से सक्रिय थे, सौम्य और मिलनसार स्वभाव
युवा और किसान नेता जतन सिंह भाटी घरबरा का निधन हो गया है। वह करीब डेढ़ महीने लंबी कोरोनावायरस के खिलाफ चल रही लड़ाई शनिवार की देर रात हार गए। जतन भाटी के निधन की जानकारी मिलते ही गौतमबुद्ध नगर के सामाजिक और राजनीतिक लोगों में शोक की लहर दौड़ गई। जतन भाटी समाजवादी पार्टी और किसान राजनीति में लंबे अरसे से सक्रिय थे। बेहद सौम्य और मिलनसार स्वभाव के लिए जतन भाटी को खास पहचान मिली थी।


देर रात मिली जानकारी के मुताबिक जतन भाटी का शनिवार की रात कोरोना संक्रमण के कारण निधन हो गया। वह 15 अप्रैल को वह कोरोनावायरस से पॉजिटिव पाए गए थे। इसके बारे में उन्होंने खुद सोशल मीडिया पर संदेश लिखकर जानकारी दी थी। इसके बाद उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ और ऑक्सीजन का लेवल बेहद कम हो गया। जिसके चलते 16 अप्रैल को उन्हें ग्रेटर नोएडा के राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान में भर्ती करवाया गया था। वह 4 दिनों तक राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान में भर्ती रहे। हालत में अपेक्षाकृत कोई सुधार नहीं देखते हुए परिजन उन्हें फरीदाबाद के मेट्रो अस्पताल लेकर चले गए। तब से उनका वहीं उपचार चल रहा था। करीब डेढ़ महीने लंबे इस संघर्ष के दौरान जतन भाटी समय-समय पर फेसबुक के जरिए हाल चाल बता रहे थे।


तीन दिन पहले जानकारी मिली थी कि उनके स्वास्थ्य में बड़ा सुधार हुआ है। जतन भाटी ने खुद भी फेसबुक पर पोस्ट लिखकर जल्दी ही घर वापसी की उम्मीद जाहिर की थी। अब अचानक शनिवार को उनकी तबीयत बहुत ज्यादा बिगड़ गई। मिली जानकारी के मुताबिक उन्हें डॉक्टरों ने वेंटिलेटर पर भी रखा। तमाम कोशिशें नाकामयाब साबित हुईं। जतन भाटी करीब एक दशक से गौतमबुद्ध नगर की किसान राजनीति में बेहद सक्रिय थे। इसके अलावा समाजवादी पार्टी में युवा नेता के तौर पर अच्छी पहचान कायम की थी। वह सपा और अनुषांगिक संगठनों में कई पदों पर काम कर चुके थे। जतन भाटी की आकस्मिक मौत पर गौतमबुद्ध नगर के सामाजिक और राजनीतिक लोगों में शोक की लहर दौड़ गई है।

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