कोरोना की दोनों डोज में अलग वैक्सीन लगवाने पर ज्यादा असर संभव

हेडलाइंस , 302

नई दिल्ली। कोरोना के एक टीके की दो खुराक लेने की बजाय दो टीकों की दो अलग-अलग खुराकें लेना ज्यादा फायदेमंद हो सकता है। स्पेन में 600 से अधिक लोगों पर हुए परीक्षण के आरंभिक नतीजों में पाया गया कि जिन लोगों ने एस्ट्राजेनेका के टीके कोविशील्ड की पहली खुराक लेने बाद फाइजर के टीके की दूसरी खुराक ली, उनके शरीर में प्रतिरोधक एंटीबॉडी ज्यादा पाई गई।टीकों को मिलाकर देने को लेकर ब्रिटेन के बाद यह दूसरा अध्ययन सामने आया है। यह इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि पूरे यूरोप में इस पर पहले से ही विचार चल रहा है। वहां जिन लोगों को एस्ट्राजेनेका टीके की पहली डोज दी गई है, अब सरकारें उन्हें इसकी दूसरी खुराक देने के पक्ष में नहीं है। ऐसा इसके दुष्प्रभावों को लेकर है। इसलिए अब ऐसे लोगों को फाइजर की दूसरी डोज देने की राह खुल सकती है।नेचर में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार स्पेन ने 663 लोगों पर यह परीक्षण किया है। इन लोगों को अप्रैल में एस्ट्राजेनेका टीके की पहली खुराक दी गई थी। इसके आठ सप्ताह के बाद इनमें से दो तिहाई लोगों को दूसरी डोज के रूप में फाइजर की खुराक दी गई। जबकि 232 लोगों को दूसरी खुराक नहीं दी गई। फाइजर की दूसरी खुराक लेने वालों में बड़ी संख्या में प्रतिरोधक एंटीबॉडी मिलीं। जबकि जिन्हें खुराक नहीं दी गई थी, उनमें एंटीबॉडी की संख्या में कोई बदलाव नहीं देखा गया।

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