राजस्थान का पत्थर उद्योग नई ऊंचाइयों के लिए तैयार, प्रदेश को स्टोन इंडस्ट्री का सिरमौर बनाएंगे: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

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जयपुर, 05 फरवरी।
मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान के प्राकृतिक पत्थरों की विशिष्टता की विश्व पटल पर एक अनूठी पहचान है। देशभर के अनेक प्रतिष्ठित संस्थानों, ऐतिहासिक किलों और भव्य महलों में राजस्थान के पत्थरों का उपयोग हुआ है। अब राजस्थान का पत्थर उद्योग नई ऊंचाइयों को छूने के लिए पूरी तरह तैयार है और राज्य सरकार इसे और अधिक सशक्त बनाने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। उन्होंने प्रदेश के सभी उद्यमियों से मिलकर राजस्थान के पत्थर उद्योग को देश में सिरमौर बनाने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री श्री शर्मा गुरुवार को जयपुर के जेईसीसी (जयपुर एग्जीबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर) में आयोजित इंडिया स्टोन मार्ट 2026 के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने सीडॉस, रीको और लघु उद्योग भारती को इस भव्य आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि इंडिया स्टोन मार्ट प्रदर्शनी “नए राजस्थान” के संकल्प का सशक्त प्रतीक है। यह आयोजन भारतीय प्राकृतिक पत्थर उद्योग की शक्ति, क्षमता और संभावनाओं को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इंडिया स्टोन मार्ट की वेबसाइट का पहली बार 26 से अधिक अंतरराष्ट्रीय भाषाओं में निर्माण किया गया है, साथ ही डिजिटल मोबाइल एप्लीकेशन और विशाल प्रदर्शनी क्षेत्र के माध्यम से इसे और अधिक प्रभावी स्वरूप प्रदान किया गया है।
प्रधानमंत्री के नेतृत्व में उद्योगों को मिली नई दिशा
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी और कुशल नेतृत्व में भारत आज वैश्विक विनिर्माण केंद्र के रूप में उभर रहा है। ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ जैसी महत्वाकांक्षी पहल ने उद्योगों को नई दिशा और नया आत्मविश्वास दिया है। भारतीय ग्रेनाइट, संगमरमर और सैंडस्टोन विश्वभर में प्रसिद्ध हैं और भारत अब केवल पत्थर निर्यातक ही नहीं, बल्कि मूल्य संवर्धन और नवाचार का भी केंद्र बन रहा है। यह समय उद्योग के तीव्र विकास का स्वर्णिम अवसर है।
राजस्थान निवेश के लिए सबसे सुरक्षित और अनुकूल राज्य
मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार ने पत्थर उद्योग सहित सभी उद्योगों के लिए निवेश-अनुकूल और नीति-स्थिर वातावरण तैयार किया है। सिंगल विंडो सिस्टम, औद्योगिक आधारभूत ढांचे का सुदृढ़ीकरण, लॉजिस्टिक्स में सुधार और प्रक्रियाओं के सरलीकरण से उद्यमियों को बिना किसी बाधा के निवेश की सुविधा मिल रही है। उन्होंने बताया कि ‘राइजिंग राजस्थान इन्वेस्टमेंट समिट’ के तहत हुए 35 लाख करोड़ रुपये के एमओयू में से लगभग 8 लाख करोड़ रुपये के कार्य प्रारंभ हो चुके हैं।
श्रमिकों की सुरक्षा और सम्मान सर्वोच्च प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान में 85 प्रकार के खनिज उपलब्ध हैं। मकराना का संगमरमर, किशनगढ़ का मार्बल तथा राजसमंद, जालौर, उदयपुर, डूंगरपुर और बांसवाड़ा के पत्थर विश्वभर में प्रसिद्ध हैं। राज्य के पास न केवल समृद्ध खनिज संसाधन हैं, बल्कि सदियों पुरानी शिल्पकला की समृद्ध परंपरा भी है। हमारे कुशल कारीगर और मेहनतकश श्रमिक ही इस उद्योग की वास्तविक शक्ति हैं। सरकार श्रमिकों की सुरक्षा, सम्मान, आधुनिक सुरक्षा उपकरण, कौशल प्रशिक्षण, बेहतर कार्य वातावरण और उचित मजदूरी सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों के समय स्पष्ट औद्योगिक नीतियों के अभाव में उद्योगों का पलायन हुआ और रोजगार के अवसर सीमित हो गए। लेकिन वर्तमान सरकार पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ कार्य कर रही है। हमारा लक्ष्य वर्ष 2030 तक राजस्थान की अर्थव्यवस्था को 350 बिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनाना है।
इस अवसर पर उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार पत्थर उद्योग को आगे बढ़ाने के लिए पूरी तत्परता से कार्य कर रही है। नई निवेशोन्मुख नीतियां और प्रक्रियाओं का सरलीकरण उद्यमियों के लिए वरदान साबित हो रहा है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने स्टोन क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए श्रीराम मेगा स्ट्रक्चर के निदेशक श्री अनिल चौधरी तथा एवर शाइन मार्बल्स के प्रबंध निदेशक श्री मुकेश चंद्र अग्रवाल को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया। इससे पूर्व उन्होंने इंडिया स्टोन मार्ट 2026 प्रदर्शनी का फीता काटकर उद्घाटन किया और विभिन्न स्टॉल्स का अवलोकन किया।
कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री श्री मदन दिलावर, मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास, लघु उद्योग भारती के अखिल भारतीय संगठन मंत्री श्री प्रकाशचंद, आर.के. मार्बल्स के चेयरमैन श्री अशोक पाटनी, ईरान एवं तुर्की के प्रतिनिधि, रीको एवं सीडॉस के अधिकारी, बड़ी संख्या में उद्यमी, वास्तुकार और श्रमिक उपस्थित रहे।

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