DM लखनऊ विशाख जी की बड़ी कार्रवाई, गोधना ग्राम पंचायत की प्रशासक मंजू सिंह पद से हटाई गईं
अन्य खबरे Oct 22, 2026 at 07:50 PM , 17**बीकेटी में विकास कार्यों की जांच में सरकारी धन के दुरुपयोग की पुष्टि, एडीओ पंचायत विवेक शुक्ला को बनाया गया नया प्रशासक**
**लखनऊ।** राजधानी लखनऊ के बीकेटी विकासखंड की गोधना ग्राम पंचायत में विकास कार्यों में अनियमितताओं के मामले में जिलाधिकारी विशाख जी ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच में सरकारी धन के दुरुपयोग और निर्माण कार्यों में कई खामियां सामने आने के बाद ग्राम पंचायत की प्रशासक एवं निवर्तमान प्रधान मंजू सिंह को पद से हटा दिया गया है। उनके स्थान पर एडीओ पंचायत विवेक शुक्ला को नया प्रशासक नियुक्त किया गया है।
## शिकायत के बाद दो स्तरों पर हुई जांच
गोधना ग्राम पंचायत में विकास कार्यों को लेकर शिकायत मिलने के बाद पहले जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी और फिर उप निदेशक कृषि से जांच कराई गई। जांच में विभिन्न विकास कार्यों में अनियमितताओं की पुष्टि हुई। इसके बाद संबंधित प्रकरण में वसूली की कार्रवाई भी की गई।
## खेल मैदान और ओपन जिम के कार्य में मिली खामियां
ग्राम पंचायत के प्राथमिक विद्यालय में खेल मैदान और ओपन जिम के निर्माण के लिए मनरेगा के तहत 16.73 लाख रुपये स्वीकृत किए गए थे। जांच के दौरान अभिलेखों में दर्ज 12 बेंच मौके पर नहीं मिलीं। वहीं, ओपन जिम के उपकरणों का प्रावधान स्वीकृत इस्टीमेट में नहीं पाया गया।
इन अनियमितताओं के चलते सरकारी धन की 1,26,520 रुपये की क्षति आंकी गई।
## नाली निर्माण में भी अनियमितता
नारायनपुर में नाली निर्माण के लिए 7.62 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई थी। जांच में निविदा प्रक्रिया में गड़बड़ी सामने आई। इसके अलावा अभिलेखों में आरसीसी कवर की मात्रा 7.50 घनमीटर दर्ज थी, जबकि मौके पर इसकी मात्रा केवल 1.62 घनमीटर मिली।
इस मामले में 84,091 रुपये की सरकारी क्षति का आकलन किया गया।
## कूड़ाघर के निर्माण में गुणवत्ता संबंधी खामियां
जांच के दौरान ग्राम पंचायत में बने कूड़ाघर के फर्श और प्लास्टर की गुणवत्ता भी निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं मिली। इसके साथ ही कूड़ा छंटाई के लिए बनाए गए टैंकों के अंदर प्लास्टर का कार्य नहीं कराया गया था। इन कमियों को भी जांच में दर्ज किया गया।
## 21 अक्टूबर को बदला गया प्रशासक
जांच के आधार पर 3 अक्टूबर 2026 को वसूली आदेश जारी किया गया था। इसके बाद 21 अक्टूबर को जिलाधिकारी के निर्देश पर मंजू सिंह को प्रशासक पद से हटाकर एडीओ पंचायत विवेक शुक्ला को नई जिम्मेदारी सौंप दी गई।
ग्राम पंचायत के विकास कार्यों में सामने आई इन अनियमितताओं के बाद प्रशासन की कार्रवाई को सरकारी धन के उपयोग में जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।






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