वेतन भुगतान में देरी पर शिक्षकों का अल्टीमेटम, सोमवार तक वेतन न मिलने पर जनगणना कार्य के बहिष्कार की चेतावनी
जनपत की खबर Jun 06, 2026 at 12:30 PM , 28लखनऊ।
जनपद लखनऊ के शिक्षकों में लंबित वेतन भुगतान को लेकर गहरा असंतोष और नाराजगी व्याप्त है। शिक्षकों का आरोप है कि जिला प्रशासन और जिलाधिकारी कार्यालय की कार्यप्रणाली से यह स्पष्ट संकेत नहीं मिल रहे हैं कि उनके बकाया वेतन का भुगतान समयबद्ध ढंग से किया जाएगा। ऐसे में शिक्षकों के सामने आर्थिक संकट की स्थिति उत्पन्न हो रही है, जबकि वे लगातार अपने शैक्षणिक एवं प्रशासनिक दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा के साथ कर रहे हैं।
शिक्षक संगठनों का कहना है कि वर्तमान में बड़ी संख्या में शिक्षकों की ड्यूटी देश के महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्यक्रम जनगणना कार्य में लगाई गई है। इसके बावजूद जिला प्रशासन के पास यह स्पष्ट जानकारी तक नहीं है कि कितने शिक्षकों ने अपनी ड्यूटी ज्वाइन कर ली है। शिक्षकों ने इसे प्रशासनिक समन्वय और निगरानी की गंभीर कमी बताते हुए सवाल उठाए हैं।
शिक्षकों का कहना है कि एक ओर उनसे विद्यालयी कार्यों के साथ-साथ विभिन्न प्रशासनिक जिम्मेदारियों का निर्वहन कराया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर उनके वैध और अर्जित वेतन का भुगतान लंबित रखा गया है। इससे शिक्षकों में निराशा और असंतोष लगातार बढ़ रहा है।
शिक्षक समुदाय ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि सोमवार तक लंबित वेतन का भुगतान जारी नहीं किया गया, तो वे सामूहिक रूप से बैठक कर आगे की रणनीति तय करने के लिए बाध्य होंगे। इसमें जनगणना कार्य के बहिष्कार जैसे विकल्पों पर भी विचार किया जा सकता है।
शिक्षकों ने प्रशासन से मांग की है कि वेतन भुगतान की प्रक्रिया में तत्काल तेजी लाई जाए और सभी लंबित भुगतान शीघ्र जारी किए जाएं, ताकि अनावश्यक विवाद, असंतोष और प्रशासनिक बाधाओं से बचा जा सके। उनका कहना है कि कर्मचारियों से अतिरिक्त दायित्वों के निर्वहन की अपेक्षा तभी की जा सकती है, जब उनके मूल अधिकारों और आर्थिक हितों की भी समान रूप से रक्षा की जाए।
शिक्षकों की इस चेतावनी के बाद अब सभी की निगाहें जिला प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं। यदि समय रहते समाधान नहीं निकला, तो जनगणना जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अभियान पर भी इसका प्रभाव पड़ सकता है।































Comments