**बाढ़ प्रभावितों के लिए योगी सरकार ने झोंकी पूरी प्रशासनिक मशीनरी, राहत-बचाव अभियान तेज**

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लखनऊ, 22 अगस्त। उत्तर प्रदेश में बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रशासनिक मशीनरी पूरी तरह सक्रिय है। राहत आयुक्त कार्यालय की **21 अगस्त की रिपोर्ट** के अनुसार प्रदेश के 19 जिले बाढ़ से प्रभावित हुए हैं, जबकि 14 जिलों में 21 अगस्त को भी बाढ़ का प्रभाव दर्ज किया गया। प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों के साथ नाव, मोटरबोट, एनडीआरएफ-एसडीआरएफ टीमें, मेडिकल टीम और कम्युनिटी किचन लगातार संचालित किए जा रहे हैं।
 
प्रदेश में अब तक **258 गांव बाढ़ से प्रभावित** हुए हैं। इनमें 92 गांवों में आबादी और कृषि दोनों प्रभावित हैं। 27 गांवों में कटान, 75 गांवों में जलभराव से आबादी प्रभावित, 91 गांवों में केवल कृषि प्रभावित और 26 गांवों में संपर्क मार्ग बाधित होने की स्थिति सामने आई है। **157 गांवों में राहत कार्य संचालित** किए जा रहे हैं।
 
### **1.45 लाख से अधिक ग्रामीण आबादी प्रभावित**
 
बाढ़ और जलभराव से ग्रामीण क्षेत्रों की करीब **1.45 लाख से अधिक आबादी** प्रभावित हुई है। प्रशासन ने प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों और बाढ़ शरणालयों तक पहुंचाने की व्यवस्था की है। रिपोर्ट के मुताबिक 1,274 गांवों से संबंधित लोगों को बाढ़ शरणालयों तक पहुंचाया गया है, जबकि **1,905 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया** और 13,611 लोगों के बाढ़ शरणालयों में रहने की व्यवस्था की गई है।
 
### **पशुधन की सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान**
 
योगी सरकार ने बाढ़ प्रभावित परिवारों के साथ उनके पशुधन की सुरक्षा और उपचार को भी प्राथमिकता दी है। रिपोर्ट के अनुसार **15,561 पशु प्रभावित** हुए हैं। इनके लिए पशु शिविर, उपचार और टीकाकरण की व्यवस्था की गई है।
 
अब तक **544 पशुओं का उपचार, 12,695 पशुओं का टीकाकरण** कराया गया है, जबकि पशुओं के लिए **22,636 क्विंटल भूसा** वितरित किया गया है।
 
### **फसल क्षति के लिए 200 करोड़ रुपये से अधिक का अनुदान**
 
बाढ़ और अतिवृष्टि से प्रदेश में **17,428.01 हेक्टेयर क्षेत्र प्रभावित** हुआ है। इसमें 8,452.88 हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि, 3,903.16 हेक्टेयर बोया गया क्षेत्र और 62 हेक्टेयर कटान प्रभावित क्षेत्र शामिल है।
 
फसल क्षति से प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए अब तक **200.31 करोड़ रुपये का अनुदान** दिया जा चुका है।
 
### **1,599 नाव और 621 मोटरबोट राहत कार्य में तैनात**
 
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बचाव और आवागमन के लिए बड़े पैमाने पर संसाधन लगाए गए हैं। प्रशासन ने **1,599 नाव, 621 मोटरबोट और 1,315 स्थानीय गोताखोर** तैनात किए हैं।
 
इसके अलावा **12 एनडीआरएफ, 9 एसडीआरएफ और 7 पीएसी टीमें** राहत-बचाव अभियान में जुटी हैं। खोज एवं बचाव कार्य के लिए **6,032 वाहन** भी लगाए गए हैं।
 
### **राहत सामग्री और स्वास्थ्य सुविधाएं लगातार उपलब्ध**
 
बाढ़ प्रभावित लोगों तक आवश्यक सामग्री पहुंचाने का अभियान जारी है। अब तक **28,126 खाद्यान्न सामग्री पैकेट, 17,424 डिग्निटी किट और 22,883.5 मीटर तिरपाल** वितरित किए गए हैं।
 
पेयजल और स्वास्थ्य सुविधाओं के तहत **1,28,576 लीटर पेयजल, 35,153 ओआरएस पैकेट और 69,834 क्लोरीन टैबलेट** उपलब्ध कराई गई हैं। प्रभावित क्षेत्रों में **1,560 कम्युनिटी किचन/लंगर और 762 मेडिकल टीमें** सक्रिय हैं। सांप काटने की घटनाओं से निपटने के लिए **566 एंटी-स्नेक वेनम** की व्यवस्था भी की गई है।
 
### **गांव-गांव राहत चौपाल, हजारों आपदा मित्र मोर्चे पर**
 
बाढ़ प्रबंधन में स्थानीय स्तर पर भी व्यापक तैयारी की गई है। प्रदेश में अब तक **12,687 राहत चौपालें** आयोजित की गई हैं। वहीं **6,704 प्रशिक्षित आपदा मित्र** प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की मदद और जागरूकता के काम में जुटे हैं।
 
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रशासन को लगातार फील्ड में सक्रिय रहने, प्रभावित लोगों तक समय से राहत पहुंचाने और बचाव कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का जोर है कि **बाढ़ प्रभावित हर व्यक्ति तक राहत पहुंचे और संकट की इस घड़ी में कोई परिवार खुद को अकेला महसूस न करे।** 

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