**वाराणसी से मुख्यमंत्री योगी का बड़ा संदेश: शिक्षक राष्ट्र निर्माण की धुरी, 12 लाख शिक्षकों को कैशलेस इलाज और 1.10 करोड़ विद्यार्थियों को डीबीटी का लाभ**
जनपत की खबर Jul 08, 2026 at 12:50 PM , 15**मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ, शिक्षकों के सामाजिक सुरक्षा कवच का भी विस्तार; शिक्षा व्यवस्था में सुधार और राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर दिया जोर**
वाराणसी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी में मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ करते हुए शिक्षा को राष्ट्र निर्माण की सबसे मजबूत आधारशिला बताया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि एक समय उत्तर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को निहित स्वार्थों के कारण गंभीर क्षति पहुंचाई गई थी, लेकिन पिछले वर्षों में शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक सुधार हुए हैं और आज प्रदेश नई दिशा में आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण का सपना तभी साकार होगा जब शिक्षा व्यवस्था मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लागू की गई राष्ट्रीय शिक्षा नीति भारतीय परंपराओं और आधुनिक आवश्यकताओं का समन्वय है, जो देश के भविष्य को नई दिशा देने का कार्य कर रही है।
उन्होंने शिक्षकों का आह्वान करते हुए कहा कि प्रत्येक बच्चे को विद्यालय तक पहुंचाना और उसे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना सबसे बड़ा राष्ट्रीय दायित्व है। निपुण भारत अभियान का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक बच्चे को बुनियादी शिक्षा में दक्ष बनाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि सुदृढ़ नींव पर ही सशक्त राष्ट्र का निर्माण संभव है और इस जिम्मेदारी का सबसे महत्वपूर्ण दायित्व शिक्षकों पर है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के भविष्य और उसकी अखंडता के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार्य नहीं हो सकता। उन्होंने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे आचार्य चाणक्य, मदन मोहन मालवीय तथा सर्वपल्ली राधाकृष्णन जैसे महान शिक्षाविदों के आदर्शों को अपनाकर नई पीढ़ी का मार्गदर्शन करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा की उपेक्षा का परिणाम प्रदेश ने अतीत में देखा है, लेकिन अब शिक्षा पर किया गया प्रत्येक निवेश प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य की नींव बन रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले नौ वर्षों में शिक्षकों के सम्मान और शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ किया, जिसके माध्यम से प्रदेश के लगभग 12 लाख शिक्षकों एवं उनके आश्रितों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होगी। इसके साथ ही 1.10 करोड़ विद्यार्थियों के अभिभावकों के बैंक खातों में यूनिफॉर्म, जूते-मोजे, स्वेटर, स्कूल बैग एवं स्टेशनरी की खरीद के लिए 1,200 रुपये की धनराशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से भेजी गई।
इस अवसर पर लगभग 10 लाख शिक्षकों एवं संविदा कर्मियों को सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराने के लिए भारतीय स्टेट बैंक के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इसके अंतर्गत जीवन बीमा, व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा, स्थायी विकलांगता कवर तथा हवाई दुर्घटना बीमा जैसी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्तर पर स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार प्राप्त करने वाले उत्तर प्रदेश के 12 स्वच्छ एवं हरित विद्यालयों के प्रधानाचार्यों और प्रधानाध्यापकों को सम्मानित भी किया गया।
बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना शिक्षकों की लंबे समय से लंबित मांग को पूरा करती है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 में प्रदेश की ड्रॉपआउट दर लगभग 15 प्रतिशत थी, जो वर्ष 2026 में घटकर 3 प्रतिशत से भी कम रह गई है। साथ ही प्रदेश के सभी कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों को इंटरमीडिएट स्तर तक उच्चीकृत किया जा चुका है।
कार्यक्रम के माध्यम से राज्य सरकार ने शिक्षकों के स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए शिक्षा क्षेत्र को और अधिक सशक्त बनाने का संदेश दिया।
































Comments