पीलीभीत में मतदाता सूची में बड़ा फर्जीवाड़ा, 10,470 प्रविष्टियों में मिली गड़बड़ी; दो ERO पर भी होगी कार्रवाई
अन्य खबरे Oct 22, 2026 at 08:30 PM , 19**वीआरसी ऑपरेटर की सेवा समाप्त करने के निर्देश, वर्तमान और पूर्व निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों के खिलाफ विधिक व विभागीय कार्रवाई शुरू होगी**
**लखनऊ, 22 अक्टूबर।** उत्तर प्रदेश के पीलीभीत विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र-127 की मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं सामने आई हैं। मतदाताओं के ईपीआईसी (EPIC) नंबर पर किसी अन्य मतदाता का विवरण प्रदर्शित होने की शिकायत की जांच में 10,470 प्रविष्टियों में गड़बड़ी पाई गई है। मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश ने संबंधित कंप्यूटर सहायक (वीआरसी ऑपरेटर) की सेवा समाप्त करने तथा वर्तमान और पूर्व निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ERO) के विरुद्ध विधिक और विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
## 13,779 फॉर्म-8 की प्रविष्टियों में मिली अनियमितता
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, जिला निर्वाचन अधिकारी, पीलीभीत से प्राप्त विस्तृत जांच आख्या में सामने आया कि मतदाता पंजीकरण केंद्र के कंप्यूटर सहायक ने 31 मई से 29 अगस्त 2026 के बीच मतदाताओं के विवरण में संशोधन के लिए कुल 13,779 फॉर्म-8 की प्रविष्टियां की थीं।
इनमें से 16 जुलाई 2026 तक 4,717 फॉर्मों की प्रविष्टियां की गईं, जबकि शेष 9,062 फॉर्मों की प्रविष्टियां 17 जुलाई से 29 अगस्त 2026 के बीच दर्ज की गईं। जांच में इन प्रविष्टियों से संबंधित कोई भी फॉर्म अथवा अभिलेख कार्यालय में उपलब्ध नहीं पाया गया।
जांच के मुताबिक, कुल 13,779 प्रविष्टियों में से 10,470 फॉर्म स्वीकृत और 3,309 फॉर्म अस्वीकृत किए गए थे। स्वीकृत प्रविष्टियों में गड़बड़ी पाए जाने के बाद संबंधित अधिकारियों और कर्मचारी की जिम्मेदारी तय करने की कार्रवाई की गई है।
## दो निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों पर भी कार्रवाई
प्रविष्टियों में गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार माने गए वीआरसी ऑपरेटर के साथ-साथ संबंधित अवधि में तैनात दोनों निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों के विरुद्ध भी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
इनके खिलाफ लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 32 और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत विधिक कार्रवाई की जाएगी। इसके अतिरिक्त, दोनों ईआरओ के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही प्रारंभ करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
वहीं, संबंधित सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों की भूमिका की गहन जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है।
## फॉर्म-6 और फॉर्म-7 की भी होगी जांच
निर्वाचन अधिकारियों ने मामले की व्यापक जांच के लिए एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 की समाप्ति यानी 10 अप्रैल 2026 से लेकर 21 अक्टूबर 2026 तक संबंधित वीआरसी ऑपरेटर द्वारा मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए दर्ज किए गए सभी फॉर्म-6 और नाम हटाने के लिए दर्ज किए गए सभी फॉर्म-7 की गहन जांच के निर्देश दिए गए हैं।
जिला निर्वाचन अधिकारी, पीलीभीत को इस जांच की विस्तृत रिपोर्ट एक दिन के भीतर उपलब्ध कराने को कहा गया है।
## गड़बड़ी वाली प्रविष्टियों को भी सुधारा जाएगा
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अनुसार, फॉर्म-8 से संबंधित जिन प्रविष्टियों में अनियमितताएं मिली हैं, उन्हें निर्धारित नियमों और मानकों के अनुरूप ठीक कराने की प्रक्रिया भी चल रही है।
इस कार्रवाई का उद्देश्य मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करना और मतदाताओं के पहचान संबंधी विवरण में किसी भी तरह की त्रुटि को दूर करना है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट और संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी के आधार पर की जाएगी।






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