सआदतगंज: एक ही परिवार की तीन लोगों की हत्या से दहली राजधानी, इलाके में फैली सनसनी

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चबूतरे के विवाद में पड़ोसी ऋषभ शुक्ला ने शिवाजी, शिवेंद्र व सुयश के सीने में गोलियों की बौछार कर भून डाला 

ब्राह्मणी टोला नौबस्ता में दिनदहाड़े हुई ताबड़तोड़ फायरिंग 

हत्यारोपी गिरफ्तार, मौके से अवैध पिस्टल और कारतूस खोखा बरामद 

मौके पर कई थानों की पुलिस फोर्स तैनात, पुलिस कमिश्नर भी पहुंचे मौके पर 


ए अहमद सौदागर 

लखनऊ। सआदतगंज क्षेत्र के नौबस्ता स्थित ब्राह्मणी टोला में सोमवार सुबह करीब साढ़े दस बजे एक चबूतरे के पास गाड़ी खड़ी करने को लेकर दो पक्षों के बीच झड़प हो गई और देखते ही देखते चंद मिनटों में ही खूनी रूप अख्तियार कर लिया। एक पक्ष के लोगों ने दूसरे पक्ष के ऊपर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर 62 वर्षीय शिवाजी तिवारी, 55 वर्षीय शिवेंद्र तिवारी व उनके 30 वर्षीय बेटे सुयश तिवारी की हत्या कर दी। इस दौरान एक युवक गोली लगने से घायल हो गया। 
दिनदहाड़े करीब आधा दर्जन राउंड चली गोलियों से पूरा इलाका थर्रा उठा। वारदात को अंजाम देने के बाद भाग रहे कातिल ऋषभ शुक्ला को आसपास के लोगों ने दबोच लिया और उसकी जमकर पिटाई करने के बाद पुलिस के हवाले कर दिया। एक साथ तीन लोगों की हत्या किए जाने की खबर मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में पुलिस कमिश्नर तरूण गाबा, संयुक्त पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था बबलू कुमार सहित कई पुलिस के आलाधिकारी मौके पर पहुंचे। वहीं मौके पर कई थानों की पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है।  पुलिस कमिश्नर तरूण गाबा के मुताबिक इस मामले में गहनता से जांच पड़ताल की जा रही है।

पुलिस कमिश्नर तरूण गाबा के मुताबिक सआदतगंज थाना क्षेत्र के ब्राह्मणी टोला नौबस्ता निवासी निवासी 62 वर्षीय शिवाजी तिवारी परिवार के साथ रहते थे। उन्होंने बताया कि सोमवार सुबह करीब साढ़े दस बजे घर के पास बरगद के पेड़ के नीचे बने चबूतरे के पास गाड़ी खड़ी करने को लेकर शिवाजी तिवारी, शिवेंद्र तिवारी व सुयश तिवारी से पड़ोस में रहने वाले 30 वर्षीय ऋषभ शुक्ला के बीच कहासुनी हो गई। बताया जा रहा है कि दोनों पक्षों के बीच देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि बेखौफ ऋषभ शुक्ला अवैध पिस्टल से ताबड़तोड़ गोलियां बरसानी शुरू कर दी। 
गोली लगने से शिवाजी, शिवेंद्र व सुयश गंभीर रूप से घायल हो गए। यह माजरा देख आसपास के लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। खबर मिलते ही पुलिस कमिश्नर तरूण गाबा, संयुक्त पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था बबलू कुमार स्थानीय थाने की पुलिस के अलावा कई थानों की पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे और घायलों को ट्रामा सेंटर भिजवाया, जहां डॉक्टरों ने शिवाजी तिवारी, शिवेंद्र तिवारी व सुयश तिवारी को मृत घोषित कर दिया। एक युवक की हालत गंभीर बताई जा रही है। पुलिस कमिश्नर तरूण गाबा ने बताया कि इस मामले में घरवालों की तहरीर पर पड़ोस में रहने वाले ऋषभ शुक्ला के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल अवैध पिस्टल व खोखा कारतूस भी बरामद कर लिया है।

,,, ताबड़तोड़ आधा दर्जन राउंड से अधिक फायरिंग, थर्राया इलाका,,

सआदतगंज थाना क्षेत्र के नौबस्ता स्थित ब्रह्मणी टोला में एक साथ तीन लोगों की हुई हत्या के मामले में स्थानीय लोगों ने बताया कि पहले दोनों पक्षों के बीच मामूली कहासुनी हो रही, लेकिन यह पता नहीं था कि यह हल्का विवाद खूनी रूप अख्तियार कर लेगा। देखते ही देखते विरोधी पक्ष के ऋषभ शुक्ला तुरंत पिस्टल निकाल लिया और ताबड़तोड़ गोलियां बरसानी शुरू कर दी। गोली लगते ही शिवाजी तिवारी, शिवेंद्र तिवारी व सुयश तिवारी ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
वारदात का पता चलते ही पुलिस कमिश्नर तरूण गाबा, संयुक्त पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था बबलू कुमार सहित कई पुलिस के आलाधिकारी मौके पर पहुंचे।
पुलिस के मुताबिक मौके से चार-पांच खोखा कारतूस मिले हैं। हालांकि पुलिस आनन-फानन में तीन लोगों का खून बहाने वाले कातिल ऋषभ शुक्ला को घटना में इस्तेमाल पिस्टल के साथ गिरफ्तार कर लिया है।

,,, प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो फिल्मी अंदाज में ऋषभ शुक्ला चला रहा था गोलियां,,,

प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो जिस तरह से बेखौफ ऋषभ तीनों लोगों के ऊपर गोलियों की बौछार कर रहा था वह मंजर देख और सोच कर रूह कांपत जाती है। उन्होंने बताया कि सबकुछ बहुत ही डरावना था। ऋषभ शुक्ला फिल्मी अंदाज में गोलियां बरसा रहा था।

,,, परिवार में मचा कोहराम,,

शिवाजी तिवारी, शिवेंद्र तिवारी व सुयश तिवारी एक ही परिवार के बताए जा रहे हैं। सुयश तिवारी शिवाजी का बेटा था जबकि शिवेंद्र तिवारी शिवाजी के भाई थे।
तीनों लोगों की मौत होने की खबर मिलते ही घरवालों में कोहराम मच गया। चारों ओर चीख-पुकार मच गई। उनकी चीख सुनकर इंसान ही नहीं घर की दीवारें भी कांप उठी। हर किसी की आंखें नम हो गईं लोग परिवार को सांत्वना देने में जुटे थे। कुछ लोग स्थानीय पुलिस को कोस रहे थे कि समय रहते पुलिस पहुंच जाती तो शायद इन लोगों की जानें बच सकती थी।

,,, प्रत्यक्षदर्शी: पांच मिनट में बदल गया मंजर, जो मिला मारी गोली,,

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि पांच मिनट पहले हम लोग नौबस्ता स्थित ब्रह्मणी टोला के पास खड़े थे और सबकुछ ठीकठाक रहा कि तभी गोलियों की तड़तड़ाहट हुई।
एक हमलावर परिवार पर भारी पड़ गया और देखते ही देखते गोलियों की बौछार कर एक ही परिवार के तीन लोगों की लाशे बिछा दी।
घटना के बाद सब की जुबान पर एक ही शब्द कि हे भगवान... पांच मिनट के भीतर क्या हो गया। ऐसा मंजर कभी नहीं देखा। कुछ ऐसा ही खूनी खेल बयां किया उन चश्मदीदों ने जो घटना के समय मौजूद थे।

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