फर्जी कंपनी बनाकर साइबर ठगी करने वाले अंतरराष्ट्रीय गिरोह का भंडाफोड़

जनपत की खबर , 47

लखनऊ।

पुलिस ने चार शातिर अपराधियों के पास से 79 चेकबुक, 77 एटीएम कार्ड, 29 सिम कार्ड, 15 एंड्रॉयड मोबाइल, 14 कीपैड फोन, छह पीओएस मशीनें, तीन लैपटॉप समेत विभिन्न कंपनियों के दस्तावेज बरामद किए।

लखनऊ। राजधानी के थाना सुशांत गोल्फ सिटी और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने सोमवार को एक बड़े कॉरपोरेट साइबर धोखाधड़ी रैकेट का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 79 चेकबुक, 77 एटीएम कार्ड, 29 सिम कार्ड, 15 एंड्रॉयड मोबाइल, 14 कीपैड फोन, छह पीओएस मशीनें, तीन लैपटॉप समेत विभिन्न कंपनियों के दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, 28 जून को सूचना मिली थी कि आवास विकास योजना के एक फ्लैट में साइबर फ्रॉड का संचालन किया जा रहा है। छापेमारी के दौरान चार लोग लैपटॉप और मोबाइल के जरिए संदिग्ध लेनदेन करते मिले। पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी फर्जी कंपनियां बनाकर लोगों के नाम पर करंट अकाउंट खुलवाते थे और उनमें साइबर ठगी की रकम ट्रांसफर कर निकाल लेते थे।
गिरफ्तार आरोपियों में उन्नाव निवासी सत्येन्द्र सविता तथा बिहार के पूर्वी चंपारण निवासी निप्पु कुमार, मनीष कुमार और सन्नी कुमार शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के खिलाफ देश के विभिन्न राज्यों में एनसीआरपी पोर्टल पर 718 शिकायतें दर्ज हैं। गिरोह फर्जी शेल कंपनियां बनाकर कॉर्पोरेट बैंक खातों का इस्तेमाल करता था और साइबर अपराध से प्राप्त धन को कई स्तरों पर ट्रांसफर कर कमीशन के जरिए आर्थिक लाभ उठाता था। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों को न्यायालय में पेश किया है, वही अन्य फरार साथियों की तलाश जारी है।

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