*चोरी हुए मोबाइल फोन को पूरी तरह अनुपयोगी बनाने हेतु सशक्त राष्ट्रीय तंत्र के गठन का अनुरोध, डॉ. राजेश्वर सिंह ने केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव को लिखा पत्र*

जनपत की खबर , 32

*CEIR, NCRB एवं राज्य पुलिस डेटाबेस के एकीकरण का सुझाव, डिजिटल सुरक्षा को और मजबूत बनाने पर जोर*

*चोरी हुए मोबाइल की एक्टिवेशन, पुनर्विक्रय एवं पुनः उपयोग पर प्रभावी रोक लगाने की आवश्यकता बताई*

*लखनऊ।* सरोजिनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर देश में चोरी हुए मोबाइल फोन को पूरी तरह अनुपयोगी बनाने के लिए एक और अधिक सशक्त राष्ट्रीय तंत्र विकसित करने का अनुरोध किया है।

अपने पत्र में डॉ. राजेश्वर सिंह ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डिजिटल इंडिया को सशक्त बनाने तथा संचार साथी और CEIR जैसी पहलों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इन पहलों ने नागरिकों को खोए अथवा चोरी हुए मोबाइल फोन को ब्लॉक करने, ट्रेस करने और वापस प्राप्त करने में महत्वपूर्ण सहायता प्रदान की है।

डॉ. सिंह ने कहा कि मोबाइल फोन चोरी की घटनाएं नागरिकों की गोपनीयता, बैंकिंग सेवाओं, UPI खातों, व्यक्तिगत डेटा और डिजिटल पहचान के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही हैं। उन्होंने आधिकारिक आंकड़ों का उल्लेख करते हुए बताया कि CEIR के माध्यम से देशभर में 50 लाख से अधिक मोबाइल हैंडसेट ब्लॉक किए जा चुके हैं, जिनमें से 31 लाख से अधिक ट्रेस तथा 10 लाख से अधिक बरामद किए गए हैं।

डॉ. राजेश्वर सिंह ने सुझाव दिया कि CEIR, NCRB तथा राज्य पुलिस के FIR डेटाबेस के बीच बेहतर एकीकरण स्थापित किया जाए, ताकि चोरी की रिपोर्ट दर्ज होते ही संबंधित मोबाइल राष्ट्रीय स्तर पर चिन्हित किया जा सके। उन्होंने चोरी हुए मोबाइल फोन का एक समर्पित राष्ट्रीय डेटाबेस विकसित करने की आवश्यकता पर भी बल दिया।

पत्र में यह भी सुझाव दिया गया है कि सत्यापित चोरी हुए मोबाइल फोन का डेटा सुरक्षित व्यवस्था के माध्यम से प्रमुख मोबाइल निर्माताओं एवं तकनीकी कंपनियों के साथ साझा किया जाए, ताकि ऐसे उपकरणों की एक्टिवेशन, पुनर्विक्रय, सर्विसिंग एवं पुनः उपयोग को प्रभावी रूप से रोका जा सके। साथ ही सेकंड-हैंड मोबाइल विक्रेताओं, रिपेयर केंद्रों एवं ऑनलाइन मार्केटप्लेस द्वारा IMEI सत्यापन को प्रोत्साहित करने का सुझाव दिया गया है।

डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि लक्ष्य स्पष्ट होना चाहिए—चोरी हुआ मोबाइल फोन पूरी तरह अनुपयोगी और व्यावसायिक रूप से मूल्यहीन बन जाए। इससे मोबाइल चोरी की घटनाओं में कमी आएगी, साइबर धोखाधड़ी पर अंकुश लगेगा तथा नागरिकों का डिजिटल व्यवस्था पर विश्वास और मजबूत होगा।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव के नेतृत्व में भारत डिजिटल सुरक्षा और नागरिक हितों को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ता रहेगा।

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