खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 से उत्तर प्रदेश बना निवेशकों की पहली पसंद,

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खाद्य प्रसंस्करण नीति-2023 से निवेश  व रोजगार को नई गति

किसानों की आय वृद्धि और स्टार्ट-अप को मिल रहा सशक्त समर्थन


उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 की 22वीं राज्य स्तरीय इम्पावर्ड समिति की बैठक सम्पन्न


लखनऊ:30 सितम्बर,2026

उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य के कुशल मार्गदर्शन मे उत्तर प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग तेजी से एक प्रमुख औद्योगिक हब के रूप में विकसित हो रहा है। यूपी की खाद्य प्रसंस्करण नीति से निवेश, रोजगार और निर्यात को नई रफ्तार मिल रही है।प्रदेश सरकार द्वारा लागू उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति–2023 का उद्देश्य राज्य में निवेश, रोजगार और निर्यात को प्रोत्साहित करते हुए किसानों की आय में वृद्धि करना है। उप मुख्यमंत्री के नेतृत्व व निर्देशन मे खाद्य प्रसंस्करण विभाग, खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र मे सुदृढ़ नीति एवं पारदर्शी व्यवस्था के साथ आगे बढ़ रहा  है।उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य के
नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने, किसानों की उपज के मूल्य संवर्धन तथा खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में निवेश एवं रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

 

कृषि उत्पादन आयुक्त, उत्तर प्रदेश शासन एवं राज्य स्तरीय इम्पावर्ड समिति (एसएलईसी) के अध्यक्ष  श्री दीपक कुमार की अध्यक्षता में 
बुधवार  को उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति- 2023 के अंतर्गत गठित राज्य स्तरीय इम्पावर्ड समिति की 22वीं बैठक कृषि उत्पादन आयुक्त, के कार्यालय  सभागार  मे सम्पन्न हुई
बैठक में उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 के अंतर्गत योजनाओं की अद्यतन प्रगति, नवीन निवेश प्रस्तावों, वित्तीय प्रोत्साहनों तथा उद्यमियों से संबंधित विभिन्न प्रकरणों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।

*खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में निरंतर प्रगति*

बैठक में प्रस्तुत अद्यतन प्रगति के अनुसार, 15 सितम्बर 2026 तक नीति के अंतर्गत कुल 1,975 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 580 प्रस्ताव स्वीकृत किए जा चुके हैं, परियोजनाओं के लिए लेटर ऑफ कम्फर्ट (LOC) निर्गत किए जा चुके हैं। वित्तीय वर्ष 2026-27 में 29 सितम्बर 2026 तक कुल 291 नवीन आवेदन प्राप्त हुए हैं। योजना के अंतर्गत स्वीकृत प्रस्तावों के सापेक्ष प्रथम एवं द्वितीय किश्त के रूप में रू 132.61 करोड़ की धनराशि का भुगतान किया गया है।

*51 नवीन परियोजनाओं पर विचार*

बैठक में नीति-2023 के अंतर्गत 51 नवीन प्रस्तावों पर विचार किया गया और समिति द्वारा विचार करते हुते सभी प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान की गयी।इन प्रस्तावों में फ्रोजन फल एवं सब्जी प्रसंस्करण, कैटल फीड, डिहाइड्रेटेड फल एवं सब्जियां, मिठाई नमकीन बेकरी एवं आइसक्रीम, फ्रोजन रेडी-टू-ईट उत्पाद, पोटैटो फ्लेक्स, सोया उत्पाद, डेयरी एवं दुग्ध उत्पाद, दाल एवं आटा प्रसंस्करण, खाद्य तेल, सोलर आधारित खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां तथा अन्य मूल्यवर्धित खाद्य उत्पाद शामिल हैं।

*सौर ऊर्जा आधारित खाद्य प्रसंस्करण को प्रोत्साहन*

नवीन प्रस्तावों में महिला उद्यमी समूहों सहित विभिन्न इकाइयों द्वारा सौर ऊर्जा आधारित खाद्य प्रसंस्करण संयंत्रों की स्थापना से संबंधित प्रस्ताव भी शामिल हैं, इनमें रेडी-टू-कुक खाद्य उत्पाद, आटा, मसाले, दाल मिल, चावल मिल, सोया उत्पाद, ब्रेडक्रम्ब्स, फ्रूट जूस, कन्न्ड फल एवं सब्जियां तथा गुड आधारित इकाइयां सम्मिलित हैं।

*PMFME योजना के अंतर्गत उत्तर प्रदेश की उल्लेखनीय उपलब्धि*

बैठक में प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन योजना (PMFME) की प्रगति की भी समीक्षा की गई। प्रदेश में अब तक 28,356 इकाइयों की स्थापना हेतु ऋण स्वीकृत किए जा चुके हैं तथा 24,883 इकाइयों को रू 1,040 करोड़ की अनुदान राशि वितरित की जा चुकी है।

वित्तीय वर्ष 2025-26 में 8,296 इकाइयों की स्थापना हेतु ऋण स्वीकृत कराकर उत्तर प्रदेश देश में प्रथम स्थान पर रहा। वर्तमान वित्तीय वर्ष 2026-27 में भी अब तक 3,198 इकाइयों की स्थापना हेतु ऋण स्वीकृत किए जा चुके हैं। इसी अवधि में 7,643 लाभार्थी उद्यमियों को रू 271 करोड़ की अनुदान राशि वितरित की जा चुकी है।
बैठक में नीति के प्रभावी क्रियान्वयन, परियोजनाओं के समयबद्ध निस्तारण तथा खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में निवेश एवं मूल्य संवर्धन को बढ़ावा देने से संबंधित विभिन्न विषयों पर भी विचार-विमर्श किया गया।

*उत्कृष्ट कार्य के लिए कार्मिकों को सम्मानित किया गया*

बैठक के दौरान खाद्य प्रसंस्करण योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं उत्कृष्ट कार्य के लिए उद्यमी मित्र, सुश्री इशानी श्रीवास्तव, बरेली, उद्यमी मित्र, श्रीमती नेहा सिंह,सीतापुर तथा श्री अंशिल सिन्हा, जूनियर असिस्टेंट, राजकीय खाद्य प्रसंस्करण केंद्र, बरेली को उनके उत्कृष्ट एवं सराहनीय योगदान के लिए प्रशस्ति-पत्र एवं स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया।

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने, किसानों की उपज के मूल्य संवर्धन तथा खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में निवेश एवं रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

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