हनक: सूरजपुर में कलेक्टर आपा खो बैठे, बाइक सवार युवक को पीटा, मोबाइल तोड़ डाला
हेडलाइंस May 23, 2021 at 10:00 AM , 356लखनऊ/छत्तीसगढ़।
कोरोना वायरस की दूसरी लहर का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। पूरे देश में मौत हो रही हैं। पूरे देश में लॉकडाउन लागू है। ऐसे में पुलिस और प्रशासनिक अमला आम आदमी को संक्रमण से बचाने के लिए सख्ती से लॉकडाउन के नियमों का पालन करवा रहा है। इसी बीच शनिवार को सूरजपुर में कलेक्टर एक युवक को बाइक पर जाता हुआ देखकर गुस्से से आगबबूला हो गए। उन्होंने युवक को रुकवाया। पहले उसका मोबाइल तोड़ा और फिर उसको तमाचे लगवा दिए। इससे भी कलेक्टर साहब का जी नहीं भरा तो उन्होंने साथ चल रही पुलिस से युवक को ठंडे पड़वाए। इस पूरे वाकये का वीडियो किसी ने बना लिया और सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया है। हालात बिगड़ते देखकर कलेक्टर ने एक वीडियो जारी किया और लोगों से माफी मांगी है।
यह मामला छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले का है। यह छतीसगढ़ के सबसे प्रभावित जिलों में शामिल है। ऐसे में पूरे राज्य में लंबे समय से लॉकडाउन लगा हुआ है। प्रशासन उसे लागू कराने की पूरी कोशिश कर रहा है। शनिवार को सूरजपुर में हुई इस घटना ने प्रशासनिक अमले को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है। सूरजपुर जिले के कलेक्टर रणवीर शर्मा ने कोरोना लॉकडाउन के दौरान अपनी प्रशासनिक हनक का बेजा इस्तेमाल किया। एक युवक के साथ उनका खराब व्यवहार देखकर पूरे देश में आलोचना हो रही है। सूरजपुर में कोरोना लॉकडाउन को लागू करवाने की जिम्मेदारी उनके कंधों पर है, लेकिन कलेक्टर होने की हनक में वह अपना आपा खो बैठे। मामला कुछ इस तरह है। कलेक्टर ने बाजार आए एक बच्चे का पहले तो मोबाइल लेकर सड़क पर पटक दिया। इसके बाद उसे थप्पड़ मारा और पुलिस वाले से डंडे भी पड़वाए।
कलेक्टर साहब की किस्मत खराब थी। पूरा वाकया मोबाइल में कैद हो गया। थोड़ी ही देर में सोशल मीडिया में इस घटना का वीडियो वायरल भी हो गया। ट्विटर पर कलेक्टर रणवीर सिंह आईएएस को सस्पेंड करने की मांग ट्रेंड करने लगी। छत्तीसगढ़ सरकार के भी कान खड़े हो गए। हर कोई कलेक्टर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग करने लगा।
देर रात माफीनामा वीडियो में, कहा- मैं इस व्यवहार से शर्मिंदा हूं
बिगड़ती बात देखकर कलेक्टर रणवीर शर्मा ने देर रात माफी मांगी। उन्होंने वीडियो भी जारी किया। हनक में किए कारनामे की सोशल मीडिया पर तस्वीरें और वीडियो वायरल हुए तो कलेक्टर ने लॉकडाउन की दुहाई दी। वह खुद विक्टिम कार्ड खेलने लगे। लोगों ने कहा कि उनका माफीनामा आरोप पत्र नजर आ रहा है। जिसमें वह लड़के की गलतियां गिना रहे हैं। वह इस बात की सफाई भी देते दिखे कि उन्होंने जिसे मारा था वह नाबालिग नहीं है। जैसे ही डीएम साहब ने माफीनामा जारी किया, वह एक बार फिर ट्विटर पर ट्रोल हो गए। इस बार "अपोलॉजी" उनके वीडियो के साथ ट्रेंड करने लगा। उन्होंने वीडियो में माफी मांगते हुए कहा, "मैं आज के अपने व्यवहार से शर्मिंदा हूं। मैं आप सभी से माफी मांगता हूं। मेरा किसी को अपमानित करने का इरादा नहीं था।"
*डीएम ने आगे कहा, "आज*
सूरजपुर जिला और पूरा छत्तीसगढ़ कोविड महामारी से जूझ रहा है। हम सभी और पूरा शासकीय अमला दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। हम चाहते हैं कि इस महामारी से सबको बचाया जा सके। मेरे माता-पिता और मैं खुद कोविड संक्रमण से ग्रसित हो गए थे। माताजी अभी पॉजिटिव हैं। वीडियो में जो व्यक्ति है, उसकी आयु 23 वर्ष है। मैं आप सभी से पुन: माफी मांगता हूं।" कलेक्टर को दूसरी बार ट्रोल इसलिए किया गया। वह अपने माफीनामे में कह रहे हैं कि उन्होंने जिसे थप्पड़ मारा वह नाबालिग नहीं है। ऐसे में लोग उनसे पूछ रहे हैं कि अगर वह बालिग भी है तो क्या उसका मोबाइल छीनकर फेंक दोगे। क्या आपको थप्पड़ मारने का हक है। इसके बाद डंडे से पिटवाने की क्या जरूरत है।
*10 हजार की रिश्वत लेते पकड़े गए थे रणवीर शर्मा*
डीएम का विरोध करने वाले सोशल मीडिया पर यहीं नहीं रुके। उन्होंने रणवीर शर्मा की पूरी कुंडली निकाल ली। इसके बाद लोगों ने ट्वीट करने शुरू कर दिए। लिखने लगे कि वह वर्ष 2015 में कांकेर जिले के भानु प्रतापपुर के एसडीएम थे। उस वक्त वह पटवारी से 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़े गए थे। एंटी करप्शन ब्यूरो ने कार्रवाई की। इसके बाद उन्हें पद से हटा दिया गया था। इस बारे में कई अखबारों में प्रकाशित हुई खबरों की क्लिप ट्वीट की हैं। अब लोग पूछ रहे हैं कि वह पद पर कैसे बने हुए हैं। रणवीर शर्मा को तत्काल सूरजपुर से हटाने की मांग की जा रही है।






























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