सरकारी अस्पतालों-मेडिकल कॉलेजों में बढ़ेगी यूपी के बुनकरों के हथकरघा उत्पादों की खरीद
अन्य खबरे Sep 01, 2026 at 07:55 PM , 8योगी सरकार की पहल से बुनकरों को मिलेगा स्थायी बाजार और रोजगार; बेडशीट, तकिया कवर व गॉज बैंडेज की आपूर्ति पर बनी कार्ययोजना
लखनऊ, 1 सितंबर। प्रदेश की योगी सरकार हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग को बढ़ावा देने और बुनकरों को स्थायी बाजार उपलब्ध कराने के लिए सरकारी संस्थानों में स्थानीय स्तर पर निर्मित हथकरघा उत्पादों की खरीद को प्रोत्साहित करेगी। इसके तहत सरकारी अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में इस्तेमाल होने वाली बेडशीट, तकिया कवर और गॉज बैंडेज क्लॉथ की आपूर्ति प्रदेश के बुनकरों से कराने की दिशा में कार्ययोजना तैयार की जा रही है।
इसी क्रम में मंगलवार को विधान भवन स्थित कक्ष संख्या-80 में खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री राकेश सचान की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग सहित अन्य सरकारी विभागों एवं शासकीय उपक्रमों में उपयोग होने वाले बेडशीट और गॉज बैंडेज की खरीद एवं आपूर्ति को लेकर समीक्षा बैठक हुई।
सरकारी खरीद से बुनकरों को मिलेगा स्थायी बाजार
बैठक में मंत्री राकेश सचान ने कहा कि प्रदेश के बुनकरों को सरकारी खरीद का बाजार उपलब्ध कराना योगी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। सरकारी संस्थानों में स्थानीय बुनकरों द्वारा तैयार गुणवत्तापूर्ण वस्त्रों की खरीद बढ़ने से लाखों बुनकर परिवारों को रोजगार और आर्थिक मजबूती मिलेगी।
उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश में उत्पादित हथकरघा वस्त्रों के लिए एक स्थायी बाजार विकसित होगा और बुनकरी से जुड़े परिवारों को अपने उत्पादों की बिक्री के लिए नए अवसर मिलेंगे।
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद तेज हुई कवायद
गौरतलब है कि 7 अगस्त 2026 को लोकभवन, लखनऊ में आयोजित राष्ट्रीय हथकरघा दिवस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वास्थ्य विभाग सहित सरकारी विभागों और शासकीय उपक्रमों में प्रमुख रूप से इस्तेमाल होने वाले बेडशीट एवं गॉज बैंडेज की खरीद सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए थे।
मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुपालन में मंगलवार को हुई बैठक में इस व्यवस्था को लागू करने की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।
2.13 लाख से अधिक बुनकरों को मिल सकता है लाभ
बैठक में बताया गया कि प्रदेश में लगभग 2,13,107 बुनकर कार्यरत हैं। प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में बुनकर बेडशीट, गॉज बैंडेज समेत कई प्रकार के हथकरघा उत्पाद तैयार कर रहे हैं।
सरकारी खरीद में इन उत्पादों को प्राथमिकता मिलने से बुनकरों को व्यापक और सुनिश्चित बाजार मिलने की उम्मीद है। साथ ही, इससे युवा पीढ़ी को पारंपरिक बुनकरी व्यवसाय से जोड़ने में भी मदद मिलेगी।
राज्य हथकरघा निगम के माध्यम से आपूर्ति का प्रस्ताव
बैठक में प्रस्तावित व्यवस्था के तहत सरकारी अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में आवश्यकतानुसार बेडशीट, तकिया कवर और गॉज बैंडेज क्लॉथ की आपूर्ति उत्तर प्रदेश राज्य हथकरघा निगम लिमिटेड के माध्यम से सुनिश्चित किए जाने पर विचार किया गया।
इसके लिए बुनकर सहकारी समितियों और व्यक्तिगत बुनकरों से निर्धारित मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण उत्पादन कराया जाएगा। चिकित्सा संस्थानों द्वारा अपनी आवश्यकता के अनुसार समय से मांग और क्रय आदेश जारी करने की व्यवस्था विकसित करने पर भी चर्चा हुई।
गुणवत्ता से समझौता नहीं
मंत्री राकेश सचान ने उत्पादों की गुणवत्ता पर विशेष जोर देते हुए कहा कि सरकारी संस्थानों को उपलब्ध कराई जाने वाली सामग्री निर्धारित मानकों के अनुरूप और गुणवत्तापूर्ण होनी चाहिए।
आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए नोडल अधिकारी नामित किए जाने पर भी चर्चा हुई। नोडल अधिकारी अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और विश्वविद्यालयों से समन्वय कर उनकी आवश्यकताओं, निर्धारित विशिष्टियों और आपूर्ति से संबंधित सूचनाएं प्राप्त कर विभाग को उपलब्ध कराएगा। इससे मांग के अनुरूप समयबद्ध आपूर्ति सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
अगले सप्ताह तक कार्ययोजना को अंतिम रूप देने के निर्देश
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप पूरी कार्ययोजना को जल्द अंतिम रूप दिया जाए। उन्होंने कहा कि उत्पादों के मानक, गुणवत्ता जांच, दर निर्धारण, मांग प्राप्त करने, क्रय आदेश जारी करने, भुगतान और समयबद्ध आपूर्ति समेत सभी पहलुओं को शामिल करते हुए विस्तृत मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार की जाए।
उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए अगले सप्ताह तक आवश्यक बिंदुओं को अंतिम रूप देने के निर्देश दिए।
बुनकरी की परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास
मंत्री राकेश सचान ने कहा कि हथकरघा क्षेत्र के लिए निर्धारित आरक्षित वस्तुओं की सरकारी खरीद का उद्देश्य केवल खरीद प्रक्रिया पूरी करना नहीं है, बल्कि बुनकर परिवारों को स्थायी रोजगार और बाजार उपलब्ध कराना है।
उन्होंने कहा कि जब बुनकरों को अपने उत्पादों के लिए सुनिश्चित बाजार मिलेगा तो युवा पीढ़ी भी पारंपरिक बुनकरी व्यवसाय से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित होगी। इससे प्रदेश की समृद्ध हथकरघा परंपरा को नई गति मिलेगी और ग्रामीण एवं स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
बैठक में प्रमुख सचिव हथकरघा-वस्त्रोद्योग अनिल सागर, विशेष सचिव शेषमणि पांडेय, संयुक्त आयुक्त पी.सी. ठाकुर सहित स्वास्थ्य विभाग, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग विभाग के अधिकारी तथा अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।






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