जनमानस के जीवन में सकारात्मक बदलाव से सिद्ध होती है प्रशासन की सार्थकता: सीएम योगी

जनपत की खबर , 15

**‘मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस’ के अनुरूप विकसित भारत के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए प्रतिबद्ध है कर्मयोगी यूपी**
 
**लखनऊ, 23 अक्टूबर।** मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जनमानस के जीवन में आने वाले सकारात्मक परिवर्तन से ही प्रशासन की सार्थकता सिद्ध होती है। प्रशासनिक तंत्र में लोकसेवकों की भूमिका महत्वपूर्ण है, क्योंकि उनके माध्यम से ही शासन की योजनाओं और नीतियों का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचता है।
 
मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को अपने सोशल मीडिया अकाउंट ‘एक्स’ पर पोस्ट कर साधना शृंखला-2026 के आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि जब प्रशासनिक तंत्र दक्ष, संवेदनशील और उत्तरदायी होता है, तभी सुशासन का संकल्प जनकल्याण के रूप में साकार होता है।
 
## सुशासन और जनकल्याण के महत्वपूर्ण संवाहक हैं लोकसेवक
 
सीएम योगी ने अपने संदेश में कहा कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में लोकसेवकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। प्रशासनिक व्यवस्था का उद्देश्य केवल सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि उनका लाभ पात्र लोगों तक प्रभावी ढंग से पहुंचे।
 
उन्होंने कहा कि प्रशासनिक दक्षता, संवेदनशीलता और जवाबदेही से ही शासन व्यवस्था को अधिक जनोन्मुखी बनाया जा सकता है।
 
## पिछली सरकारों की कार्यसंस्कृति पर उठाए सवाल
 
मुख्यमंत्री ने वर्ष 2017 से पहले की उत्तर प्रदेश सरकारों की कार्यशैली की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि परिवारवाद, तुष्टीकरण और भ्रष्टाचार को प्राथमिकता दिए जाने से प्रदेश की प्रशासनिक दक्षता, कार्यकुशलता और कार्यसंस्कृति प्रभावित हुई थी। उन्होंने कहा कि अपराध, माफियाराज, नीतिगत उदासीनता और पहचान के संकट ने प्रदेश की संभावनाओं को प्रभावित किया।
 
सीएम योगी के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में मिशन कर्मयोगी जैसी पहल के जरिए प्रशासनिक कार्यसंस्कृति को नई दिशा देने का प्रयास किया जा रहा है।
 
## ‘बीमारू छवि’ से आगे बढ़ने का दावा
 
मुख्यमंत्री ने अपने पोस्ट में कहा कि पिछले साढ़े नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने अपनी बीमारू छवि से बाहर निकलकर विकास की नई संभावनाओं की ओर कदम बढ़ाए हैं। उन्होंने इस बदलाव को ‘बॉटलनेक से ब्रेकथ्रू स्टेट’ बनने की यात्रा बताया।
 
उन्होंने कहा कि प्रदेश अपने प्रशासनिक, आर्थिक और संस्थागत ढांचे को नए सिरे से विकसित करते हुए विकास के नए लक्ष्य हासिल करने की दिशा में काम कर रहा है।
 
## आठ राज्यों और चार केंद्रशासित प्रदेशों की भागीदारी
 
मुख्यमंत्री ने बताया कि राजधानी लखनऊ में शुक्रवार को केंद्रीय राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह की उपस्थिति में दो दिवसीय क्षेत्रीय साधना शृंखला-2026 का शुभारंभ हो रहा है। इसमें आठ राज्यों और चार केंद्रशासित प्रदेशों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं।
 
कार्यशाला का उद्देश्य प्रशासनिक क्षमता निर्माण, प्रशिक्षण व्यवस्था में सुधार और लोकसेवकों की कार्यक्षमता बढ़ाने से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श करना है।
 
## ‘मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस’ पर जोर
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस’ की भावना के अनुरूप कर्मयोगी उत्तर प्रदेश अंत्योदय के संकल्प को साकार करने और विकसित भारत के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए प्रतिबद्ध है।
 
उन्होंने साधना शृंखला-2026 की सफलता की कामना करते हुए कहा कि प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी, संवेदनशील और जवाबदेह बनाने के प्रयासों से जनकल्याण के उद्देश्यों को आगे बढ़ाया जा सकता है।

Related Articles

Comments

Back to Top