*स्वच्छता से संवरीं प्रदेश की मंडियां, दीपोत्सव से जगमगाएंगे परिसर*

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*‘स्वच्छ मंडी-शुभ मंडी’ अभियान से बदल रही 251 मंडियों की तस्वीर, किसानों के लिए बेहतर हो रहीं सुविधाएं*

*6, 7 और 8 नवंबर को मंडियों में दीपोत्सव, स्वच्छता और समृद्धि का होगा संगम*

*सफाई की ऑनलाइन निगरानी, 20 मानकों पर ई-रेटिंग से परखी जा रही स्वच्छता व्यवस्था*

लखनऊ, 25 अक्टूबर 2026।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के क्रम में संचालित ‘स्वच्छ मंडी-शुभ मंडी’ अभियान से संवरीं प्रदेश की 251 कृषि मंडियां अब तीन दिवसीय दीपोत्सव की रोशनी से जगमगाएंगी। दीपों की जगमगाहट के बीच स्वच्छता और समृद्धि का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। उत्तर प्रदेश राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद के इस अभियान से मंडियों की तस्वीर लगातार बदल रही है। साफ-सुथरे नीलामी चबूतरे, रोशन संपर्क मार्ग, संवारे जा रहे किसान विश्राम गृह और बेहतर होती पेयजल एवं शौचालय व्यवस्था इस बदलाव की झलक पेश कर रहे हैं।

मंडियों के प्रवेश एवं निकास द्वारों, कार्यालय भवनों और चहारदीवारी की रंगाई-पुताई के साथ नीलामी चबूतरों की सफाई एवं आवश्यक मरम्मत कराई गई। आंतरिक सड़कों और नालियों की सफाई तथा झाड़ियों की कटाई से परिसर सुव्यवस्थित हुए। मंडियों के भीतर अतिक्रमण हटाए गए और संबंधित समितियों ने परिसर अतिक्रमण मुक्त होने के प्रमाणपत्र भी प्रस्तुत किए। हाईमास्ट एवं अन्य प्रकाश उपकरणों की मरम्मत और प्रतिस्थापन से नीलामी स्थलों, संपर्क मार्गों तथा व्यापारिक क्षेत्रों में रोशनी की व्यवस्था बेहतर हुई है।

स्वच्छता और सौंदर्यीकरण की इस पहल को दीपावली के उत्सव से भी जोड़ा गया है। मंडी परिषद के निदेशक जितेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि 6, 7 और 8 नवंबर को प्रदेश की मंडियों में तीन दिवसीय दीपोत्सव मनाया जाएगा। स्वच्छ एवं सुसज्जित मंडी परिसर दीपों की रोशनी से जगमगाएंगे। यह आयोजन कृषि उत्पादन और विपणन से जुड़े किसानों एवं व्यापारियों के जीवन में सुख-समृद्धि और खुशहाली का संदेश देगा।

मंडी परिषद ने 24 सितंबर से ‘स्वच्छ मंडी-शुभ मंडी’ अभियान प्रारंभ किया था। इसके अंतर्गत नियमित सफाई के अतिरिक्त विशेष स्वच्छता एवं सौंदर्यीकरण कार्य कराए गए। किसान विश्राम गृहों, पेयजल सुविधाओं और शौचालयों के रखरखाव में सुधार किया गया। मंडी परिसरों की दीवारों पर आकर्षक पेंटिंग के माध्यम से कृषक कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी प्रदर्शित की गई।

*ऑनलाइन निगरानी, 20 मानकों पर मंडियों की ई-रेटिंग*

मंडियों में स्वच्छता की निगरानी के लिए विशेष ऑनलाइन पोर्टल विकसित किया गया है। इस पर प्रतिदिन की सफाई, निकाले गए कचरे की मात्रा, तैनात श्रमिकों, ट्रैक्टर-ट्रॉलियों, उपकरणों और व्यय का विवरण दर्ज किया जा रहा है। वरिष्ठ अधिकारियों के निरीक्षण में 20 निर्धारित मानकों पर मंडियों की ई-रेटिंग की जा रही है। मुख्यालय स्तर से दैनिक समीक्षा और जीपीएस युक्त फोटोग्राफ के माध्यम से कार्यों की प्रगति एवं गुणवत्ता का अनुश्रवण हो रहा है।

अभियान में मंडियों के बीच स्वच्छता को लेकर प्रतिस्पर्धा को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली मंडी समिति को प्रथम पुरस्कार दो लाख रुपये, द्वितीय पुरस्कार एक लाख रुपये और तृतीय पुरस्कार 50 हजार रुपये दिए जाएंगे। इसके लिए साफ-सफाई, कूड़ा निस्तारण, नालियों की स्थिति, सार्वजनिक सुविधाओं और परिसर के रखरखाव सहित निर्धारित मानकों पर प्रदर्शन का आकलन होगा।

प्रदेशव्यापी अभियान में 12,389 सफाई कर्मियों ने भागीदारी की। विशेष सफाई कार्यों में 1,446 से अधिक ट्रैक्टर और 6,527 से अधिक उपकरणों का उपयोग किया गया। मंडी सचिवों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सक्रिय सहभागिता के साथ मुख्यालय स्तर से अभियान की नियमित समीक्षा की जा रही है।

राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद के निदेशक जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में मंडियों को स्वच्छ, सुव्यवस्थित और किसान हितैषी बनाने के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। ‘स्वच्छ मंडी-शुभ मंडी’ अभियान का उद्देश्य स्वच्छता को मंडियों की स्थायी कार्यसंस्कृति का हिस्सा बनाना है। उन्होंने मंडी समितियों में सफाई, प्रकाश, पेयजल, शौचालय सहित अन्य सुविधाओं के नियमित रखरखाव और संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

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