केंद्रीय बजट 2026-27 से एमएसएमई, खादी और वस्त्रोद्योग को नई मजबूती: राकेश सचान
अन्य खबरे Feb 01, 2026 at 03:57 PM , 99लखनऊ, 01 फरवरी 2026।
प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम उद्योग, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री श्री राकेश सचान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प, सबका साथ–सबका विकास की भावना और भारत को विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य के अनुरूप केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा लोकसभा में प्रस्तुत नौवां केंद्रीय बजट उद्योग, किसानों और युवाओं के लिए नए अवसरों का मार्ग प्रशस्त करता है।
मंत्री श्री सचान ने कहा कि बजट में वस्त्र क्षेत्र के लिए एक व्यापक एकीकृत कार्यक्रम प्रस्तावित किया गया है, जिसमें राष्ट्रीय फाइबर योजना, वस्त्र विस्तार एवं रोजगार योजना, राष्ट्रीय हथकरघा एवं हस्तशिल्प कार्यक्रम, टेक्स-इको पहल तथा समर्थ 2.0 जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं शामिल हैं। मेगा टेक्सटाइल पार्कों की स्थापना से वस्त्र एवं परिधान उद्योग में बड़े पैमाने पर निवेश और रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
उन्होंने बताया कि खादी, हथकरघा और हस्तशिल्प को बढ़ावा देने के लिए महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल की शुरुआत की जाएगी, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने के साथ-साथ पारंपरिक कारीगरों और बुनकरों को स्थायी आजीविका के अवसर प्राप्त होंगे।
मंत्री ने कहा कि एमएसएमई को चैंपियन बनाने के उद्देश्य से 10,000 करोड़ रुपये का एसएमई ग्रोथ फंड स्थापित किया जाएगा, जबकि आत्मनिर्भर भारत फंड में 2,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त पूंजी डाली जाएगी। टी-रेड्स (TReDS) के माध्यम से तरलता सहायता देकर छोटे उद्यमों को वित्तीय रूप से मजबूत किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त ‘कॉर्पोरेट मित्र’ व्यवस्था के माध्यम से एमएसएमई को व्यावसायिक मार्गदर्शन और सहयोग मिलेगा। उन्होंने बताया कि देशभर में 200 विरासत औद्योगिक समूहों का कायाकल्प किया जाएगा, जिनमें हथकरघा और हस्तशिल्प से जुड़े क्लस्टर भी शामिल होंगे।
निर्यात को प्रोत्साहन देने के लिए जूते के ऊपरी हिस्सों के शुल्क-मुक्त आयात का विस्तार किया गया है तथा चमड़ा और वस्त्र परिधान के निर्यात समय-सीमा में वृद्धि जैसे महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं।
मंत्री राकेश सचान ने कहा कि यह बजट प्रदेश के एमएसएमई, खादी, हथकरघा, रेशम और वस्त्रोद्योग से जुड़े लाखों उद्यमियों, कारीगरों और श्रमिकों के लिए नए अवसरों का सृजन करेगा और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को और अधिक मजबूती प्रदान करेगा।



























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