*मुख्य सचिव की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी मण्डलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों के साथ साप्ताहिक समीक्षा बैठक सम्पन्न*

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*जनगणना-2027, श्रमिक सम्मान स्वास्थ्य शिविर, डॉ. आंबेडकर मूर्ति स्थल विकास एवं सौर ऊर्जा योजनाओं की हुई समीक्षा*

*जनगणना-2027 की तैयारियां समय से कराएं पूर्ण*

*औद्योगिक क्षेत्रों में आयोजित होंगे ‘श्रमिक सम्मान स्वास्थ्य शिविर*

*डॉ. आंबेडकर मूर्ति स्थल विकास योजना का कार्य 31 दिसम्बर तक पूर्ण कराने के निर्देश*

*पीएम सूर्यघर योजना की गति बनाए रखें, धीमी प्रगति वाले जनपदों में वेंडर्स को करें सक्रिय*

*एस.पी.गोयल,*
*मुख्य सचिव*

*दिनांकः 23 सितम्बर, 2026*

*लखनऊः* मुख्य सचिव श्री एस.पी. गोयल की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी मण्डलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों के साथ साप्ताहिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनगणना-2027, औद्योगिक क्षेत्रों में श्रमिक सम्मान स्वास्थ्य शिविरों के आयोजन, डॉ. आंबेडकर मूर्ति स्थल विकास योजना, पीएम सूर्यघर योजना सहित विभिन्न विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
          मुख्य सचिव ने कहा कि *जनगणना-2027* के द्वितीय चरण के अंतर्गत प्रदेश में जनसंख्या गणना (Population Enumeration) का कार्य प्रारम्भ होगा। इसके तहत 16 नवम्बर से 30 नवम्बर तक स्वगणना (Self Enumeration) कराई जाएगी। इसके उपरांत 1 दिसम्बर से 4 जनवरी तक डोर-टू-डोर जनसंख्या गणना कार्य किया जाएगा तथा 5 से 9 जनवरी 2027 तक पुनरीक्षण राउंड चलेगा। 
          उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि जनगणना कार्य को समयबद्ध एवं सुचारु रूप से सम्पन्न कराने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां समय से पूरी कर ली जाएं। मास्टर ट्रेनर, फील्ड ट्रेनर, सुपरवाइजर तथा एन्युमरेटर के प्रशिक्षण की प्रक्रिया निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार पूर्ण कराई जाए। साथ ही, व्यापक प्रचार-प्रसार के माध्यम से आमजन को स्वगणना के लिए प्रेरित किया जाए, ताकि डोर-टू-डोर गणना कार्य को प्रभावी ढंग से सम्पन्न कराने में सहायता मिल सके।
          मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश के सभी 75 जनपदों के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों, निर्माण स्थलों, औद्योगिक आस्थानों एवं औद्योगिक क्लस्टर्स में 1 से 3 दिवसीय *‘श्रमिक सम्मान स्वास्थ्य शिविर’* आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों के माध्यम से श्रमिकों को सुलभ प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं एवं सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण, विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श तथा आवश्यकता के अनुसार प्रभावी रेफरल की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। महिला श्रमिकों की विशिष्ट स्वास्थ्य आवश्यकताओं पर विशेष ध्यान देने के साथ स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता, व्यावसायिक सुरक्षा एवं स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूकता भी बढ़ाई जाए। पात्र श्रमिकों को ईएसआईसी तथा अन्य सामाजिक सुरक्षा एवं कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने के साथ ही भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार (BOCW) योजनाओं के पंजीयन, नवीनीकरण, आवेदन एवं हितलाभ वितरण के लिए विशेष कैम्प भी आयोजित किए जाएं।
          उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि अपनी अध्यक्षता में जनपद स्तरीय समिति का गठन समय से सुनिश्चित करें। समिति द्वारा औद्योगिक श्रमिक बहुल क्षेत्रों एवं शिविर स्थलों का चयन, शिविर की तिथि एवं 1 से 3 दिवसीय अवधि का निर्धारण तथा स्थल पर बिजली, पेयजल, स्वच्छता, प्रतीक्षा स्थल और अन्य लॉजिस्टिक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। इसके साथ ही चिकित्सकों, विशेषज्ञों एवं पैरामेडिकल स्टाफ की उपलब्धता के लिए संबंधित विभागों से समन्वय, आवश्यक चिकित्सा उपकरणों, परीक्षण सुविधाओं एवं औषधियों की व्यवस्था तथा औद्योगिक प्रतिष्ठानों के माध्यम से अधिकतम श्रमिक सहभागिता सुनिश्चित की जाए। गंभीर अथवा संदिग्ध स्वास्थ्य मामलों के प्रभावी रेफरल एवं फॉलो-अप की व्यवस्था के साथ शिविरों का व्यापक प्रचार-प्रसार भी कराया जाए। शिविरों के उद्घाटन के लिए प्रभारी मंत्री एवं शासन स्तर से नामित नोडल अधिकारी को आमंत्रित किए जाने के भी निर्देश दिए गए।
          मुख्य सचिव ने *डॉ. आंबेडकर मूर्ति स्थल विकास योजना* की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना के कार्यों की निरंतर मॉनीटरिंग करते हुए परियोजना के अंतर्गत सभी कार्य 31 दिसम्बर, 2026 तक पूर्ण कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जिन जनपदों से मूर्ति स्थलों के विकास एवं सौन्दर्यीकरण के संबंध में माननीय जनप्रतिनिधियों के माध्यम से प्रस्ताव अभी प्राप्त नहीं हुए हैं, वहां संबंधित जनप्रतिनिधियों से तत्काल संपर्क एवं समन्वय स्थापित कर प्रस्ताव प्राप्त किए जाएं। मूर्ति स्थल के विकास कार्य पूर्ण होने के उपरांत उसका लोकार्पण माननीय जनप्रतिनिधियों के माध्यम से कराया जाए।
          उन्होंने कहा कि परियोजना के कार्यों को समयबद्ध रूप से पूर्ण कराने के लिए कार्यदायी संस्था के चयन, निर्माण एवं सौन्दर्यीकरण कार्यों के प्रशासनिक एवं वित्तीय अनुमोदन सहित सभी आवश्यक औपचारिकताएं त्वरित गति से पूरी की जाएं। उन्होंने अवगत कराया कि मूर्ति स्थलों के विकास कार्य के लिए निदेशालय द्वारा धनराशि जिलाधिकारियों के निवर्तन में आवंटित की जा चुकी है।
          *पीएम सूर्यघर योजना* की समीक्षा दौरान मुख्य सचिव ने कहा कि पीएम सूर्यघर योजना के अंतर्गत उत्तर प्रदेश देश में रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन के मामले में दूसरे स्थान पर है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना के तहत बनी गति को निरंतर बनाए रखा जाए। जिन जनपदों में सोलर रूफटॉप इंस्टॉलेशन की प्रगति अपेक्षाकृत धीमी है, वहां संबंधित वेंडर्स के साथ बैठक कर उन्हें सक्रिय किया जाए। बैंकर्स के साथ समन्वय स्थापित कर लंबित ऋण आवेदनों का त्वरित निस्तारण कराया जाए। उन्होंने शासकीय भवनों के सोलराइजेशन तथा ईवी चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना में भी अपेक्षित प्रगति सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
          मुख्य सचिव ने *बाबूजी कल्याण सिंह ग्राम उन्नयन योजना* तथा *दीनदयाल उपाध्याय सोलर स्ट्रीट लाइट योजना* के अंतर्गत सोलर लाइट से संबंधित प्रस्ताव भी यथाशीघ्र विभाग को प्रेषित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी योजनाओं की नियमित मॉनीटरिंग करते हुए निर्धारित समयसीमा में लक्ष्यों की पूर्ति सुनिश्चित की जाए तथा कार्यों में किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलम्ब न हो।
          बैठक में संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारीगण, सभी मण्डलायुक्त एवं जिलाधिकारी तथा अन्य संबंधित अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित रहे।
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