सीएम योगी ने 818 चयनित अभ्यर्थियों को बांटे नियुक्ति पत्र, अगले छह माह में एक लाख युवाओं को नौकरी देने का ऐलान

जनपत की खबर , 23

**लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में चिकित्सा, आयुष, कौशल विकास और उद्योग विभाग के अभ्यर्थियों को मिली नियुक्ति**
 
**लखनऊ।** मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोकभवन सभागार में आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के 818 चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। मुख्यमंत्री ने स्वयं 21 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे, जबकि अन्य चयनित अभ्यर्थियों को संबंधित विभागों के माध्यम से नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। नियुक्तियां चिकित्सा, आयुष, कौशल विकास और उद्योग विभाग में की गई हैं।
 
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के परिणाम सामने हैं। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में अब तक साढ़े नौ लाख युवाओं को पारदर्शी तरीके से नियुक्ति पत्र दिए जा चुके हैं।
 
## अगले छह महीने में एक लाख युवाओं को नियुक्ति पत्र देने का ऐलान
 
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अगले छह महीने में एक लाख युवाओं को नियुक्ति पत्र देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि भर्ती बोर्ड और आयोगों को किसी भी प्रकार की राजनीतिक हस्तक्षेप से मुक्त रहकर पारदर्शी एवं शुचितापूर्ण तरीके से चयन प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए।
 
उन्होंने कहा कि जब भर्ती बोर्ड और आयोग राजनीति का शिकार नहीं होते तथा परीक्षाएं पारदर्शी तरीके से संपन्न होती हैं, तो उसके सकारात्मक परिणाम सामने आते हैं।
मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों की भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में हर दूसरे दिन दंगे होते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि तत्कालीन सरकार ने भर्ती प्रक्रिया को बदनाम किया और युवाओं के सामने पहचान का संकट पैदा कर दिया था।
सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश बीमार नहीं था, बल्कि सरकारों की मानसिकता बीमार थी।
पारदर्शी भर्ती से युवाओं को मिल रहे अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि पारदर्शी और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया से युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर मिल रहे हैं। नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों के लिए यह उनके करियर का महत्वपूर्ण पड़ाव है।
कार्यक्रम में विभिन्न विभागों में चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। मुख्यमंत्री ने युवाओं को उनके नए दायित्वों के लिए शुभकामनाएं दीं और शासन की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बनाए रखने पर जोर दिया।

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