दिनेश भाटी हत्याकांड : अखिलेश यादव का प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचा

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नोएडा ।

ग्रेटर नोएडा गुरूवार को उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के आवाहन पर समाजवादी पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल पार्टी कार्यकर्ता की हत्या के मामले में लुहारली गांव पहुंचा है। प्रतिनिधि मण्डल ने कार्यकर्ता की हत्या के मामले में पुलिस और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। पिछले कुछ वर्ष में इस परिवार में तीन हत्याएं हो चुकी है। मगर पुलिस आरोपी पक्ष से सांठ-गांठ कर मामले का हल्का कर रही है। इस हत्या कांड मंे निष्पक्ष कारवाई न होने पर आंदोलन की धमकी दी गई है।

*9 मई को हुई थी हत्या*

आपको बता दें कि बीते 9 मई की करीब 7:00 बजे दिनेश भाटी दादरी के पास अपनी नर्सरी से घर वापस लौट रहे थे। जब वह लुहारली गांव के बाहर बने गेट के पास पहुंचे तो एक मोटरसाइकिल पर सवार होकर तीन लोग आए। उन्होंने कार से जा रहे दिनेश भाटी को रोका और उन पर फायरिंग की। दिनेश भाटी को 3 गोलियां लगीं और वह सड़क पर गिर पड़े। इसके बाद हमलावर आराम से फरार हो गए। गोलियों की आवाज सुनकर राहगीरों ने मौके पर जाकर देखा। इसके बाद पुलिस और दिनेश के परिजनों को फोन करके वारदात के बारे में जानकारी दी था। दिनेश भाटी को अस्पताल ले जाया गया लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने दिनेश भाटी को मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने के बाद दादरी कोतवाली के इंस्पेक्टर, एसीपी और एडिशनल डीसीपी मौके पर पहुंचे थे। 


बीते 09 मई 2021 को लुहारली गांव के सपा नेता महेश भाटी के छोटे भाई दिनेश भाटी की बदमाशों ने हत्या कर दी थी। दिनेश पर ताबड़तोड़ फायरिंग की गई थी। इससे 6 माह पहले दूसरे भाई उमेश भाटी की हत्या कर दी थी। जबकि पुलिस ने उमेश की हत्या को महज एक सड़क हादसा बताया था। वहीं, महेंश के बड़े बेटे मोहित भाटी की दो वर्ष पर हत्या कर दी थी। मोहित ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में सुपरवाईजर था। एक ही परिवार तीन हत्याओं होने के बाद गुरूवार को सपा का प्रतिनिधि मंडल लुहारली गांव पहुंचा है। 

*गांव में चल रही है खूनी रंजिश, पहले भी हो चुकी हत्या*

महेश भाटी की गांव में एक परिवार से रंजिश चल रही है। महेश भाटी के बेटे की वर्ष 2018 में हत्या कर दी गई थी। उस हत्याकांड के मुख्य गवाह और उनके भाई उमेश भाटी की भी पिछले साल अक्टूबर 2020 में रहस्यमयी स्थितियों में मौत हो गई। मामले में पुलिस ने दुर्घटना का मुकदमा दर्ज किया। महेश भाटी का कहना है कि मौका-ए-वारदात से मिले सबूतों के आधार पर यह मामला दुर्घटना का नहीं है। महेश भाटी का कहना है कि उनका भाई, बेटे की हत्या में मुख्य गवाह था। उसकी सुरक्षा के लिए पुलिस, प्रशासन और सरकार से गुहार लगाई थी, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं की गई। अब महेश भाटी इन दोनों हत्याकांड की जांच सीबीआई से करवाना चाहते थे। दूसरा भाई दिनेश भाई इन मामलों में गवाह था। आशंका जाहिर की जा रही है कि रविवार को दिनेश की हत्या भी इसी रंजिश के कारण की गई है।


मोहित भाटी और उमेश भाटी हत्याकांड की जांच सीबीआई करवाने की मांग लेकर महेश भाटी ने केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की थी। जिसके बाद मामले में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने दखल दी। गृह मंत्रालय की ओर से गौतमबुद्ध नगर पुलिस कमिश्नर आलोक कुमार सिंह और अपर मुख्य सचिव (गृह) अवनीश कुमार अवस्थी को पत्र भेजे गए। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने गृह मंत्रालय को पत्र भेजा था। हालांकि, रक्षा मंत्रालय और गृह मंत्रालय के पत्रों के बाद भी इस मामले में अब तक कोई प्रगति नहीं हुई है।

*समाजवादी ने दी बड़े आंदोलन की चेतावनी*

सपा प्रतिनिधि मण्डल में मौजूद एमएलसी राकेश यादव ने बताया कि परिवार को सांत्वना दी है। पुलिस अधिकारियों से निष्पक्ष जांच कर आरोपियों को जेल भेजने की मांग की है। 10 दिन में मांग पूरी न होने पर कार्यकर्ता जनपद में बड़ा आंदोलन करेंगे। प्रतिनिधिमंडल में एमएलसी जितेंद्र यादव, फकीर चंद नागर, राशिद मलिक, सुनील, कृशांत भाटी मौजूद थे।

मोहित की हत्या में गिरफ्तार पुनीत के भाई ने अभी हाल मे ही संपन्न हुए पंचायत चुनाव मे लोहारली गांव से प्रधानी का चुनाव लड़ा था और  प्रधानी जीत गया। बेटे के हत्या के आरोप मे गिरफ्तार आरोपी पुनीत के भाई के, प्रधानी चुनाव में महेश भाटी ने सोशल मीडिया और सार्वजनिक रूप से उसका जमकर विरोध किया। आज सपा नेता महेश भाटी के दुसरे भाई की हत्या के बाद, क्षेत्र में चर्चा है कि यह हत्या प्रधानी चुनाव के समय किए गए प्रचार की वजह से भी हो सकती है। सपा नेता महेश भाटी और उनके समर्थकों का कहना है कि इस हत्या में मोहित हत्याकांड में गिरफ्तार लोगों का हाथ है। उन्होंने एक भाजपा के विधायक पर भी इस घटना के आरोपियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया है। इस घटना के बाद दादरी क्षेत्र में भारी तनाव है। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

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