श्रमिक स्पेशल ट्रेनों में सोशल डिस्टेंसिंग के नियम का पालन नहीं करने का फैसला

हेडलाइंस , 540

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक में इस बात पर जोर दिया कि दो गज की दूरी यानी सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन होना चाहिए। पर भारतीय रेलवे ने मजदूरों को उनके गृह राज्य पहुंचाने के लिए शुरू की गई श्रमिक स्पेशल ट्रेनों में सोशल डिस्टेंसिंग के नियम का पालन नहीं करने का फैसला किया है। रेलवे ने तय किया है कि अब हर ट्रेन में सीट के बराबर टिकटों की बुकिंग होगी और उतने लोगों को ट्रेन में ले जाया जाएगा।

बदलाव के इस फैसले के बाद अब ट्रेनों में 12 सौ की बजाय 17 सौ लोग यात्रा कर सकेंगे। गौरतलब है कि श्रमिक स्पेशल ट्रेनों में 24 डिब्बे हैं। इस समय सोशल डिस्टेसिंग के नियम के तहत हर डब्बे में 54 लोग बैठाए जा रहे हैं, जबकि सीटें 72 होती हैं। पर अब रेलवे ने तय किया है कि सभी 72 सीटों पर लोग बैठाए जाएंगे। रेलवे की ओर से जारी आदेश में यह भी कहा गया है कि संबंधित राज्यों में गंतव्य के अलावा तीन जगहों पर गाड़ियों का ठहराव होगा। राज्य सरकारों के आग्रह पर यह फैसला किया गया है।

नए आदेश में कहा गया है कि ट्रेन में यात्रियों को ले जाने की क्षमता उसमें मौजूद शयनयान सीटों की संख्या के बराबर होनी चाहिए। श्रमिक स्पेशल गाड़ियों में 24 डिब्बे हैं और हर डिब्बे में 72 यात्रियों को ले जाने की क्षमता है। गौरतलब है कि भारतीय रेल ने एक मई से अब तक पांच लाख यात्रियों को उनके गृह राज्य तक पहुंचाया है।

Related Articles

Comments

Back to Top